{"_id":"6a8a0471331bb23c4206be60","slug":"ethanol-produced-maize-and-rice-sugarcane-sugar-mill-mathura-news-c-369-1-mt11009-151431-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: गन्ने के साथ मक्का-चावल से भी बनेगा एथनॉल, 240 करोड़ से संवारेगी शुगर मिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: गन्ने के साथ मक्का-चावल से भी बनेगा एथनॉल, 240 करोड़ से संवारेगी शुगर मिल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। लंबे समय से बंद पड़ी छाता शुगर मिल को फिर से संचालित करने की दिशा में कदम उठाने की घोषणा की गई है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि छाता शुगर मिल का करीब 240 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मॉडल पर जीर्णोद्धार कराया जाएगा। चीनी के साथ-साथ मक्का और चावल से एथनॉल भी बनाया जाएगा। सितंबर के अंतिम सप्ताह में इसका शिलान्यास हो सकता है।
मंत्री ने बताया कि मिल को आधुनिक तकनीक और नई व्यवस्थाओं से विकसित किया जाएगा, ताकि इसे केवल गन्ने की पेराई तक सीमित न रखा जाए। मिल परिसर में एथनॉल उत्पादन की भी व्यवस्था की जाएगी। मिल पर सरकार का नियंत्रण रहेगा, जिससे किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार मिल सके। शुरुआती चरण में मिल में प्रतिदिन करीब 10 हजार क्विंटल गन्ने की खपत होगी।
गन्ने की खपत समाप्त होने के बाद योजना के अनुसार मक्का और चावल से एथनॉल तैयार किया जाएगा। इससे मिल को पूरे वर्ष संचालित रखने में मदद मिलेगी। मक्का की खपत और किसानों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए आगरा जोन के सभी जिलों को योजना से जोड़ने की तैयारी है। इससे अधिक से अधिक किसान को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
सरकार के हाथ में होगा मिल का नियंत्रण
मिल के शुरू होने के बाद सरकार की ओर से जनरल मैनेजर (जीएम) की नियुक्ति की जाएगी। जीएम मिल के दैनिक संचालन, उत्पादन और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन भी मिल की गतिविधियों पर नजर रखेगा।
विज्ञापन
मंत्री ने बताया कि मिल को आधुनिक तकनीक और नई व्यवस्थाओं से विकसित किया जाएगा, ताकि इसे केवल गन्ने की पेराई तक सीमित न रखा जाए। मिल परिसर में एथनॉल उत्पादन की भी व्यवस्था की जाएगी। मिल पर सरकार का नियंत्रण रहेगा, जिससे किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार मिल सके। शुरुआती चरण में मिल में प्रतिदिन करीब 10 हजार क्विंटल गन्ने की खपत होगी।
विज्ञापन
गन्ने की खपत समाप्त होने के बाद योजना के अनुसार मक्का और चावल से एथनॉल तैयार किया जाएगा। इससे मिल को पूरे वर्ष संचालित रखने में मदद मिलेगी। मक्का की खपत और किसानों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए आगरा जोन के सभी जिलों को योजना से जोड़ने की तैयारी है। इससे अधिक से अधिक किसान को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
सरकार के हाथ में होगा मिल का नियंत्रण
मिल के शुरू होने के बाद सरकार की ओर से जनरल मैनेजर (जीएम) की नियुक्ति की जाएगी। जीएम मिल के दैनिक संचालन, उत्पादन और अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन भी मिल की गतिविधियों पर नजर रखेगा।