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‘नौ फरवरी को सामने आया जेएनयू का सच’
अमर उजाला ब्यूरो वृंदावन
Updated Sat, 26 Mar 2016 12:15 AM IST
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डूसू अध्यक्ष ने कहा जेएनयू में पहले से जारी हैं देश विरोधी गतिविधियां
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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जेएनयू में देश विरोधी गतिविधियां तो बीते कई दशकों से जारी थीं लेकिन नौ फरवरी की रात को इसकी सच्चाई सबके सामने आ गई। यह बात दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष सत्येंद्र अमाना ने वृंदावन आगमन पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही।
डूसू अध्यक्ष ने कहा कि नौ फरवरी की रात को जेएनयू में जो भी हुआ वह देश ही नहीं समाज के लिए भी घातक है। उन्होंने बताया कि जेएनयू वीसी ने संयोजक उमर खालिद को नौ फरवरी की रात में कार्यक्रम करने की अनुमति दी थी। इसके बाद जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने वीसी पर दबाव बनाकर अनुमति ली और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर छात्रों को भड़काने, देश के संविधान और कानून को नकारने की बात कही।
सत्येंद्र अमाना ने कहा कि कुछ लोग छात्र राजनीति का दुरुपयोग कर रहे हैं। एबीवीपी ऐसी राजनीति का हमेशा विरोध करती आई है और करती रहेगी। जेएनयू की शिक्षा प्रणाली अच्छी है लेकिन शिक्षा के प्रति भ्रम फैलाया जा रहा है।
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डूसू अध्यक्ष ने बताया कि वहीं नए सत्र में विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए हर वर्ष 3 लाख से ज्यादा आवेदन आते है लेकिन 50 हजार छात्रों को ही प्रवेश मिल पाता है। उन्होंने कहा कि कम से कम 3 लाख में से 1.5 लाख छात्रों को प्रवेश मिले। इसके लिए सार्थक प्रयास होने चाहिए।
केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली में 20 नए कालेज खोलने की बात कह रही है। इसे पूरा करवाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केजरीवाल सरकार पर दबाव बनाएगी। इस अवसर पर शशांक शर्मा, अखिल चौधरी, सनी चौहान, चेतन शर्मा, शुभम पाठक, जीतू चौधरी, दीपू उपाध्याय, विनीत गौतम आदि उपस्थित थे।
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डूसू अध्यक्ष ने कहा कि नौ फरवरी की रात को जेएनयू में जो भी हुआ वह देश ही नहीं समाज के लिए भी घातक है। उन्होंने बताया कि जेएनयू वीसी ने संयोजक उमर खालिद को नौ फरवरी की रात में कार्यक्रम करने की अनुमति दी थी। इसके बाद जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने वीसी पर दबाव बनाकर अनुमति ली और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर छात्रों को भड़काने, देश के संविधान और कानून को नकारने की बात कही।
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सत्येंद्र अमाना ने कहा कि कुछ लोग छात्र राजनीति का दुरुपयोग कर रहे हैं। एबीवीपी ऐसी राजनीति का हमेशा विरोध करती आई है और करती रहेगी। जेएनयू की शिक्षा प्रणाली अच्छी है लेकिन शिक्षा के प्रति भ्रम फैलाया जा रहा है।
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डूसू अध्यक्ष ने बताया कि वहीं नए सत्र में विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए हर वर्ष 3 लाख से ज्यादा आवेदन आते है लेकिन 50 हजार छात्रों को ही प्रवेश मिल पाता है। उन्होंने कहा कि कम से कम 3 लाख में से 1.5 लाख छात्रों को प्रवेश मिले। इसके लिए सार्थक प्रयास होने चाहिए।
केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली में 20 नए कालेज खोलने की बात कह रही है। इसे पूरा करवाने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केजरीवाल सरकार पर दबाव बनाएगी। इस अवसर पर शशांक शर्मा, अखिल चौधरी, सनी चौहान, चेतन शर्मा, शुभम पाठक, जीतू चौधरी, दीपू उपाध्याय, विनीत गौतम आदि उपस्थित थे।