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सेवायतों का विवादों से पुराना नाता
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 02 Jul 2015 12:39 AM IST
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बांकेबिहारी मंदिर के सेवायतों का विवादों से पुराना नाता है। वैश्विक आस्था के इस केंद्र पर सेवारत दोनों भाई आनंद गोस्वामी और जुगल गोस्वामी कई विवादों के कारण सुर्खियों में रहते हैं। पहले ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को जींस पेंट पहनाकर मोबाइल थमाना, सार्वजनिक जमीन पर कब्जा और नौ जनवरी को यज्ञशाला में तीन युवकों संदिग्ध मौत का मामला शामिल था। अब मंदिर में परंपरा और कानून तोड़कर अधिकारियों को भोजन कराने का एक और मामला सामने आया है।
14 सितंबर 2006 को आनंद गोस्वामी और जुगल गोस्वामी ने अपनी मर्जी से ठाकुरजी के श्रीविग्रह को जींस, टीशर्ट, ब्रेसलेट और मोबाइल धारण करा दिया था। श्रद्धालुओं ने इसमें धार्मिक भावनाओं के आहत होने की बात कही। इसके बाद अदालत ने दोनों भाइयों को कुछ दिनों के लिए सेवा पूजा से वंचित भी कर दिया।
सात जनवरी को श्रद्धालुओं को जगमोहन से दर्शन कराने के मामले में सेवायत से स्पष्टीकरण मांगा गया। नौ जनवरी को आनंद गोस्वामी की यज्ञशाला में गांव जहांगीरपुर निवासी तीन युवकों की संदिग्ध अवस्था में मौत के बाद भारी बवाल हुआ। अब मंदिर में परंपरा और कानून तोड़कर मंगलवार की रात मुख्य सचिव और प्रशासनिक अधिकारियों को भोजन कराने के मामले में सेवायत फिर से विवादों में दिख रहे हैं।
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रात्रि कर्मचारियों पर लटकी तलवार
बांकेबिहारी मंदिर के सेवायतों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को मंदिर परिसर में भोजन कराने के मामले को मंदिर प्रबंधन ने गंभीरता से लिया है। प्रबंधक मुनीष शर्मा ने रात में तैनात रहने वाले आठ कर्मचारियों को मामले की जानकारी प्रबंधन को न देने पर कड़ी आपत्ति जताई है। कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा रही है। इधर देर शाम सिटी मजिस्ट्रेट विजय सिंह मंदिर पहुंचे और अपने स्तर से मामले की जांच शुरू की है। हालांकि, सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि वह निजी कार्यक्रम के तहत दर्शन के लिए आए थे।
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14 सितंबर 2006 को आनंद गोस्वामी और जुगल गोस्वामी ने अपनी मर्जी से ठाकुरजी के श्रीविग्रह को जींस, टीशर्ट, ब्रेसलेट और मोबाइल धारण करा दिया था। श्रद्धालुओं ने इसमें धार्मिक भावनाओं के आहत होने की बात कही। इसके बाद अदालत ने दोनों भाइयों को कुछ दिनों के लिए सेवा पूजा से वंचित भी कर दिया।
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सात जनवरी को श्रद्धालुओं को जगमोहन से दर्शन कराने के मामले में सेवायत से स्पष्टीकरण मांगा गया। नौ जनवरी को आनंद गोस्वामी की यज्ञशाला में गांव जहांगीरपुर निवासी तीन युवकों की संदिग्ध अवस्था में मौत के बाद भारी बवाल हुआ। अब मंदिर में परंपरा और कानून तोड़कर मंगलवार की रात मुख्य सचिव और प्रशासनिक अधिकारियों को भोजन कराने के मामले में सेवायत फिर से विवादों में दिख रहे हैं।
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रात्रि कर्मचारियों पर लटकी तलवार
बांकेबिहारी मंदिर के सेवायतों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को मंदिर परिसर में भोजन कराने के मामले को मंदिर प्रबंधन ने गंभीरता से लिया है। प्रबंधक मुनीष शर्मा ने रात में तैनात रहने वाले आठ कर्मचारियों को मामले की जानकारी प्रबंधन को न देने पर कड़ी आपत्ति जताई है। कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा रही है। इधर देर शाम सिटी मजिस्ट्रेट विजय सिंह मंदिर पहुंचे और अपने स्तर से मामले की जांच शुरू की है। हालांकि, सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि वह निजी कार्यक्रम के तहत दर्शन के लिए आए थे।