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23 साल बाद खुला फर्जीवाड़ा
ब्यूरो, अमल उजाला मथुरा
Updated Sat, 07 Feb 2015 11:52 PM IST
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फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर 23 वर्ष से नौकरी कर रहे एक शिक्षक को बीएसए ने शनिवार को निलंबित कर दिया। शिक्षक के खिलाफ जांच में इसकी पुष्टि हुई है।
हाथरस स्थित सादाबाद के गांव नगला मियां निवासी तेजपाल सिंह पुत्र उमराव सिंह नौहझील के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुहागपुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात थे। इनकी नियुक्ति वर्ष 1992 में हुई थी। आरोप है कि तेजपाल ने जाट जाति होने के बाद भी फर्जी तरीके से दर्जी जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर शिक्षक की नौकरी प्राप्त कर ली। एक व्यक्ति द्वारा की गई शिकायत पर सादाबाद एसडीएम ने इसकी जांच की थी। जांच में शिक्षक को छोड़कर समस्त परिवार के जाति प्रमाणपत्र जाट वर्ग से बने हुए मिले। जांच के आधार पर बीएसए ने शिक्षक तेजपाल सिंह को शनिवार को निलंबित कर दिया। बीएसए वीरपाल सिंह यादव ने बताया कि सहायक अध्यापक तेजपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही वेतन की रिकवरी कराने के आदेश भी दे दिए।
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हाथरस स्थित सादाबाद के गांव नगला मियां निवासी तेजपाल सिंह पुत्र उमराव सिंह नौहझील के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुहागपुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात थे। इनकी नियुक्ति वर्ष 1992 में हुई थी। आरोप है कि तेजपाल ने जाट जाति होने के बाद भी फर्जी तरीके से दर्जी जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर शिक्षक की नौकरी प्राप्त कर ली। एक व्यक्ति द्वारा की गई शिकायत पर सादाबाद एसडीएम ने इसकी जांच की थी। जांच में शिक्षक को छोड़कर समस्त परिवार के जाति प्रमाणपत्र जाट वर्ग से बने हुए मिले। जांच के आधार पर बीएसए ने शिक्षक तेजपाल सिंह को शनिवार को निलंबित कर दिया। बीएसए वीरपाल सिंह यादव ने बताया कि सहायक अध्यापक तेजपाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही वेतन की रिकवरी कराने के आदेश भी दे दिए।
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