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रिफाइनरी के यूरो सिक्स प्लांट का निर्माण अटका
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 18 Aug 2016 10:51 PM IST
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पेट्रोल
- फोटो : amar ujala
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मथुरा रिफाइनरी के यूरो सिक्स प्लांट की स्थापना ग्रामीणों से जमीन के विवाद में लटक गई है। प्लांट के लिए चयनित की गई जमीन से गुजरने वाला रास्ता रिफाइनरी और गांव भैंसा के लोगों के बीच विवाद का कारण बन गया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने मथुरा रिफाइनरी को इसी साल से यूरो-सिक्स पेट्रोल के उत्पादन की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए रिफाइनरी ने गांव भैंसा क्षेत्र में नवीन प्लांट की स्थापना के लिए जमीन चयनित की है।
चयनित की गई इस जमीन के बीच में गांव भैंसा के लोगों ने अपने आवागमन का सुलभ रास्ता बना लिया है। भले ही यह जमीन रिफाइनरी के स्वामित्व में हो, लेकिन ग्रामीण इस पर रास्ते की सुविधा को बंद करने का विरोध कर रहे हैं।
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यह समस्या रिफाइनरी प्रशासन ने जिला प्रशासन के समक्ष रखी है। इस पर सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते का उपयोग वह वर्षों से करते आ रहे हैं।
ग्रामीणों से वार्ता के बाद सीडीओ ने रिफाइनरी अफसरों को गांव में कुछ जनसुविधाएं प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें खारे पानी की समस्या से जूझते गांव में पीने के पानी की व्यवस्था कराया जाना शामिल है। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी कोई सहमति नहीं हो सकी है।
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पेट्रोलियम मंत्रालय ने मथुरा रिफाइनरी को इसी साल से यूरो-सिक्स पेट्रोल के उत्पादन की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए रिफाइनरी ने गांव भैंसा क्षेत्र में नवीन प्लांट की स्थापना के लिए जमीन चयनित की है।
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चयनित की गई इस जमीन के बीच में गांव भैंसा के लोगों ने अपने आवागमन का सुलभ रास्ता बना लिया है। भले ही यह जमीन रिफाइनरी के स्वामित्व में हो, लेकिन ग्रामीण इस पर रास्ते की सुविधा को बंद करने का विरोध कर रहे हैं।
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यह समस्या रिफाइनरी प्रशासन ने जिला प्रशासन के समक्ष रखी है। इस पर सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने ग्रामीणों से बात की। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते का उपयोग वह वर्षों से करते आ रहे हैं।
ग्रामीणों से वार्ता के बाद सीडीओ ने रिफाइनरी अफसरों को गांव में कुछ जनसुविधाएं प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें खारे पानी की समस्या से जूझते गांव में पीने के पानी की व्यवस्था कराया जाना शामिल है। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी कोई सहमति नहीं हो सकी है।