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Mathura News: मथुरावासियों को तेजी से जकड़ रही डायबिटीज की बीमारी
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मथुरा। जिस जिले की मिठाइयों की विश्वभर में पहचान है, उस शहर में प्रतिमाह डायबिटीज के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की लैब में सबसे ज्यादा जांचें शुगर की हो रही हैं। मथुरावासी डायबिटीज (मधुमेह) रोग की गिरफ्त में आ रहे हैं।
जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की रक्त की 24 से अधिक जांचों में सर्वाधिक रोगियों को डायबिटीज की परेशानी सामने आ रही है। लैब में हो रहीं जांच में सर्वाधिक जांचें डायबिटीज की हो रही हैं। इतना नहीं प्रतिमाह डायबिटीज कराने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इससे स्पष्ट है कि मथुरा में किस कदर डायबिटीज के मरीज बढ़ रहे हैं।
डाॅक्टर भूदेव सिंह ने बताया कि डायबिटीज का सबसे बड़ा कारण लोगों द्वारा आधुनिक जीवन शैली अपनाने, तनाव और खानपान संतुलित न होना है। इसके अलावा कारक परिवार हिस्ट्री को माना जाता है। यदि माता-पिता या भाई-बहन को टाइप-2 डायबिटीज है तो आपको भी मधुमेह होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि डायबिटीज के अन्य प्रकार जैसे टाइप-1 मधुमेह जोखिम कम होता है।
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नोडल अधिकारी, गैर संचारी रोग डॉ. अनुज चौधरी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की तुलना में शहरी क्षेत्र में केस अधिक हैं। 40 से 60 आयुवर्ग में डायबिटीज की परेशानी ज्यादा सामने आ रही है। उन्होंने सुझाव दिया है कि जो लोग डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, उन्हें अपनी जेब में टॉफी या मीठी खाने की चीज एवं अपने बारे में जानकारी की पर्ची रखें, ताकि डायबिटीज लेबल कम होने पर उनकी सहायता हो सके।
जिला अस्पताल की पैथलॉजी लैब में डायबिटीज की जांच संबंधी आंकड़े
माह - डायबिटीज की जांच - कुल रक्त की जांच
जनवरी
1937
58426
फरवरी
2893
84020
मार्च 3276
93188
अप्रैल 3276
106385
मई 3231
113752
जून 2573
95845
जुलाई 3411
10068
अगस्त 3645
123423
सितंबर 3706
135738
अक्तूबर 3736
145526
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जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की रक्त की 24 से अधिक जांचों में सर्वाधिक रोगियों को डायबिटीज की परेशानी सामने आ रही है। लैब में हो रहीं जांच में सर्वाधिक जांचें डायबिटीज की हो रही हैं। इतना नहीं प्रतिमाह डायबिटीज कराने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इससे स्पष्ट है कि मथुरा में किस कदर डायबिटीज के मरीज बढ़ रहे हैं।
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डाॅक्टर भूदेव सिंह ने बताया कि डायबिटीज का सबसे बड़ा कारण लोगों द्वारा आधुनिक जीवन शैली अपनाने, तनाव और खानपान संतुलित न होना है। इसके अलावा कारक परिवार हिस्ट्री को माना जाता है। यदि माता-पिता या भाई-बहन को टाइप-2 डायबिटीज है तो आपको भी मधुमेह होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि डायबिटीज के अन्य प्रकार जैसे टाइप-1 मधुमेह जोखिम कम होता है।
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नोडल अधिकारी, गैर संचारी रोग डॉ. अनुज चौधरी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की तुलना में शहरी क्षेत्र में केस अधिक हैं। 40 से 60 आयुवर्ग में डायबिटीज की परेशानी ज्यादा सामने आ रही है। उन्होंने सुझाव दिया है कि जो लोग डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, उन्हें अपनी जेब में टॉफी या मीठी खाने की चीज एवं अपने बारे में जानकारी की पर्ची रखें, ताकि डायबिटीज लेबल कम होने पर उनकी सहायता हो सके।
जिला अस्पताल की पैथलॉजी लैब में डायबिटीज की जांच संबंधी आंकड़े
माह - डायबिटीज की जांच - कुल रक्त की जांच
जनवरी
1937
58426
फरवरी
2893
84020
मार्च 3276
93188
अप्रैल 3276
106385
मई 3231
113752
जून 2573
95845
जुलाई 3411
10068
अगस्त 3645
123423
सितंबर 3706
135738
अक्तूबर 3736
145526