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Mathura News: समय से नहीं जागे, मानसून की पहली बारिश ने खोल दी निगम की पोल
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मथुरा। मानसून ने जिले में दस्तक दे दी है। शुक्रवार तड़के हुई पहली बारिश ने ही नगर निगम की पोल खोल दी। शहर के सभी हिस्सों में पानी भर गया। नया बस अड्डा अंडरपास और भूतेश्वर पर भारी जलभराव से शहर दो हिस्सों में बंट गया।
हाईवे के सर्विस रोड पर भी जलभराव हो गया। सुबह कामकाज को घर से निकले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक जुलाई तक इसी प्रकार की तेज बारिश की संभावना है। ऐसे में लोग नगर निगम को कोसते नहीं थके। लोगों ने कहा कि बारिश से पहले ही लोगों ने नाला सफाई की शिकायत की थी। इसके बाद भी अधिकारी नहीं चेते। सड़कें भी टूटी पड़ी हैं।
शहर के होली गेट इलाके में जलभराव होने के साथ ही यहां स्थित दुकानों में पानी भर गया। इसके अलावा शहर की पॉश कॉलोनियों से लेकर मुख्य बाजार, सड़क, अंडरपास सभी जगह पानी भर गया। शहर में जगह-जगह जाम के हालात बन गए। टूटी सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भरने से दुपहिया चालक ही नहीं बल्कि ई-रिक्शा तक पलट गए। स्कूल की बस भी बंद हो गई। नगर निगम पिछले महीने भर से नालों की सफाई का दम भर रहा है, लेकिन हकीकत क्या है, इसकी पोल बारिश ने खोल दी।
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बृहस्पतिवार रात से ही छाए थे बादल
बृहस्पतिवार रात से ही आसमान में घने बादल छाए थे। देर रात को देखते ही देखते घटाएं गहराने लगीं। तड़के तीन बजे करीब से शुरू हुई बारिश पांच बजे के करीब थमी। शहर के लगभग सभी हिस्सों में मध्यम तेज गति की बारिश हुई। लोगों ने सुबह उठकर सुहाने मौसम का आनंद लिया, लेकिन जो बाजारों में निकल चुके थे, उनका गंतव्य तक पहुंचना दूभर हो गया। कई इलाकों में घुटनों तक और अंडरपास के नीचे कमर से ऊपर तक भरे पानी ने लोगों की राह रोक दी। साइलेंसर में पानी भरने से बाइक पानी में ही बंद हो गईं। नया बस अड्डा अंडरपास पर को पैदल राहगीरों ने अपनी जान को खतरे में डालकर रेलवे पुल पर चढ़कर पार किया।
नगर निगम सो रहा चैन की नींद
यही हालात छावनी रेलवे पुल के नीचे जलभराव से हुए। इन स्थानों पर पानी भरा होने से शहर में कई स्थानों कंकाली रोड, बीएसए कॉलेज, स्टेट बैंक चौराहा, डीग गेट से लेकर भरतपुर गेट, मसानी रोड, केआर कॉलेज रोड, अमरनाथ विद्या आश्रम के निकट भारी जाम लग गया। इस कारण वाहनों की कतारें लग गईं। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ी रही है। शहर में अंदर के नाले-नालियां बारिश से ही उफन गए। गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। जहां घर निचली सतह पर बने थे, वहां नालियों का पानी सड़कों से होकर घरों के अंदर घुस गया। लोग इस पानी को घरों से बाहर निकालते दिखे। इनमें राधिका विहार, अंबाखार, कंकाली आदि इलाके शामिल हैं। मगर, नगर निगम अपनी चैन की नींद सोता रहा।
वर्जन
गत वर्ष की अपेक्षा इस बार पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था की गई है। जिन जगहों पर पानी भरा, वहां पंपसेट से पानी निकाला गया और यातायात व्यवस्था सुचारू की गई। जलभराव वाले स्थानों पर सफाई नायकों को निगरानी के लिए लगाया गया है।
- अनिल कुमार, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम
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हाईवे के सर्विस रोड पर भी जलभराव हो गया। सुबह कामकाज को घर से निकले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक जुलाई तक इसी प्रकार की तेज बारिश की संभावना है। ऐसे में लोग नगर निगम को कोसते नहीं थके। लोगों ने कहा कि बारिश से पहले ही लोगों ने नाला सफाई की शिकायत की थी। इसके बाद भी अधिकारी नहीं चेते। सड़कें भी टूटी पड़ी हैं।
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शहर के होली गेट इलाके में जलभराव होने के साथ ही यहां स्थित दुकानों में पानी भर गया। इसके अलावा शहर की पॉश कॉलोनियों से लेकर मुख्य बाजार, सड़क, अंडरपास सभी जगह पानी भर गया। शहर में जगह-जगह जाम के हालात बन गए। टूटी सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भरने से दुपहिया चालक ही नहीं बल्कि ई-रिक्शा तक पलट गए। स्कूल की बस भी बंद हो गई। नगर निगम पिछले महीने भर से नालों की सफाई का दम भर रहा है, लेकिन हकीकत क्या है, इसकी पोल बारिश ने खोल दी।
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बृहस्पतिवार रात से ही छाए थे बादल
बृहस्पतिवार रात से ही आसमान में घने बादल छाए थे। देर रात को देखते ही देखते घटाएं गहराने लगीं। तड़के तीन बजे करीब से शुरू हुई बारिश पांच बजे के करीब थमी। शहर के लगभग सभी हिस्सों में मध्यम तेज गति की बारिश हुई। लोगों ने सुबह उठकर सुहाने मौसम का आनंद लिया, लेकिन जो बाजारों में निकल चुके थे, उनका गंतव्य तक पहुंचना दूभर हो गया। कई इलाकों में घुटनों तक और अंडरपास के नीचे कमर से ऊपर तक भरे पानी ने लोगों की राह रोक दी। साइलेंसर में पानी भरने से बाइक पानी में ही बंद हो गईं। नया बस अड्डा अंडरपास पर को पैदल राहगीरों ने अपनी जान को खतरे में डालकर रेलवे पुल पर चढ़कर पार किया।
नगर निगम सो रहा चैन की नींद
यही हालात छावनी रेलवे पुल के नीचे जलभराव से हुए। इन स्थानों पर पानी भरा होने से शहर में कई स्थानों कंकाली रोड, बीएसए कॉलेज, स्टेट बैंक चौराहा, डीग गेट से लेकर भरतपुर गेट, मसानी रोड, केआर कॉलेज रोड, अमरनाथ विद्या आश्रम के निकट भारी जाम लग गया। इस कारण वाहनों की कतारें लग गईं। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ी रही है। शहर में अंदर के नाले-नालियां बारिश से ही उफन गए। गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। जहां घर निचली सतह पर बने थे, वहां नालियों का पानी सड़कों से होकर घरों के अंदर घुस गया। लोग इस पानी को घरों से बाहर निकालते दिखे। इनमें राधिका विहार, अंबाखार, कंकाली आदि इलाके शामिल हैं। मगर, नगर निगम अपनी चैन की नींद सोता रहा।
वर्जन
गत वर्ष की अपेक्षा इस बार पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था की गई है। जिन जगहों पर पानी भरा, वहां पंपसेट से पानी निकाला गया और यातायात व्यवस्था सुचारू की गई। जलभराव वाले स्थानों पर सफाई नायकों को निगरानी के लिए लगाया गया है।
- अनिल कुमार, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम