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बांके बिहारी मंदिर: आराध्य के दर्शन से पहले भीड़ के दबाव में चीख पड़े बच्चे-महिलाएं, लगी एक किमी लंबी लाइन
Tue, 03 Oct 2023 07:30 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Tue, 03 Oct 2023 07:30 AM IST
सार
वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में आराध्य के दर्शन से पहले भीड़ के दबाव में बच्चे-महिलाएं चीख पड़े। एक किमी लंबी लाइन लगी रही। गांधी जयंती पर करीब पांच लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
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बांके बिहारी मंदिर: आराध्य के दर्शन से पहले भीड़ के दबाव में चीख पढ़े बच्चे-महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन में छुट्टी के चौथे दिन सोमवार को भी बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा। पांच लाख श्रद्धालुओं ने आराध्य बांकेबिहारी के दर्शन किए। मंदिर के चौक से लेकर मंदिर की संकरी गलियों में जबर्दस्त भीड़ के बीच से दर्शन करने में भक्तों की हालत पस्त हो गई।
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शुक्रवार से लगातार सोमवार तक चार दिनों की छुट्टी होने से लगातार चौथे दिन भी बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लग गया। आराध्य की लालसा में सुबह छह बजे से ही श्रद्धालुओं का मंदिर गलियों में आना शुरू हो गया। सुबह करीब साढे़ सात बजे तक पट खुलने तक मंदिर के प्रवेश द्वारा संख्या दो और तीन पर से लेकर विद्यापीठ चौराहा, दूसरी ओर जुगलघाट तक श्रद्धालुओं का जमावड़ा लग गया।
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बांके बिहारी मंदिर: आराध्य के दर्शन से पहले भीड़ के दबाव में चीख पढ़े बच्चे-महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि पुलिस ने जगह-जगह श्रद्धालुओं को रोकते हुए मंदिर ओर जाने दिया। इसके बावजूद मंदिर के सभी रास्ते श्रद्धालुओं की भीड़ से चोक हो गए। मंदिर के द्वार से पांच सौ मीटर की दूरी ढाई से तीन घंटे में श्रद्धालुओं ने तय की। इस बीच हर कोई भक्त किसी न किसी तरह मंदिर के द्वारा तक पहुंचने की कोशिश में लगा आया। भीड़ के दबाव के बीच बच्चे रोने लगे।
श्रद्धालु पसीना से तरबतर हुए। महिलाओं को भी हालत भीड़ के दबाव के कारण पस्त हो गई। घंटों इंतजार के बाद धक्का खाने के बाद श्रद्धालुओं को बांकेबिहारी के दर्शन हो सके। आराध्य के दर्शन के लिए संघर्ष का यह क्रम देर शाम तक मंदिर के पट बंद होने तक जारी रहा।
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मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया क लगातार चार दिन की छुट्टी हो जाने से बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए। लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। जबकि कनागत के समय श्रद्धालुओं की संख्या कम हो जाती है, लेकिन इस बार कनागत में भी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में किसी तरह की कमी नहीं आई।
श्रद्धालु पसीना से तरबतर हुए। महिलाओं को भी हालत भीड़ के दबाव के कारण पस्त हो गई। घंटों इंतजार के बाद धक्का खाने के बाद श्रद्धालुओं को बांकेबिहारी के दर्शन हो सके। आराध्य के दर्शन के लिए संघर्ष का यह क्रम देर शाम तक मंदिर के पट बंद होने तक जारी रहा।
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मंदिर के सह प्रबंधक उमेश सारस्वत ने बताया क लगातार चार दिन की छुट्टी हो जाने से बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए। लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। जबकि कनागत के समय श्रद्धालुओं की संख्या कम हो जाती है, लेकिन इस बार कनागत में भी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में किसी तरह की कमी नहीं आई।