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बीएसए डिग्री कॉलेज : रीडर-प्राचार्य के विवाद में शिक्षा संकाय में लगा ताला
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मथुरा। शहर की प्रतिष्ठित और प्राचीन शिक्षण संस्था बीएसए डिग्री कॉलेज में अब शिक्षा संकाय के रीडर ने प्राचार्य पर वेतन न दिलाने का आरोप लगाया है। इसके चलते शनिवार से शिक्षा संकाय में ताला लटका है। सोमवार को शिक्षक बाहर बैठे रहे। प्रवेश प्रक्रिया भी दूसरे कमरों में बैठकर पूरी की गई। प्राचार्य का कहना है कि रीडर का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। वेतन के मामले में भी मैनेजमेंट को निर्णय लेना है। कुछ दिन पूर्व मैनेजमेंट के विवाद को लेकर भी बीएसए कॉलेज चर्चा में रहा था।
बीएसए डिग्री कॉलेज के शिक्षा संकाय में रीडर बीके गोस्वामी का कहना है कि उनकी नियुक्ति विश्वविद्यालय द्वारा बनाई गई चयन समिति के माध्यम से 26 वर्ष पूर्व हुई थी। नियुक्ति का अनुमोदन कुलपति ने प्रदान किया था। इन दिनों कॉलेज मैनेजमेंट में विवाद चल रहा है। इस कारण विश्वविद्यालय द्वारा एकल संचालन के तहत प्राचार्य को सभी अधिकार दे रखे हैं। इसके तहत कुलपति ने 2019 में प्राचार्य को वेतन भुगतान के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन उन्होंने भुगतान नहीं दिया। गोस्वामी का कहना है कि वह प्रतिदिन कॉलेज जा रहे हैं और विभागाध्यक्ष के पद पर कार्य कर रहे हैं।
शनिवार को उन्हें मुख्य द्वार पर कुछ लोगों ने रोक दिया। विभाग में बैठे शिक्षकों को बाहर निकालकर एक कर्मचारी ने गेट पर ताला लगा दिया। शिक्षकों को बाहर बैठना पड़ा। इस मामले को लेकर वह सोमवार को कुलपति से मिलने विश्वविद्यालय गए। उधर, सोमवार को भी शिक्षा संकाय का ताला नहीं खुला। हालांकि प्राचार्य डॉ. बबिता अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने विभाग में ताला नहीं लगवाया है।
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वेतन के संबंध में मैनेजमेंट को लेना है निर्णय: प्राचार्य
बीएसए डिग्री कॉलेज की प्राचार्य डॉ. बबिता अग्रवाल का कहना है कि डॉ. बीके गोस्वामी के वेतन के संबंध में निर्णय कॉलेज के मैनेजमेंट को लेना है। यह उनके स्तर का मामला नहीं है। हालांकि डॉ. बीके गोस्वामी उनसे ही वेतन लेने की जिद पर अड़े हैं। दूसरी ओर उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर 22 जनवरी को सुनवाई होनी है। उन्हें इंतजार करना चाहिए। वह कॉलेज में आकर माहौल खराब करते हैं। इसी कारण शिक्षा संकाय के प्रवेश प्रक्रिया संबंधी कार्य अपने ऑफिस और दूसरे संकायों में पूरे करा रही हैं।
समाजसेवी प्रमोद कसेरे के प्रयासों से भी नहीं निपटा मैनेजमेंट का विवाद
बीएसए डिग्री कॉलेज के संचालन को लेकर अग्रवाल शिक्षा मंडल और श्री अग्रवाल शिक्षा मंडल में विवाद है। शहर की प्रतिष्ठित संस्था के मैनेजमेंट का विवाद लंबे समय से है। इससे कॉलेज की छवि भी धूमिल हो रही है। अग्रवाल शिक्षा मंडल से महेश बंसल अध्यक्ष और डॉ. अनुज गर्ग सचिव हैं और श्री अग्रवाल शिक्षा मंडल में कंचन लाल अग्रवाल अध्यक्ष और राजेश अग्रवाल सचिव हैं। विगत 30 अगस्त 2020 को डीएम सर्वज्ञराम मिश्र की मध्यस्थता में समाजसेवी प्रमोद गर्ग कसेरे ने मैनेजमेंट में शामिल लोगों के साथ बैठक की। इसमें सभी ने कसेरे के निर्णय को मान्यता देते हुए विवाद समाप्त करने की घोषणा कर दी। बाद में पुन: विवाद शुरू हो गया। प्रमोद गर्ग कसेरे ने बताया कि उन्होंने विवाद निपटाने के लिए काफी प्रयास किए हैं, लेकिन एक पक्ष अपनी जिद पर अड़ा है। इस कारण समाधान नहीं हो पा रहा।
