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छरौरा मामले में लापरवाही पर कप्तान ने दिए जांच के आदेश
अमर उजाला मथुरा/वृंदावन
Updated Thu, 20 Oct 2016 11:37 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
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छरौरा गांव में डबल मर्डर वृंदावन पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। अगर पुलिस पहले हुई घटनाओं को गंभीरता से लेती तो आज दो सगे भाई जिंदा होते। दोहरे हत्याकांड में एसएसपी मोहित गुप्ता ने भी वृंदावन पुलिस को लापरवाह मानते हुए जांच के आदेश दिए। मामले में कोतवाल, बीट दरोगा से लेकर हलके के सिपाही तक जांच के घेरे में आ रहे हैं।
बता दें कि गांव छरौरा के डोरीलाल की दो पुत्रियों मालती और गीता का विवाह थाना यमुनापार के गांव डेंगरा, लक्ष्मीनगर निवासी मनीष और रवि से 20 मई 2013 को हुआ। एक साल बाद ही दोनों बहनें मायके लौट आईं। कई बार प्रयास किए गए लेकिन सगी बहनें ससुराल नहीं गई। इसी बीच में इन बहनों के भाई विष्णु पर दो बार हमला हुआ। नौ सितंबर को मसानी चौराहे पर एसिड अटैक हुआ, जिसका मुकद्दमा संजय और मनीष के खिलाफ थाना गोविंदनगर में दर्ज है।
इससे पहले भी घर पर बुलाकर विष्णु पर हमला किया गया। जिससे उसके सर में चोट आई। बुधवार की रात को दो सगे भाइयों मनीष और संजय को गांव छरौरा में बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। दोहरे हत्याकांड से जिले में खलबली है। एसएसपी मोहित गुप्ता ने पहले हुए हमले पर गंभीरता न बरतने का जिम्मेदार वृंदावन कोतवाली पुलिस को माना है। एसएसपी का मानना है कि अगर दोनों पक्षों के खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई पुलिस करती तो हत्याकांड नहीं होता।
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वहीं छरौरावासियों का कहना है कि बुधवार रात को गांव में बदमाश आने का हल्ला मच गया था। बदमाशों से टकराने के लिए गांव के लोग घरों से लाठी-डंडे और असलहे लेकर एकत्रित होते गए। इस बीच कुछ लोगों ने वृंदावन पुलिस के साथ ही 100 नंबर पर कंट्रोल रूम को जानकारी दी। इसके बाद भी पुलिस देर से पहुंची तब तक दो भाईयों की मौत हो गई थी।
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बता दें कि गांव छरौरा के डोरीलाल की दो पुत्रियों मालती और गीता का विवाह थाना यमुनापार के गांव डेंगरा, लक्ष्मीनगर निवासी मनीष और रवि से 20 मई 2013 को हुआ। एक साल बाद ही दोनों बहनें मायके लौट आईं। कई बार प्रयास किए गए लेकिन सगी बहनें ससुराल नहीं गई। इसी बीच में इन बहनों के भाई विष्णु पर दो बार हमला हुआ। नौ सितंबर को मसानी चौराहे पर एसिड अटैक हुआ, जिसका मुकद्दमा संजय और मनीष के खिलाफ थाना गोविंदनगर में दर्ज है।
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इससे पहले भी घर पर बुलाकर विष्णु पर हमला किया गया। जिससे उसके सर में चोट आई। बुधवार की रात को दो सगे भाइयों मनीष और संजय को गांव छरौरा में बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया। दोहरे हत्याकांड से जिले में खलबली है। एसएसपी मोहित गुप्ता ने पहले हुए हमले पर गंभीरता न बरतने का जिम्मेदार वृंदावन कोतवाली पुलिस को माना है। एसएसपी का मानना है कि अगर दोनों पक्षों के खिलाफ गंभीरता से कार्रवाई पुलिस करती तो हत्याकांड नहीं होता।
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वहीं छरौरावासियों का कहना है कि बुधवार रात को गांव में बदमाश आने का हल्ला मच गया था। बदमाशों से टकराने के लिए गांव के लोग घरों से लाठी-डंडे और असलहे लेकर एकत्रित होते गए। इस बीच कुछ लोगों ने वृंदावन पुलिस के साथ ही 100 नंबर पर कंट्रोल रूम को जानकारी दी। इसके बाद भी पुलिस देर से पहुंची तब तक दो भाईयों की मौत हो गई थी।