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छावनी में तब्दील हुआ कलक्ट्रेट परिसर
अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 05 Apr 2016 11:22 PM IST
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छावनी में तब्दील हुआ कलक्ट्रेट परिसर
- फोटो : अमर उजाला
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जवाहर बाग में दो साल से अवैध कब्जा जमाए लोगों द्वारा तहसील सदर पर हमले के बाद पुलिस ने आसपास कालोनियों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। मंगलवार को पूरा कलक्ट्रेट परिसर, सदर तहसील और आसपास का इलाका छावनी सा नजर आया। एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट पुलिस और पीएसी के साथ पल-पल की जानकारी लेते रहे।
खुद को सत्याग्रही बताने वाले करीब 2000 से अधिक लोग जवाहर बाग की सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए हैं। 15 मार्च को आलू खोदने गए उद्यानकर्मियों की इन लोगों ने पिटाई कर दी थी। इसके बाद उद्यानकर्मी धरने पर बैठ गए। उन्हें किसानों और राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिला। सोमवार को जिले के किसानों द्वारा जवाहर बाग खाली कराने के लिए कूच करने से पहले दोपहर में जवाहर बाग से आए करीब 25 युवकों ने सदर तहसील पर हमला कर दिया था।
इसमें अधिवक्ताओें, वादकारियों, के साथ तहसील कर्मचारियों और कैंटीन पर नाश्ता कर रहे लोगों की लाठी-डंडों से पिटाई की गई। हमलावरों ने किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य शशिबाला गुप्ता की कार क्षतिग्रस्त कर बोर्ड में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद से पुलिस ने सदर तहसील, जज कालोनी, जवाहर बाग कालोनी और समूचे कलक्ट्रेट परिसर को छावनी बना दिया है।
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थाना सदर बाजार, यमुनापार, राया, हाईवे, रिफाइनरी, बलदेव, महावन, कोतवाली, गोविंद नगर, पुलिस लाइन का फोर्स और दो कंपनी पीएसी तैनात की गई हैं। मंगलवार को अवकाश होने के बाद भी सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार, एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी पूरे दिन सिविल लाइन चौकी पर बैठे रहे और जज कंपाउंड, जवाहर बाग कालोनी और तहसील की इमारत पर नजर बनाए थे।
तहसील भवन, कालोनियों पर है नजर
जवाहर बाग में कब्जा जमाए बैठे लोगों की तहसील भवन, जवाहर बाग कालोनी और जज कालोनी पर नजर है। यही कारण है कि सदर तहसील पर हमले के बाद प्रशासन ने इस इलाके में सबसे ज्यादा पुलिस तैनात की है। खुद को सत्याग्रही कहने वाले लोग आए दिन कर्मचारियों के परिवारों को धमकाते रहते हैं।
जवाहर बाग कालोनी निवासी महिला ने बताया कि करीब एक माह पहले छत पर कपड़े सुखाने के दौरान उनके बच्चे ने कूड़ा नीचे फेंक दिया था। इस पर जवाहर बाग के लोगों ने उन्हें काफी धमकाया। तब से बच्चे छत पर नहीं जाते हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि सुबह-सुबह माइक बजाने की मना करने पर ये लोग मारपीट पर उतारू हो गए थे।
30 पेज की रिपोर्ट शासन को भेजी
मथुरा। पुलिस और प्रशासन की ओर से सदर तहसील पर हमले की 30 पेज की संयुक्त रिपोर्ट शासन को भेजी है। इसमें जवाहर बाग पर कब्जा जमाए महिला, बुजर्ग, युवकों की संख्या 5000 के आसपास बताई गई है। रिपोर्ट में पूरे जवाहरबाग का नक्शा, नजरी और वहां लोगों द्वारा संचालित की जा रही क्लीनिक, टेलरिंग, खानपान से लेकर अन्य दैनिक गतिविधियों की जानकारी भी है। भविष्य में संभावित जनहानि से बचाने और जनहित में जवाहर बाग को खाली कराने के लिए केंद्रीय बल, पीएसी और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में कार्रवाई कराने को कहा गया है।
सेना ने ली जानकारी
सदर तहसील पर हमले के बाद सेना भी जवाहर बाग मामले में सतर्क हो गई है। मंगलवार को सेना की इंटेलीजेंस के लोगों ने जवाहर बाग जाकर निरीक्षण किया और वहां की गतिविधियों को देखा। सेना मामले पर लगातार नजर बनाए है।
