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Mathura News: दूसरी बार वृंदावन आने वाली तीसरी राष्ट्रपति हैं द्रौपदी मुर्मू
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वृंदावन। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च को श्रीधाम वृंदावन पहुंचेंगी। इस दौरे के साथ वह लगातार तीसरी ऐसी राष्ट्रपति बन जाएंगी जो दूसरी बार वृंदावन पधार रही हैं। इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी भी दो-दो बार वृंदावन की यात्रा कर चुके हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार 25 सितंबर 2025 को वृंदावन आई थीं। अब 19 मार्च को उनका पुनः आगमन प्रस्तावित है, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके पहले पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने कार्यकाल के दौरान दो बार वृंदावन का दौरा किया था। उनका पहला दौरा 28 नवंबर 2019 को और दूसरा दौरा 27 जून 2022 को हुआ था। इसी प्रकार पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी भी दो बार वृंदावन पधारे थे। उन्होंने 16 नवंबर 2014 तथा 18 नवंबर 2015 को ब्रजधाम में दर्शन किए थे। वहीं वर्ष 1987 में पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह तथा वर्ष 1957 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद एक-एक बार वृंदावन दर्शन करने पहुंचे थे। डॉ. शंकरदयाल शर्मा वर्ष 1993 में, आर. वेंकटरमण वर्ष 1985 में तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन वर्ष 1959 में वृंदावन आए थे। हालांकि उस समय वे देश के उपराष्ट्रपति थे और बाद में राष्ट्रपति पद पर आसीन हुए।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार 25 सितंबर 2025 को वृंदावन आई थीं। अब 19 मार्च को उनका पुनः आगमन प्रस्तावित है, जिसे लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके पहले पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने कार्यकाल के दौरान दो बार वृंदावन का दौरा किया था। उनका पहला दौरा 28 नवंबर 2019 को और दूसरा दौरा 27 जून 2022 को हुआ था। इसी प्रकार पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी भी दो बार वृंदावन पधारे थे। उन्होंने 16 नवंबर 2014 तथा 18 नवंबर 2015 को ब्रजधाम में दर्शन किए थे। वहीं वर्ष 1987 में पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह तथा वर्ष 1957 में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद एक-एक बार वृंदावन दर्शन करने पहुंचे थे। डॉ. शंकरदयाल शर्मा वर्ष 1993 में, आर. वेंकटरमण वर्ष 1985 में तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन वर्ष 1959 में वृंदावन आए थे। हालांकि उस समय वे देश के उपराष्ट्रपति थे और बाद में राष्ट्रपति पद पर आसीन हुए।
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