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हर तरफ खून ही खून, खोखे ही खोखे
अमर उजाला
Updated Fri, 03 Jun 2016 02:05 AM IST
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आपरेशन जवाहर बाग
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जवाहर बाग में क्या हुआ इसकी गवाही वहां पड़ा खून और जगह-जगह बिखरे खोखे दे रहे हैं। कई पेड़ों के तो तने भी खून से लाल हो गए। जवाहर बाग से बोरे भर खोखे बरामद किए गए हैं। तमंचे और फरसे भी पुलिस को मिले हैं।
शाम को पांच बजे के बाद जवाहर बाग में पुलिस और कब्जाधारियों के बीच फायरिंग शुरू हुई। दोनों तरफ से गोलियां चलीं। एसपी सिटी और एसओ फरह को गोली लगने के बाद गुस्साई पुलिस ने अंधाधुंध फायरिंग की। ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं।
इसकी गवाही दे रहे थे यहां बिखरे खोखे। दूर-दूर तक खोखे नजर आ रहे थे। कारतूस भी मिले हैं। इनमें कुछ पुलिस के थे तो कुछ कब्जाधारियों के। खून तो जगह जगह बिखरा पड़ा था। स्थिति यह थी कि रेत भी लाल हो गया था। पुलिस ने यहां से अवैध असलहे भी बरामद किए हैं।
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तलवार, फरसे, भाले भी बरामद किए हैं। जिस रास्ते से कब्जाधारियों को खदेड़ा जा रहा था वहां भी खून पड़ा था। इससे माना जा रहा है कि पुलिस की गोली से घायल होने के बाद कब्जाधारी अपने जान बचाने के लिए यहां से भागे हैं। जबकि कुछ को लोगों ने भी किसी तरह से सुरक्षित निकाला था।
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शाम को पांच बजे के बाद जवाहर बाग में पुलिस और कब्जाधारियों के बीच फायरिंग शुरू हुई। दोनों तरफ से गोलियां चलीं। एसपी सिटी और एसओ फरह को गोली लगने के बाद गुस्साई पुलिस ने अंधाधुंध फायरिंग की। ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं।
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इसकी गवाही दे रहे थे यहां बिखरे खोखे। दूर-दूर तक खोखे नजर आ रहे थे। कारतूस भी मिले हैं। इनमें कुछ पुलिस के थे तो कुछ कब्जाधारियों के। खून तो जगह जगह बिखरा पड़ा था। स्थिति यह थी कि रेत भी लाल हो गया था। पुलिस ने यहां से अवैध असलहे भी बरामद किए हैं।
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तलवार, फरसे, भाले भी बरामद किए हैं। जिस रास्ते से कब्जाधारियों को खदेड़ा जा रहा था वहां भी खून पड़ा था। इससे माना जा रहा है कि पुलिस की गोली से घायल होने के बाद कब्जाधारी अपने जान बचाने के लिए यहां से भागे हैं। जबकि कुछ को लोगों ने भी किसी तरह से सुरक्षित निकाला था।