जवाहरबाग में जमे लोगों के खिलाफ उद्यानकर्मियों और किसानों का धरना 15 दिन के अल्टीमेटम पर समाप्त हो गया था। सोमवार को सदर तहसील में हुए हमले के मामले में दो रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। हमलावरों को चिन्हित कर गिरफ्तारी की जाएगी और जेल भेजा जाएगा।
डा. राकेश सिंह
एसएसपी
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खुद को सत्याग्रही बताने वाले करीब 2000 से अधिक लोग जवाहर बाग की सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए हैं। 15 मार्च को आलू खोदने गए उद्यानकर्मियों की इन लोगों ने पिटाई कर दी थी। इसके बाद उद्यानकर्मी धरने पर बैठ गए। उन्हें किसानों और राजनीतिक संगठनों का समर्थन मिला। सोमवार को जिले के किसानों द्वारा जवाहर बाग खाली कराने के लिए कूच करने से पहले दोपहर में जवाहर बाग से आए करीब 25 युवकों ने सदर तहसील पर हमला कर दिया था।
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इसमें अधिवक्ताओें, वादकारियों, के साथ तहसील कर्मचारियों और कैंटीन पर नाश्ता कर रहे लोगों की लाठी-डंडों से पिटाई की गई। हमलावरों ने किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य शशिबाला गुप्ता की कार क्षतिग्रस्त कर बोर्ड में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद से पुलिस ने सदर तहसील, जज कालोनी, जवाहर बाग कालोनी और समूचे कलक्ट्रेट परिसर को छावनी बना दिया है।
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थाना सदर बाजार, यमुनापार, राया, हाईवे, रिफाइनरी, बलदेव, महावन, कोतवाली, गोविंद नगर, पुलिस लाइन का फोर्स और दो कंपनी पीएसी तैनात की गई हैं। मंगलवार को अवकाश होने के बाद भी सिटी मजिस्ट्रेट विजय कुमार, एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी पूरे दिन सिविल लाइन चौकी पर बैठे रहे और जज कंपाउंड, जवाहर बाग कालोनी और तहसील की इमारत पर नजर बनाए थे।
तहसील भवन, कालोनियों पर है नजर
जवाहर बाग में कब्जा जमाए बैठे लोगों की तहसील भवन, जवाहर बाग कालोनी और जज कालोनी पर नजर है। यही कारण है कि सदर तहसील पर हमले के बाद प्रशासन ने इस इलाके में सबसे ज्यादा पुलिस तैनात की है। खुद को सत्याग्रही कहने वाले लोग आए दिन कर्मचारियों के परिवारों को धमकाते रहते हैं।
जवाहर बाग कालोनी निवासी महिला ने बताया कि करीब एक माह पहले छत पर कपड़े सुखाने के दौरान उनके बच्चे ने कूड़ा नीचे फेंक दिया था। इस पर जवाहर बाग के लोगों ने उन्हें काफी धमकाया। तब से बच्चे छत पर नहीं जाते हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि सुबह-सुबह माइक बजाने की मना करने पर ये लोग मारपीट पर उतारू हो गए थे।
30 पेज की रिपोर्ट शासन को भेजी
मथुरा। पुलिस और प्रशासन की ओर से सदर तहसील पर हमले की 30 पेज की संयुक्त रिपोर्ट शासन को भेजी है। इसमें जवाहर बाग पर कब्जा जमाए महिला, बुजर्ग, युवकों की संख्या 5000 के आसपास बताई गई है। रिपोर्ट में पूरे जवाहरबाग का नक्शा, नजरी और वहां लोगों द्वारा संचालित की जा रही क्लीनिक, टेलरिंग, खानपान से लेकर अन्य दैनिक गतिविधियों की जानकारी भी है। भविष्य में संभावित जनहानि से बचाने और जनहित में जवाहर बाग को खाली कराने के लिए केंद्रीय बल, पीएसी और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में कार्रवाई कराने को कहा गया है।
सेना ने ली जानकारी
सदर तहसील पर हमले के बाद सेना भी जवाहर बाग मामले में सतर्क हो गई है। मंगलवार को सेना की इंटेलीजेंस के लोगों ने जवाहर बाग जाकर निरीक्षण किया और वहां की गतिविधियों को देखा। सेना मामले पर लगातार नजर बनाए है।
जवाहरबाग में जमे लोगों के खिलाफ उद्यानकर्मियों और किसानों का धरना 15 दिन के अल्टीमेटम पर समाप्त हो गया था। सोमवार को सदर तहसील में हुए हमले के मामले में दो रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। हमलावरों को चिन्हित कर गिरफ्तारी की जाएगी और जेल भेजा जाएगा।
डा. राकेश सिंह
एसएसपी