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Mathura News: रातभर अंधेरे में डूबे रहे दर्जनों गांव
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मथुरा। शनिवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने जनपद के ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिरने से विद्युत लाइनों को व्यापक नुकसान पहुंचा। इसके चलते दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई और पूरा इलाका रातभर अंधेरे में डूबा रहा।
बिजली कटौती के कारण ग्रामीणों को रातभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों में अंधेरा छाने के साथ ही पेयजल संकट भी गहरा गया। अधिकांश स्थानों पर पानी की आपूर्ति बिजली पर निर्भर है। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली न होने से लोगों को परेशानी हुई। बच्चाें, बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों के लिए यह स्थिति और अधिक कष्टदायक साबित हुई।
तेज आंधी के दौरान कई जगहों पर चिंगारियां निकलने और तार टूटने से कुछ क्षेत्रों में रास्ते अवरुद्ध हो गए, जिससे आवागमन प्रभावित रहा।
रविवार सुबह विद्युत निगम की तकनीक टीमें सक्रिय हो गईं और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। कर्मचारी कीचड़, जलभराव और खराब मौसम के बीच काम में जुटे रहे। कई स्थानों पर नए खंभे लगाए गए और टूटे तारों को बदलकर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया।
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विद्युत निगम के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि आंधी-बारिश के कारण जिले में 60 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हो गए। साथ ही 400 से अधिक विद्युत खंभे धराशाई हुए हैं। 33 केवी की आधा दर्जन के करीब लाइन क्षतिग्रस्त हो गईं। कई फीडरों में फॉल्ट आया था, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया गया। देर शाम तक अधिकांश गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जबकि कुछ इलाकों में कार्य जारी रहा।
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बिजली कटौती के कारण ग्रामीणों को रातभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों में अंधेरा छाने के साथ ही पेयजल संकट भी गहरा गया। अधिकांश स्थानों पर पानी की आपूर्ति बिजली पर निर्भर है। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली न होने से लोगों को परेशानी हुई। बच्चाें, बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों के लिए यह स्थिति और अधिक कष्टदायक साबित हुई।
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तेज आंधी के दौरान कई जगहों पर चिंगारियां निकलने और तार टूटने से कुछ क्षेत्रों में रास्ते अवरुद्ध हो गए, जिससे आवागमन प्रभावित रहा।
रविवार सुबह विद्युत निगम की तकनीक टीमें सक्रिय हो गईं और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। कर्मचारी कीचड़, जलभराव और खराब मौसम के बीच काम में जुटे रहे। कई स्थानों पर नए खंभे लगाए गए और टूटे तारों को बदलकर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया।
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विद्युत निगम के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि आंधी-बारिश के कारण जिले में 60 से अधिक ट्रांसफार्मर खराब हो गए। साथ ही 400 से अधिक विद्युत खंभे धराशाई हुए हैं। 33 केवी की आधा दर्जन के करीब लाइन क्षतिग्रस्त हो गईं। कई फीडरों में फॉल्ट आया था, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया गया। देर शाम तक अधिकांश गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जबकि कुछ इलाकों में कार्य जारी रहा।