{"_id":"576c26664f1c1b5964b495e3","slug":"double-problem-for-jawahar-bagh-ladies","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसी का रिश्ता टूटा तो किसी की ससुराल में तूफान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसी का रिश्ता टूटा तो किसी की ससुराल में तूफान
पुनीत शर्मा
Updated Thu, 23 Jun 2016 11:45 PM IST
विज्ञापन
जवाहर बाग मामले में महिला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जवाहर बाग से गिरफ्तार महिलाओं और युवतियों पर दोहरी मार पड़ी है। ये घर से कोसों दूर जेल में बंद हैं, वहीं परिवार वालों ने भी मुंह मोड़ लिया है। शादीशुदा महिलाओं के ससुराल वाले भी जमानत कराने के लिए तैयार नहीं हैं। जबकि कई युवतियों का रिश्ता टूट गया है। दो लड़कियों की शादी तो जुलाई में ही होनी थी। लेकिन वह सलाखों के पीछे हैं। कुछ दिन तो परिवार वाले लड़के वालों से यह बात छुपाए रहे लेकिन जब उन्हें लड़की के जेल में होने की बात पता चली तो शादी से इनकार कर दिया गया।
जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष ने बाबा जयगुरुदेव के नाम पर लोगों को इकट्ठा किया था। जयगुरुदेव के अनुयायियों कोे उसने यह कहकर बरगलाया कि जयगुरुदेव जवाहर बाग में दर्शन देंगे। जालसाज रामवृक्ष की बातों में जो आ गया वह जवाहर बाग पहुंच गया। महिलाओं की भी एक बड़ी संख्या थी। सबसे ज्यादा महिलाएं और युवतियां कन्नौज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरपुर, चंदौली, बदायूं, कानपुर, गोरखपुर, झांसी, उन्नाव, मिर्जापुर, ललितपुर, सीतापुर, बरेली से यहां पहुंची थीं।
दो जून को हुई हिंसा के बाद पुलिस ने यहां से 96 महिलाओं और युवतियों को गिरफ्तार किया था। इनमें कई महिलाएं तो ऐसी थीं जो अपने ससुराल वालों के विरोध पर भी जवाहर बाग आ गईं थीं। अब इनकी जमानत कराने वाला कोई नहीं है। ससुरालीजन ने मुंह मोड़ लिया है। कन्नौज के एक गांव से पहुंचे किशोरी सिंह की बहू भी जेल में बंद है। बोले, मैं तो पोते से मिलने आया था। बहू से हमारा कोई मतलब नहीं है। हमने लाख समझाया कि जयगुुरुदेव अब नहीं हैं लेकिन गांव की दूसरी महिलाओं के साथ यहां आ गईं।
विज्ञापन
दुष्यंत कुमार भी कलक्ट्रेट पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट आफिस के बाहर लगी सूची को देख रहे थे। जब उनसे पूछा गया तो बोले, बहू का पता चल गया है। जेल में बंद है। जो बुजुर्गों की नहीं मानते उन्हें यही सजा मिलती है। कोई मरने के बाद भी वापस आता है क्या। झारखंड से आए रामखिलावन की भी बहू यहां जेल में है। बोले, मन तो नहीं कर रहा कि जमानत कराएं लेकिन क्या करें यही समाज ताने देगा।
विज्ञापन
जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष ने बाबा जयगुरुदेव के नाम पर लोगों को इकट्ठा किया था। जयगुरुदेव के अनुयायियों कोे उसने यह कहकर बरगलाया कि जयगुरुदेव जवाहर बाग में दर्शन देंगे। जालसाज रामवृक्ष की बातों में जो आ गया वह जवाहर बाग पहुंच गया। महिलाओं की भी एक बड़ी संख्या थी। सबसे ज्यादा महिलाएं और युवतियां कन्नौज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरपुर, चंदौली, बदायूं, कानपुर, गोरखपुर, झांसी, उन्नाव, मिर्जापुर, ललितपुर, सीतापुर, बरेली से यहां पहुंची थीं।
विज्ञापन
दो जून को हुई हिंसा के बाद पुलिस ने यहां से 96 महिलाओं और युवतियों को गिरफ्तार किया था। इनमें कई महिलाएं तो ऐसी थीं जो अपने ससुराल वालों के विरोध पर भी जवाहर बाग आ गईं थीं। अब इनकी जमानत कराने वाला कोई नहीं है। ससुरालीजन ने मुंह मोड़ लिया है। कन्नौज के एक गांव से पहुंचे किशोरी सिंह की बहू भी जेल में बंद है। बोले, मैं तो पोते से मिलने आया था। बहू से हमारा कोई मतलब नहीं है। हमने लाख समझाया कि जयगुुरुदेव अब नहीं हैं लेकिन गांव की दूसरी महिलाओं के साथ यहां आ गईं।
विज्ञापन
दुष्यंत कुमार भी कलक्ट्रेट पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट आफिस के बाहर लगी सूची को देख रहे थे। जब उनसे पूछा गया तो बोले, बहू का पता चल गया है। जेल में बंद है। जो बुजुर्गों की नहीं मानते उन्हें यही सजा मिलती है। कोई मरने के बाद भी वापस आता है क्या। झारखंड से आए रामखिलावन की भी बहू यहां जेल में है। बोले, मन तो नहीं कर रहा कि जमानत कराएं लेकिन क्या करें यही समाज ताने देगा।