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अब क्राइम डिटेक्शन बाइ अपग्रेडेड साइबर इंटेलीजेंस
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 28 Dec 2015 10:49 PM IST
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एटीएम पिन पूछकर लाखों रुपये की ठगी करने, फेसबुक और वाट्सएप पर अश्लीलता फैलाने वाले और नेट बैंकिंग में फ्रॉड करने वालों को पुलिस अब आसानी से दबोच लेगी। इन अपराधियोें के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करना भी पुलिस के लिए आसान होगा। इसके लिए पुलिस अधिकारियों और विवेचकों को अपग्रेडेड सर्विलांस का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
साइबर क्राइम रोकने के लिए पुलिस सर्विलांस और विवेचना करने के तरीकों को अपग्रेड कर रही है। इसके लिए पुलिस अधिकारियों, एसओ और क्राइम ब्रांच के दरोगाओें को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पुलिस लाइन में ट्रेनिंग दे रहे गाजियाबाद की ब्लेक्ट्रोनिक्स इनवेस्टिगेशन लेप्स एंड कंसल्टिंग टू लाइन इंफोर्समेंट एजेंसी के डायरेक्टर ईशान सिन्हा ने बताया कि हाईटेक हो रहे अपराधियों के सामने पुलिस के तरीके पुराने और कमजोर पड़ रहे हैं।
अब सर्विलांस सिस्टम व विवेचना करने के तरीकों को अपग्रेड करने को नया सॉफ्टवेयर ‘क्राइम डिटेक्शन बाइ साइबर इंटेलीजेंस’ तैयार किया गया है। इसमें अपराधी अपने मोबाइल की ईएमईआई नंबर बदलकर भी अपराध करने में फोन प्रयोग करेंगे वो भी पकड़ में आ जाएगा। साथ ही नए सिस्टम से फ्रॉड करने वालों के खिलाफ आसानी से विवेचक दरोगा फ्रॉड करने वाले कागजात जुटा सकेंगे।
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मॉर्डन सर्विलांस में अपराधियों के 15 मीटर निकट तक पहुंचा जा सकेगा। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को ईशान ने इसका प्रयोग करना भी सिखाया। इस दौरान एसएसपी डा. राकेश सिंह, एसपी देहात अजय कुमार पांडेय, सीओ छाता पीयूष कुमार, सीओ रिफाइनरी सुरेन्द्र यादव व सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे।
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साइबर क्राइम रोकने के लिए पुलिस सर्विलांस और विवेचना करने के तरीकों को अपग्रेड कर रही है। इसके लिए पुलिस अधिकारियों, एसओ और क्राइम ब्रांच के दरोगाओें को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पुलिस लाइन में ट्रेनिंग दे रहे गाजियाबाद की ब्लेक्ट्रोनिक्स इनवेस्टिगेशन लेप्स एंड कंसल्टिंग टू लाइन इंफोर्समेंट एजेंसी के डायरेक्टर ईशान सिन्हा ने बताया कि हाईटेक हो रहे अपराधियों के सामने पुलिस के तरीके पुराने और कमजोर पड़ रहे हैं।
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अब सर्विलांस सिस्टम व विवेचना करने के तरीकों को अपग्रेड करने को नया सॉफ्टवेयर ‘क्राइम डिटेक्शन बाइ साइबर इंटेलीजेंस’ तैयार किया गया है। इसमें अपराधी अपने मोबाइल की ईएमईआई नंबर बदलकर भी अपराध करने में फोन प्रयोग करेंगे वो भी पकड़ में आ जाएगा। साथ ही नए सिस्टम से फ्रॉड करने वालों के खिलाफ आसानी से विवेचक दरोगा फ्रॉड करने वाले कागजात जुटा सकेंगे।
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मॉर्डन सर्विलांस में अपराधियों के 15 मीटर निकट तक पहुंचा जा सकेगा। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को ईशान ने इसका प्रयोग करना भी सिखाया। इस दौरान एसएसपी डा. राकेश सिंह, एसपी देहात अजय कुमार पांडेय, सीओ छाता पीयूष कुमार, सीओ रिफाइनरी सुरेन्द्र यादव व सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे।