{"_id":"675dd58c3599f37785040e14","slug":"dead-cows-were-brought-from-two-cowsheds-of-vrindavan-and-sakraya-bangar-and-thrown-in-the-forest-mathura-news-c-369-1-mt11004-122091-2024-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: वृंदावन की दो गोशालाओं और सकराया बांगर से लाकर जंगल में फेंके गए थे मृत गोवंश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: वृंदावन की दो गोशालाओं और सकराया बांगर से लाकर जंगल में फेंके गए थे मृत गोवंश
विज्ञापन
धोरैरा के जंगल में मृत गोवंश की जांच करते पशु चिकित्सा अधिकारी।
- फोटो : धोरैरा के जंगल में मृत गोवंश की जांच करते पशु चिकित्सा अधिकारी।
वृंदावन (मथुरा)। मथुरा-वृंदावन मार्ग स्थित धौरेरा के जंगल में मृत मिले गोवंश की जांच में वृंदावन की दो गोशालाओं और सकराया बांगर के पशुपालकों की लापरवाही सामने आई है। गोवंश के मरने पर उन्हें जमीन में दबाने की बजाय जंगल में खुले में फेंक दिया। मुख्य विकास विकास अधिकारी ने दो गोशाला संचालकों नोटिस जारी किया है। वहीं नगर की 142 गोशाला संचालकों को भी चेतावनी नोटिस दिए हैं।
धौरेरा के जंगल में एक ही स्थान पर शुक्रवार को मृत मिले गोवंश को देख गोरक्षक भड़क गए थे और उन्होंने मार्ग जाम कर हंगामा किया था। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह के जांच के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने जंगल में मिले 14 गोवंश का पोस्टमार्टम किया। गायों के कानों में और जंगल में कंकाल के पास पड़े मिले टैग की जांच की गई तो पता चला कि तीन मृत गोवंश वृंदावन की पंचायती गोशाला के और दो श्यामा बाबा गोशाला के हैं। बाकी के मृत गोवंश के कंकाल सकराया बांगर क्षेत्र के गोपालकों के पाए गए। इनमें गांव के नीरज और श्याम के भी गोवंश शामिल हैं।
मुख्य चिकित्सक अधिकारी डाॅक्टर विपिन कुमार गर्ग की रिपोर्ट के बाद मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना ने दोनों गोशाला संचालकों को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। गोशाला संचालकों द्वारा तीन दिन में जवाब न देने पर उनके विरुद्ध प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं वृंदावन की 142 गोशाला संचालकों को चेतावनी नोटिस जारी किए हैं। इन गोशालाओं में 12 गोशाला पंजीकृत एवं 130 गोशाला अपंजीकृत हैं। सीडीओ द्वारा जारी नोटिस में गोशाला संचालकों को चेतावनी दी गई है कि वह मृत गायों का ससम्मान निस्तारण करें। यदि उनके द्वारा खुले में मृत गाय डाली गईं तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि धौरेरा के जंगल में मिली गाय और उनके पर मिले टैग के संबंध में रिपोर्ट प्रशासन को दे दी है। टैग को जांच के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है।
धौरेरा के जंगल में पशु चिकित्सकों की टीम को मिले 14 मृत गोवंश
जंगल में मिले 19 टैग जांच के लिए भेजे गए लखनऊ
गोवंश के पोस्टमार्टम एवं दफनाने के दौरान कराई गई वीडियोग्राफी
वृंदावन। धौरेरा के जंगल में मृत मिले गोवंश का पशु चिकित्सकों की टीम ने शुक्रवार देर रात तक पोस्टमार्टम किया और जंगल में ही उन्हें दफना दिया गया। प्रशासन के निर्देश पर इस दौरान वीडियोग्राफी की गई। मौके पर टीम को 14 गोवंश मिले। इसके अलावा पांच टैग पुराने कंकाल के पास पड़े मिले। टैग की सूची तैयार कर जांच के लिए लखनऊ भेजी है। वहीं गोवंश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है।
