{"_id":"69c19d1c7493425bf70eb942","slug":"crops-flattened-by-storm-farmers-hopes-dashed-mathura-news-c-412-1-mt21004-6376-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: आंधी से बिछी फसलें, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: आंधी से बिछी फसलें, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
विज्ञापन
चौमुहां (मथुरा)। पिछले दिनों से लगातार बिगड़ रहा मौसम अब किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सोमवार को हुई बारिश और तेज हवाओं ने चौमुहां क्षेत्र के दर्जनों गांवों के खेतों में तबाही मचा दी। गेहूं, सरसों और आलू की तैयार फसलें खेतों में ही दम तोड़ रही हैं, जिससे किसानों की साल भर की मेहनत और जमा-पूंजी मिट्टी में मिलती नजर आ रही है।
बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने गेहूं के किसानों को पूरी तरह चौपट कर दिया है। अकबरपुर निवासी सहदेव सिंह और सिहाना के महेश सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन आंधी और बारिश ने फसल को बिछा दिया है। अब बालियों में नमी के कारण दाना काला पड़ जाएगा और पैदावार में गिरावट आएगी। यही हाल चौमुहां के खेतों का है। सरसों और आलू की खेती करने वाले किसानों की स्थिति और भी हृदयविदारक है। चौमुहां निवासी बच्चू सिंह ने बताया कि सरसों की फसल तैयार थी। बारिश और तेज हवाओं ने पूरी फसल को जमीन में लिटा दिया।
आझई निवासी विवेक शर्मा ने बताया कि आलू की खुदाई का काम लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन उठान न होने के कारण खेतों में बने आलू के डंप पूरी तरह भीग गए हैं। आलू में सड़न पैदा होने लगी है। किसानों को भारी आर्थिक चपत लगनी तय है। तरौली निवासी घनश्याम सिंह और जैंत निवासी सुंदर सिंह के अनुसार, तरौली, अकबरपुर, नौगांव, चौमुहां, आझई, जैत, सिहाना और कौकेरा जैसे गांवों में फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। चौमुहां निवासी राजकुमार, मदन गोपाल, लाजपत सिंह, देशराज सिंह, देवा ठाकुर, सुनहरी सिंह, तरौली निवासी मंसो, सतवीर, बाबू सिंह आदि किसानों का कहना है कि शासन की ओर से जल्द से जल्द सर्वे कराया जाना चाहिए ताकि उन्हें उचित मुआवजा मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने गेहूं के किसानों को पूरी तरह चौपट कर दिया है। अकबरपुर निवासी सहदेव सिंह और सिहाना के महेश सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन आंधी और बारिश ने फसल को बिछा दिया है। अब बालियों में नमी के कारण दाना काला पड़ जाएगा और पैदावार में गिरावट आएगी। यही हाल चौमुहां के खेतों का है। सरसों और आलू की खेती करने वाले किसानों की स्थिति और भी हृदयविदारक है। चौमुहां निवासी बच्चू सिंह ने बताया कि सरसों की फसल तैयार थी। बारिश और तेज हवाओं ने पूरी फसल को जमीन में लिटा दिया।
विज्ञापन
आझई निवासी विवेक शर्मा ने बताया कि आलू की खुदाई का काम लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन उठान न होने के कारण खेतों में बने आलू के डंप पूरी तरह भीग गए हैं। आलू में सड़न पैदा होने लगी है। किसानों को भारी आर्थिक चपत लगनी तय है। तरौली निवासी घनश्याम सिंह और जैंत निवासी सुंदर सिंह के अनुसार, तरौली, अकबरपुर, नौगांव, चौमुहां, आझई, जैत, सिहाना और कौकेरा जैसे गांवों में फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। चौमुहां निवासी राजकुमार, मदन गोपाल, लाजपत सिंह, देशराज सिंह, देवा ठाकुर, सुनहरी सिंह, तरौली निवासी मंसो, सतवीर, बाबू सिंह आदि किसानों का कहना है कि शासन की ओर से जल्द से जल्द सर्वे कराया जाना चाहिए ताकि उन्हें उचित मुआवजा मिल सके।
विज्ञापन