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‘नृत्य बिना जीवन नीरस’
अमर उजाला वृंदावन
Updated Fri, 29 Apr 2016 11:41 PM IST
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अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पर नृत्य शिक्षकों का हुआ सम्मान
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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वृंदावन बाल विकास परिषद् ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर श्याम वाटिका स्थित के आर मेमोरियल पब्लिक स्कूल में नृत्य शिक्षक और शिक्षिकाओं को सम्मानित किया।
समारोह में वेणुनाद कला केंद्र के संस्थापक गुरु प्रताप नारायण ने कहा कि नृत्य के बिना जीवन नीरस और बेरंग है। नृत्य मन की भावनाओं को प्रदर्शित करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम भी है।
परिषद् अध्यक्ष राजकिशोर भारती और उपाध्यक्ष घनश्याम चौधरी ने कहा कि स्वयं भगवान शंकर ने तांडव और श्रीकृष्ण ने महारास करके नृत्यकला की सार्थकता सिद्ध की।
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अध्यक्षता करते हुए पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम ने कहा कि भारतीय संस्कृति और जीवनशैली में नृत्यकला का आदिकाल से अपना अलग ही महत्व रहा है।
इससे पूर्व नृत्य शिक्षक शैलेंद्र सिंह, दिलीप सिंह, आशीष शर्मा, ब्रजवाला बघेल, सृष्टि अग्निहोत्री और ज्योति बघेल को दुपट्टा ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस असवर पर देवेंद्र शर्मा, इंद्र सिंह, विष्णु गोला, श्याम सुंदर दास, अंकित वार्ष्णेय आदि उपस्थित थे।
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समारोह में वेणुनाद कला केंद्र के संस्थापक गुरु प्रताप नारायण ने कहा कि नृत्य के बिना जीवन नीरस और बेरंग है। नृत्य मन की भावनाओं को प्रदर्शित करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम भी है।
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परिषद् अध्यक्ष राजकिशोर भारती और उपाध्यक्ष घनश्याम चौधरी ने कहा कि स्वयं भगवान शंकर ने तांडव और श्रीकृष्ण ने महारास करके नृत्यकला की सार्थकता सिद्ध की।
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अध्यक्षता करते हुए पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम ने कहा कि भारतीय संस्कृति और जीवनशैली में नृत्यकला का आदिकाल से अपना अलग ही महत्व रहा है।
इससे पूर्व नृत्य शिक्षक शैलेंद्र सिंह, दिलीप सिंह, आशीष शर्मा, ब्रजवाला बघेल, सृष्टि अग्निहोत्री और ज्योति बघेल को दुपट्टा ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस असवर पर देवेंद्र शर्मा, इंद्र सिंह, विष्णु गोला, श्याम सुंदर दास, अंकित वार्ष्णेय आदि उपस्थित थे।