{"_id":"649c812b6294bf0edb071dd4","slug":"drug-inspector-reprimanded-by-the-high-court-directed-to-appear-mathura-news-c-29-1-mtr1009-96289-2023-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: औषधि निरीक्षक को हाईकोर्ट की फटकार, पेश होने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: औषधि निरीक्षक को हाईकोर्ट की फटकार, पेश होने के निर्देश
Thu, 29 Jun 2023 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Thu, 29 Jun 2023 12:21 AM IST
विज्ञापन
मथुरा। यमुनापार क्षेत्र में औषधि निरीक्षक अनिल कुमार आनंद द्वारा 10 लाख रुपए की दवाइयां थाने में सीज कराए जाने पर हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। लाइसेंस धारक विनोद कुमार की याचिका पर कोर्ट ने निरीक्षण के 21 दिन बाद पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने पर सवाल उठाए हुए औषधि निरीक्षक को कोर्ट में तलब किया हैं।
विनोद कुमार पुत्र डॉ. भगवान सिंह निवासी यमुनापार ने औषधि निरीक्षक द्वारा की गई कार्रवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने बताया कि औषधि लाइसेंस और दवाओं के बिल होने के बावजूद सीज की कार्रवाई की। इस दौरान औषधि निरीक्षक ने गैर लाइसेंस वाली औषधियों की खरीद और बेचना दर्शाया। इतना ही नहीं इस कार्रवाई के 21 दिन बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं मनीष कुमार निगम ने पूरे मामले में औषधि निरीक्षक की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने संपूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाते हुए औषधि निरीक्षक को व्यक्तिगत हलफनामे सहित न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विनोद कुमार पुत्र डॉ. भगवान सिंह निवासी यमुनापार ने औषधि निरीक्षक द्वारा की गई कार्रवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने बताया कि औषधि लाइसेंस और दवाओं के बिल होने के बावजूद सीज की कार्रवाई की। इस दौरान औषधि निरीक्षक ने गैर लाइसेंस वाली औषधियों की खरीद और बेचना दर्शाया। इतना ही नहीं इस कार्रवाई के 21 दिन बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं मनीष कुमार निगम ने पूरे मामले में औषधि निरीक्षक की भूमिका पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने संपूर्ण कार्रवाई पर रोक लगाते हुए औषधि निरीक्षक को व्यक्तिगत हलफनामे सहित न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन