{"_id":"68e6be4454f32218bf08baa6","slug":"energy-corporation-transformers-and-poles-were-found-in-the-contractors-warehouse-mathura-news-c-160-1-sagr1034-105381-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: ऊर्जा निगम के ट्रांसफार्मर, खंभे मिले ठेकेदार के गोदाम में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: ऊर्जा निगम के ट्रांसफार्मर, खंभे मिले ठेकेदार के गोदाम में
विज्ञापन
नवीन गोयल
कोसीकलां। ऊर्जा निगम का सरकारी सामान निजी ठेकेदार के गोदाम में मिलने का मामला सामने आया है। सामान की कीमत करीब 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इससे विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी का गठन किया है, जो जल्दी अपनी रिपोर्ट देगी।
कोटवन औद्योगिक क्षेत्र में तैनात तत्कालीन जेई ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आए ट्रांसफार्मर, खंभे, बंच और क्लैंप आदि सामान को एक निजी ठेकेदार के गोदाम में रखवा दिया। जिसमें करीब 25 केवीए और 63 केवीए के 15 ट्रांसफार्मर, बंच, 30 खंभे, क्लैंप आदि सामान शामिल है। इसका वीडियो बनाकर किसी ने वायरल कर दिया। वीडियो को देख कर अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
जानकार बताते हैं कि जेई को प्रतिमाह एक ट्रांसफार्मर विभाग से स्वीकृत कराने की अनुमति है। इसी तरह से जेई ने यह सामान एकत्रित करके निजी ठेकेदार के गोदाम में रखवा दिया। इस सामान को जेई, ठेकेदार के माध्यम से निजी कॉलोनाइजर एवं औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को देकर उनसे मोटी रकम वसूलकर विभाग को चूना लगा रहे थे। कई दिन तक मामले को लीपा पोती करने के प्रयास चलते रहे। ठेकेदार भी विभागीय जांच के घेरे में है। मामले की गूंज आगरा प्रबंध निदेशक कार्यालय तक पहुंचने के बाद जांच कमेटी का गठन किया गया। संवाद
विज्ञापन
मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें एसडीओ छाता, जेई कोसी और कोटवन को शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। विभाग को क्षति पहुंचाने वालों के साथ सख्ती से पेश आया जाएगा।
एसपी सिंह, एक्सईएन, कोसी डिवीजन
विज्ञापन
कोसीकलां। ऊर्जा निगम का सरकारी सामान निजी ठेकेदार के गोदाम में मिलने का मामला सामने आया है। सामान की कीमत करीब 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इससे विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी का गठन किया है, जो जल्दी अपनी रिपोर्ट देगी।
कोटवन औद्योगिक क्षेत्र में तैनात तत्कालीन जेई ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आए ट्रांसफार्मर, खंभे, बंच और क्लैंप आदि सामान को एक निजी ठेकेदार के गोदाम में रखवा दिया। जिसमें करीब 25 केवीए और 63 केवीए के 15 ट्रांसफार्मर, बंच, 30 खंभे, क्लैंप आदि सामान शामिल है। इसका वीडियो बनाकर किसी ने वायरल कर दिया। वीडियो को देख कर अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
जानकार बताते हैं कि जेई को प्रतिमाह एक ट्रांसफार्मर विभाग से स्वीकृत कराने की अनुमति है। इसी तरह से जेई ने यह सामान एकत्रित करके निजी ठेकेदार के गोदाम में रखवा दिया। इस सामान को जेई, ठेकेदार के माध्यम से निजी कॉलोनाइजर एवं औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को देकर उनसे मोटी रकम वसूलकर विभाग को चूना लगा रहे थे। कई दिन तक मामले को लीपा पोती करने के प्रयास चलते रहे। ठेकेदार भी विभागीय जांच के घेरे में है। मामले की गूंज आगरा प्रबंध निदेशक कार्यालय तक पहुंचने के बाद जांच कमेटी का गठन किया गया। संवाद
विज्ञापन
मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें एसडीओ छाता, जेई कोसी और कोटवन को शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। विभाग को क्षति पहुंचाने वालों के साथ सख्ती से पेश आया जाएगा।
एसपी सिंह, एक्सईएन, कोसी डिवीजन