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Mathura News: बरसाना की पावन धरा पर उतरेगा गिरधरलाल जू का दिव्य ब्याहुला
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बरसाना। श्रीधाम बरसाना एक बार फिर भक्ति, परंपरा और दिव्य विवाह लीलाओं का केंद्र बनने जा रहा है। वृंदावन के प्रसिद्ध भागवत प्रवक्ता इंद्रेश महाराज के आराध्य और सेव्य गिरधरलाल जू का पंचदिवसीय ब्याहुला उत्सव माताजी गौशाला के प्रांगण में आज यानी रविवार से शुरू होगा। 65 हजार गोवंश की पावन उपस्थिति में होने वाला यह आयोजन बरसाना की धार्मिक परंपरा में एक विशेष अध्याय जोड़ेगा।
शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रख्यात श्रीमद्भागवत कथा प्रवक्ता कृष्णचंद्र ठाकुरजी ने उत्सव की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि यह आयोजन संस्कृत, संस्कृति और संस्कारों के संवर्धन के उद्देश्य से श्रीराधारानी की नगरी बरसाना में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गिरधरलाल जू का प्राकट्योत्सव प्रतिवर्ष 14 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन इस बार इसे श्रीराधा गिरधरलाल जू के ब्याहुला उत्सव के रूप में पंच दिवसीय महोत्सव का स्वरूप दिया गया है। उत्सव के दौरान प्रतिदिन श्रीमद्भागवत के माध्यम से हरिचर्चा होगी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ब्याहुला उत्सव के सभी पांचों दिनों में ब्रज के विभिन्न संत महात्मा अपनी उपस्थिति देकर भक्तों को आशीर्वचन प्रदान करेंगे। संत श्री रमेश बाबा महाराज, विनोद बाबा महाराज, मलूक पीठाधीश राजेंद्र दास महाराज, गुरु शरणानंद महाराज सहित ब्रज के अन्य संत मौजूद रहे।
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शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रख्यात श्रीमद्भागवत कथा प्रवक्ता कृष्णचंद्र ठाकुरजी ने उत्सव की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि यह आयोजन संस्कृत, संस्कृति और संस्कारों के संवर्धन के उद्देश्य से श्रीराधारानी की नगरी बरसाना में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गिरधरलाल जू का प्राकट्योत्सव प्रतिवर्ष 14 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन इस बार इसे श्रीराधा गिरधरलाल जू के ब्याहुला उत्सव के रूप में पंच दिवसीय महोत्सव का स्वरूप दिया गया है। उत्सव के दौरान प्रतिदिन श्रीमद्भागवत के माध्यम से हरिचर्चा होगी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ब्याहुला उत्सव के सभी पांचों दिनों में ब्रज के विभिन्न संत महात्मा अपनी उपस्थिति देकर भक्तों को आशीर्वचन प्रदान करेंगे। संत श्री रमेश बाबा महाराज, विनोद बाबा महाराज, मलूक पीठाधीश राजेंद्र दास महाराज, गुरु शरणानंद महाराज सहित ब्रज के अन्य संत मौजूद रहे।
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