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Mathura News: नोटिस निस्तारण के लिए ब्लॉक पर उमड़ा जनसैलाब
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चौमुहां। क्षेत्रीय मतदाताओं की एसआईआर (SIR) के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नोटिसों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को चौमुहां ब्लॉक मुख्यालय पर अपनी नागरिकता और वंशावली के दस्तावेज जमा करने के लिए लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ अधिक होने और समय की कमी से सैकड़ों लोग बिना निस्तारण के ही वापस लौट गए, जिससे स्थानीय निवासियों में रोष व्याप्त है।
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिन मतदाताओं की एसआईआर फॉर्म में मैपिंग नहीं हो पाई है, उन्हें नोटिस जारी कर वर्ष 2003 की मतदाता सूची से माता-पिता या दादा-दादी के नाम का विवरण मांगा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि 2003 की सूची में नाम उपलब्ध नहीं है, तो मतदाताओं को अपनी पहचान और संबंधित वंशावली सिद्ध करने के लिए निर्धारित 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
बृहस्पतिवार दोपहर 12:00 बजे से नायब तहसीलदार शिवशंकर पटेल की देखरेख में एईआरओ ने सुनवाई शुरू की। हालांकि, सुनवाई का समय मात्र ढाई घंटे (12:00 से 2:30 बजे) होने के कारण बड़ी संख्या में आए लोगों के काम नहीं हो सके। प्रशासनिक दावों के बीच स्थानीय लोगों ने अव्यवस्थाओं के आरोप भी लगाए। ग्राम परखम गुर्जर निवासी टीकम चंद शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपनी दोनों पुत्रवधुओं के दस्तावेज बीएलओ को समय पर दे दिए थे, फिर भी उन्हें नोटिस जारी कर दोबारा बुलाया गया।
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निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिन मतदाताओं की एसआईआर फॉर्म में मैपिंग नहीं हो पाई है, उन्हें नोटिस जारी कर वर्ष 2003 की मतदाता सूची से माता-पिता या दादा-दादी के नाम का विवरण मांगा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि 2003 की सूची में नाम उपलब्ध नहीं है, तो मतदाताओं को अपनी पहचान और संबंधित वंशावली सिद्ध करने के लिए निर्धारित 13 वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
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बृहस्पतिवार दोपहर 12:00 बजे से नायब तहसीलदार शिवशंकर पटेल की देखरेख में एईआरओ ने सुनवाई शुरू की। हालांकि, सुनवाई का समय मात्र ढाई घंटे (12:00 से 2:30 बजे) होने के कारण बड़ी संख्या में आए लोगों के काम नहीं हो सके। प्रशासनिक दावों के बीच स्थानीय लोगों ने अव्यवस्थाओं के आरोप भी लगाए। ग्राम परखम गुर्जर निवासी टीकम चंद शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपनी दोनों पुत्रवधुओं के दस्तावेज बीएलओ को समय पर दे दिए थे, फिर भी उन्हें नोटिस जारी कर दोबारा बुलाया गया।
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