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बीएसए डिग्री कॉलेज के शिक्षा संकाय में रीडर बीके गोस्वामी का कहना है कि उनकी नियुक्ति विश्वविद्यालय द्वारा बनाई गई चयन समिति के माध्यम से 26 वर्ष पूर्व हुई थी। नियुक्ति का अनुमोदन कुलपति ने प्रदान किया था। इन दिनों कॉलेज मैनेजमेंट में विवाद चल रहा है। इस कारण विश्वविद्यालय द्वारा एकल संचालन के तहत प्राचार्य को सभी अधिकार दे रखे हैं। इसके तहत कुलपति ने 2019 में प्राचार्य को वेतन भुगतान के लिए निर्देश दिए थे, लेकिन उन्होंने भुगतान नहीं दिया। गोस्वामी का कहना है कि वह प्रतिदिन कॉलेज जा रहे हैं और विभागाध्यक्ष के पद पर कार्य कर रहे हैं।
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शनिवार को उन्हें मुख्य द्वार पर कुछ लोगों ने रोक दिया। विभाग में बैठे शिक्षकों को बाहर निकालकर एक कर्मचारी ने गेट पर ताला लगा दिया। शिक्षकों को बाहर बैठना पड़ा। इस मामले को लेकर वह सोमवार को कुलपति से मिलने विश्वविद्यालय गए। उधर, सोमवार को भी शिक्षा संकाय का ताला नहीं खुला। हालांकि प्राचार्य डॉ. बबिता अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने विभाग में ताला नहीं लगवाया है।
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वेतन के संबंध में मैनेजमेंट को लेना है निर्णय: प्राचार्य
बीएसए डिग्री कॉलेज की प्राचार्य डॉ. बबिता अग्रवाल का कहना है कि डॉ. बीके गोस्वामी के वेतन के संबंध में निर्णय कॉलेज के मैनेजमेंट को लेना है। यह उनके स्तर का मामला नहीं है। हालांकि डॉ. बीके गोस्वामी उनसे ही वेतन लेने की जिद पर अड़े हैं। दूसरी ओर उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर 22 जनवरी को सुनवाई होनी है। उन्हें इंतजार करना चाहिए। वह कॉलेज में आकर माहौल खराब करते हैं। इसी कारण शिक्षा संकाय के प्रवेश प्रक्रिया संबंधी कार्य अपने ऑफिस और दूसरे संकायों में पूरे करा रही हैं।
समाजसेवी प्रमोद कसेरे के प्रयासों से भी नहीं निपटा मैनेजमेंट का विवाद
बीएसए डिग्री कॉलेज के संचालन को लेकर अग्रवाल शिक्षा मंडल और श्री अग्रवाल शिक्षा मंडल में विवाद है। शहर की प्रतिष्ठित संस्था के मैनेजमेंट का विवाद लंबे समय से है। इससे कॉलेज की छवि भी धूमिल हो रही है। अग्रवाल शिक्षा मंडल से महेश बंसल अध्यक्ष और डॉ. अनुज गर्ग सचिव हैं और श्री अग्रवाल शिक्षा मंडल में कंचन लाल अग्रवाल अध्यक्ष और राजेश अग्रवाल सचिव हैं। विगत 30 अगस्त 2020 को डीएम सर्वज्ञराम मिश्र की मध्यस्थता में समाजसेवी प्रमोद गर्ग कसेरे ने मैनेजमेंट में शामिल लोगों के साथ बैठक की। इसमें सभी ने कसेरे के निर्णय को मान्यता देते हुए विवाद समाप्त करने की घोषणा कर दी। बाद में पुन: विवाद शुरू हो गया। प्रमोद गर्ग कसेरे ने बताया कि उन्होंने विवाद निपटाने के लिए काफी प्रयास किए हैं, लेकिन एक पक्ष अपनी जिद पर अड़ा है। इस कारण समाधान नहीं हो पा रहा।