मथुरा-वृंदावन मार्ग स्थित धौरेरा के जंगल में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विपिन कुमार गर्ग के निर्देशन में पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राकेश तिवारी ने टीम के साथ मौके पर मिले गोवंश के 14 शवों का पोस्टमार्टम किया। जबकि 5 टैग पड़े मिले। कुल मिले 19 टैगों को विभाग द्वारा लखनऊ जांच पड़ताल के लिए भेज दिया है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 14 गोवंश के शव मिले। इनमें अधिकांश गाय वृद्ध और स्वाभाविक रूप से मरी थीं। गायों के शवों पर किसी तरह क्षति पहुंचाने और काटे जाने के निशान नहीं मिले। संवाद
विज्ञापन
धौरेरा के जंगल में एक ही स्थान पर शुक्रवार को मृत मिले गोवंश को देख गोरक्षक भड़क गए थे और उन्होंने मार्ग जाम कर हंगामा किया था। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह के जांच के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने जंगल में मिले 14 गोवंश का पोस्टमार्टम किया। गायों के कानों में और जंगल में कंकाल के पास पड़े मिले टैग की जांच की गई तो पता चला कि तीन मृत गोवंश वृंदावन की पंचायती गोशाला के और दो श्यामा बाबा गोशाला के हैं। बाकी के मृत गोवंश के कंकाल सकराया बांगर क्षेत्र के गोपालकों के पाए गए। इनमें गांव के नीरज और श्याम के भी गोवंश शामिल हैं।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सक अधिकारी डाॅक्टर विपिन कुमार गर्ग की रिपोर्ट के बाद मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना ने दोनों गोशाला संचालकों को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। गोशाला संचालकों द्वारा तीन दिन में जवाब न देने पर उनके विरुद्ध प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज की जाएगी। वहीं वृंदावन की 142 गोशाला संचालकों को चेतावनी नोटिस जारी किए हैं। इन गोशालाओं में 12 गोशाला पंजीकृत एवं 130 गोशाला अपंजीकृत हैं। सीडीओ द्वारा जारी नोटिस में गोशाला संचालकों को चेतावनी दी गई है कि वह मृत गायों का ससम्मान निस्तारण करें। यदि उनके द्वारा खुले में मृत गाय डाली गईं तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि धौरेरा के जंगल में मिली गाय और उनके पर मिले टैग के संबंध में रिपोर्ट प्रशासन को दे दी है। टैग को जांच के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है।
धौरेरा के जंगल में पशु चिकित्सकों की टीम को मिले 14 मृत गोवंश
जंगल में मिले 19 टैग जांच के लिए भेजे गए लखनऊ
गोवंश के पोस्टमार्टम एवं दफनाने के दौरान कराई गई वीडियोग्राफी
वृंदावन। धौरेरा के जंगल में मृत मिले गोवंश का पशु चिकित्सकों की टीम ने शुक्रवार देर रात तक पोस्टमार्टम किया और जंगल में ही उन्हें दफना दिया गया। प्रशासन के निर्देश पर इस दौरान वीडियोग्राफी की गई। मौके पर टीम को 14 गोवंश मिले। इसके अलावा पांच टैग पुराने कंकाल के पास पड़े मिले। टैग की सूची तैयार कर जांच के लिए लखनऊ भेजी है। वहीं गोवंश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है।
मथुरा-वृंदावन मार्ग स्थित धौरेरा के जंगल में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विपिन कुमार गर्ग के निर्देशन में पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राकेश तिवारी ने टीम के साथ मौके पर मिले गोवंश के 14 शवों का पोस्टमार्टम किया। जबकि 5 टैग पड़े मिले। कुल मिले 19 टैगों को विभाग द्वारा लखनऊ जांच पड़ताल के लिए भेज दिया है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 14 गोवंश के शव मिले। इनमें अधिकांश गाय वृद्ध और स्वाभाविक रूप से मरी थीं। गायों के शवों पर किसी तरह क्षति पहुंचाने और काटे जाने के निशान नहीं मिले। संवाद