Mathura: दौसा में जिंदा मिली आरती के मामले में नया मोड़, पिता बोला- यह मेरी बेटी नहीं, वो मर चुकी है
मथुरा पुलिस ने दौसा जिले के विशाला गांव से उस आरती को पकड़ा, जिसकी हत्या के आरोप में उसका पति सोनू और उसके दोस्त गोपाल ने जेल काटी। वहीं आरती के पिता ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्वाट प्रभारी अजय कौशल ने राजस्थान के दौसा जिले के विशाला गांव से उस आरती को पकड़ा, जिसकी हत्या के आरोप में उसका पति सोनू और सोनू के दोस्त गोपाल ने जेल काटी। स्वाट टीम ने आरती को वृंदावन पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इधर, पुलिस रविवार को आरती के पिता सूरज को अटल्ला चुंगी स्थित श्री कृष्ण धर्मशाला देखने भी पहुंची, लेकिन घर पर ताला लगा मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि वह यहां नहीं हैं।
पुलिस ने आरती के परिजनों से की पूछताछ
सोमवार को आरती के पिता सूरज प्रसाद गुप्ता, मां उर्मिला और भाई रामजी गुप्ता अटल्ला चुंकी स्थित श्रीकृष्ण धर्मशाला गोशाला नगर से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सूरज प्रसाद गुप्ता का कहना है कि जिस महिला को पुलिस ने पकड़ा है वो उनकी बेटी हो ही नहीं सकती। उनकी बेटी मर चुकी है।उन्होंने बताया कि पांच सितंबर 2015 को पुलिस ने उनकी मरी हुई बेटी की फोटो दिखाई थी, जिसकी उन्होंने आरती के रूप में शिनाख्त भी की। अगर पुलिस आमना सामना कराएगी तब और देखकर बता सकेंगे कि वह आरती है या नहीं। पुलिस डीएनए टेस्ट भी कराने पर विचार कर रही है।
सात लाख और प्लाट हड़पना चाहते हैं पिता
आरती के संबंध में भले ही परिवार की ओर से कई सवाल खड़े हो हुए हैं, लेकिन आरती ने पिता पर ही कई आरोप लगाए हैं। पिता सूरज जहां आरती को मरा बता रहा है, वहीं बेटी ने पिता पर उसके सात लाख रुपये की एफडी और प्लाट हड़पने के लिए षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है। आरती ने पुलिस को बताया कि उसके पिता सूरज उसके नाम जो प्लॉट और सात लाख की एफडी थी उसे हड़पना चाहते थे। इस कारण वह एक दिन बिना बताए घर से भाग गई। वृंदावन कोतवाली प्रभारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।