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छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही टीम को मिल रहीं धमकियां
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मथुरा। छात्रवृत्ति घोटाले में फंसी शिक्षण संस्थाओं की 14 बिंदुओं की जांच कर रही टीम पर तरह-तरह के दबाव डाले जा रहे हैं। जांच कर रहे नोडल अधिकारियों का कहना है कि उन्हें तरह-तरह की धमकियां भी मिल रही हैं लेकिन वह निष्पक्ष जांच करने में जुटे हैं। अब वह कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहे हैं।
करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले की गूंज पूरे प्रदेश में है लेकिन मथुरा में इस घोटाले की जड़ें बहुत गहरी हैं। यहां पर कई शिक्षण संस्थाएं ऐसी भी हैं, जिनके पास न तो बिल्डिंग है और न ही छात्र। इसके बाद भी उनके द्वारा करोड़ों रुपये छात्रों के नाम पर सरकार को नुकसान पहुंचाया है। इस घोटाले के प्रकाश में आने के बाद करीब 500 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थाओं की 14 बिंदुओं पर मांट के महाविद्यालय के प्रोफेसर सतेंद्र सिंह चाहर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके साथ तीन अन्य प्रवक्ताओं की टीम के द्वारा अभी तक समाज कल्याण विभाग में बैठकर जांच की जा रही थी लेकिन अब वह अपने ही विद्यालय में बैठकर जांच कर रहे हैं। उनके द्वारा जांच की शुरूआत में कई लोगों द्वारा फोन पर धमकियां दी गईं। नोडल अधिकारी डॉ. सतेंद्र सिंह चाहर का कहना है कि वह अपनी जांच निष्पक्ष रूप से कर रहे हैं और करते रहेंगे। उन्हें कुछ लोगों द्वारा धमकियां भी दी गई हैं।
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करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले की गूंज पूरे प्रदेश में है लेकिन मथुरा में इस घोटाले की जड़ें बहुत गहरी हैं। यहां पर कई शिक्षण संस्थाएं ऐसी भी हैं, जिनके पास न तो बिल्डिंग है और न ही छात्र। इसके बाद भी उनके द्वारा करोड़ों रुपये छात्रों के नाम पर सरकार को नुकसान पहुंचाया है। इस घोटाले के प्रकाश में आने के बाद करीब 500 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थाओं की 14 बिंदुओं पर मांट के महाविद्यालय के प्रोफेसर सतेंद्र सिंह चाहर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनके साथ तीन अन्य प्रवक्ताओं की टीम के द्वारा अभी तक समाज कल्याण विभाग में बैठकर जांच की जा रही थी लेकिन अब वह अपने ही विद्यालय में बैठकर जांच कर रहे हैं। उनके द्वारा जांच की शुरूआत में कई लोगों द्वारा फोन पर धमकियां दी गईं। नोडल अधिकारी डॉ. सतेंद्र सिंह चाहर का कहना है कि वह अपनी जांच निष्पक्ष रूप से कर रहे हैं और करते रहेंगे। उन्हें कुछ लोगों द्वारा धमकियां भी दी गई हैं।
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