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पांच छात्रों की कमरे में बंद कर पिटाई

Thu, 23 Jul 2015 11:25 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा Updated Thu, 23 Jul 2015 11:25 PM IST
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school students beaten by teacher and school staff in mathura
बाहरी शिक्षकों से ट्यूशन पढ़ने से नाराज स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने पांच छात्रों की कमरे में बंद कर जमकर पिटाई की। जानकारी पर जब अभिभावक विद्यालय पहुंचे तो उनसे अभद्र व्यवहार किया गया। हंगामे के बाद जब पुलिस स्कूल में पहुंची तो उनको भी कालेज में घुसने से रोक दिया। अब विद्यालय प्रबंधन कुछ भी कहने से इंकार कर रहा है। 
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मामला डैंपियर नगर स्थित पीडी मॉडर्न पब्लिक स्कूल का है। बताया गया है कि विद्यालय की दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र सौरभ पाल, विशाल मित्तल, अभिजीत भट्टाचार्य, निखिल पाल और शारिक स्कूल से निकल चुके अन्य शिक्षकों से ट्यूशन पढ़ते हैं। आरोप है कि बच्चों पर इस बात का दबाव बनाया जा रहा था कि वह स्कूल के शिक्षकों से ही ट्यूशन पढ़ें। छात्र तैयार नहीं हुए।
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इस पर गुरुवार की सुबह शिक्षक मोहन, छाया गौतम और प्रबंधक भूपेंद्र ने पांचों को एक कक्ष में बुलाया। बच्चों के अनुसार एक कमरे में बंद कर उनकी पिटाई की गई। उनके शरीर पर निशान भी बन गए हैं। मामले की जानकारी जब अभिभावकों को हुई तो वे स्कूल पहुंचे। इस पर कालेज के लोगों ने उन्हें स्कूल में घुसने नहीं दिया। जबरन अभिभावक अंदर घुस भी गए तो शिक्षक और प्रबंधतंत्र ने धक्के देकर निकलवाने का प्रयास किया।
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इसके बाद परिवारीजनों  के सामने ही फिर से बच्चों को धमकाने लगे। इससे गुस्साए अभिभावकों ने वहां हंगामा कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि प्रबंधतंत्र ने पुलिसकर्मियों से भी बिना इजाजत स्कूल में घुसने पर सवाल जवाब कर दिए। अब स्कूल प्रबंधतंत्र मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर रहा है।

धमका कर लिखवाया चोरी का कबूलनामा
जब बच्चों की पिटाई की खबर फैली तो प्रबंधतंत्र के हाथ पैर फूल गए। आरोप है कि उन्होंने आनन फानन में बच्चों से पेपर चोरी का कबूलनामा लिखवा लिया। एक बच्चे ने लिखने से इंकार किया तो उसे फिर से पीटा गया। इससे डर कर बच्चे ने कबूलनामा लिख दिया।



मान्यता पर सवाल
स्कूल पहुंचे अभिभावकों ने कक्षा दस की मान्यता पर भी सवाल उठाए। कहा कि पहले तो उन्होंने अपने बच्चों का प्रवेश स्कूल में करा दिया। बाद में पता चला कि स्कूल की कक्षा दस की मान्यता ही नहीं है। जब प्रबंधकों से पूछा जाता है तो वह गोलमोल जवाब देकर बात टाल देते हैं।
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