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‘भक्ति जगत के आधार थे श्रील जीव गोस्वामी’
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Tue, 12 Jan 2016 11:54 PM IST
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राधा दामोदर मंदिर में श्रील जीव गोस्वामी महाराज के तिरोभाव महोत्सव पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रात:काल उनके अनुयायियों ने मंदिर में स्थित श्रील जीव गोस्वामी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
आचार्य निर्मलचंद्र गोस्वामी ने कहा कि श्रील जीव गोस्वामी बाल्यकाल से ही श्रीमद्भागवत के अनुरागी थे। उन्होंने कहा कि श्रील जीव गोस्वामी भक्ति जगत के आधार स्तंभ थे। जीव गोस्वामी की वृंदावन धाम में परम निष्ठा थी।
कनिका प्रसाद गोस्वामी ने कहा कि उन्होंने चैतन्य महाप्रभु के संदेश को भक्तों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का जीवन श्रील जीव गोस्वामी ने जिया है वह भक्ति करने की शिक्षा का परम उदाहरण है।
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अल्पकाल में ही व्याकरण, अलंकार, काव्य, कोष के अलावा वेद आदि शास्त्रों पर अधिकार प्राप्त कर लिया था। इस अवसर करुण गोस्वामी, कृष्ण बलराम गेस्वामी, सियाराम आदि उपस्थित रहे।
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आचार्य निर्मलचंद्र गोस्वामी ने कहा कि श्रील जीव गोस्वामी बाल्यकाल से ही श्रीमद्भागवत के अनुरागी थे। उन्होंने कहा कि श्रील जीव गोस्वामी भक्ति जगत के आधार स्तंभ थे। जीव गोस्वामी की वृंदावन धाम में परम निष्ठा थी।
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कनिका प्रसाद गोस्वामी ने कहा कि उन्होंने चैतन्य महाप्रभु के संदेश को भक्तों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का जीवन श्रील जीव गोस्वामी ने जिया है वह भक्ति करने की शिक्षा का परम उदाहरण है।
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अल्पकाल में ही व्याकरण, अलंकार, काव्य, कोष के अलावा वेद आदि शास्त्रों पर अधिकार प्राप्त कर लिया था। इस अवसर करुण गोस्वामी, कृष्ण बलराम गेस्वामी, सियाराम आदि उपस्थित रहे।