{"_id":"58dbed984f1c1b034d63e11d","slug":"report-of-murder-in-constable-suicide-case-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"आत्महत्या नहीं, हत्या में दर्ज हुई रिपोर्ट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आत्महत्या नहीं, हत्या में दर्ज हुई रिपोर्ट
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 29 Mar 2017 10:53 PM IST
विज्ञापन
उमेश
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसओजी सिपाही उमेश कुमार सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने उसके भाई की तहरीर पर उमेश की दूसरी पत्नी और उसके दो भाइयों के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट कर ली है और तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हालांकि पुलिस क्राइम सीन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इसे आत्महत्या की घटना मानकर चल रही है।
मंगलवार की रात को करीब 11:15 बजे मोतीकुंज एक्सटेंशन के मकान नंबर बी-161 में एसओजी सिपाही उमेश कुमार सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने मौके से लाइसेंसी पिस्टल बरामद की थी। यहीं से खोखा भी मिला था। शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना गया था। बुधवार को मथुरा पहुंचे सिपाही के परिवारीजनों ने उमेश की दूसरी पत्नी अंजली सारस्वत और उसके भाई राजेश और शुभम पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। मोतीकुंज में उमेश किराए का मकान लेकर अंजली के साथ ही रहता था।
अंजली के परिवार वालों का कहना है कि दोनों की शादी हो चुकी है जबकि उमेश के परिवार वाले इससे इंकार कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि उमेश की पत्नी पूनम तो अपने बेटे के साथ पुलिस लाइन के क्वार्टर में रहती है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। हाईवे के प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गोली पास से लगी है।
विज्ञापन
2011 में भर्ती हुआ था उमेश
धौलपुर के गांव बोरौली निवासी उमेश कुमार सिंह साल 2011 में पुलिस में भर्ती हुआ था। वह पुलिस लाइन में रहने वाली अपनी बुआ अनीता के पास ही रहता था। उसके फूफा होशियार सिंह पुलिस में तैनात थे। साल 2013 में सिपाही का विवाह पास के ही गांव सहरौली की पूनम से हुआ। दंपति के करीब एक साल पुत्र मयंक भी है। सिपाही का छोटा भाई भी बुआ के यहां रहकर ही इंटरमीडिएट की परीक्षा दे रहा है। करीब चार महीने पहले ही एसओजी में तैनात होने वाला उमेश पहले मथुरा कोतवाली में तैनात था।
चार माह पहले की थी अंजली से शादी
पुलिस हिरासत में आरोपी राजेश ने बताया कि उसकी बहन अंजली से उमेश ने 18 नवंबर 2016 को शादी की थी। उन लोगों के पास शादी के फोटोग्राफ भी हैं। पुलिस मामले की जांच कर सकती है। शादी के बाद से ही दोनों मोतीकुंज एक्सटेंशन में मास्टर प्रेमचंद शर्मा के मकान में किराए पर रह रहे थे। मंगलवार को उनकी बहन का फोन आया था तो हम पहुंचे। देखा तो सिपाही की मौत हो चुकी थी। अंजलि चीख-चीखकर स्वाट टीम के एक सिपाही पर आरोप लगा रही थी कि उसकाफोन कटने के बाद ही उमेश ने गोली मारकर आत्महत्या की। हाईवे पुलिस ने कमरे का ताला लगवा दिया है।
सिपाही के परिजन मिले डीआईजी से
पुलिस लाइन में औचक निरीक्षण को पहुंचे डीआईजी महेश मिश्रा से मृतक सिपाही के परिवारीजन मिले और न्याय दिलाने की गुहार लगाई। डीआईजी ने आश्वस्त किया कि पूरा न्याय मिलेगा।
पिस्टल से नहीं मिल सके फिंगर प्रिंट
जिस पिस्टल से चली गोली सिपाही की मौत का कारण बनी, उस पिस्टल के फिंगर प्रिंट नहीं आ सके। पुलिस सूत्रों की माने तो पिस्टल खुरदरी होने के चलते फिंगर प्रिंट नहीं आ सकते। चिकनी होती तो फिंगर प्रिंट मिल जाते।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जरूर एंटी मार्टम इंजरी आई है। फिर भी जांच की जा रही है कि उमेश को मारा गया है या उसने आत्महत्या की है। जांच के बाद ही हकीकत सामने आएगी।
- मोहित गुप्ता
एसएसपी
विज्ञापन
मंगलवार की रात को करीब 11:15 बजे मोतीकुंज एक्सटेंशन के मकान नंबर बी-161 में एसओजी सिपाही उमेश कुमार सिंह की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने मौके से लाइसेंसी पिस्टल बरामद की थी। यहीं से खोखा भी मिला था। शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना गया था। बुधवार को मथुरा पहुंचे सिपाही के परिवारीजनों ने उमेश की दूसरी पत्नी अंजली सारस्वत और उसके भाई राजेश और शुभम पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। मोतीकुंज में उमेश किराए का मकान लेकर अंजली के साथ ही रहता था।
विज्ञापन
अंजली के परिवार वालों का कहना है कि दोनों की शादी हो चुकी है जबकि उमेश के परिवार वाले इससे इंकार कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि उमेश की पत्नी पूनम तो अपने बेटे के साथ पुलिस लाइन के क्वार्टर में रहती है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। हाईवे के प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गोली पास से लगी है।
विज्ञापन
2011 में भर्ती हुआ था उमेश
धौलपुर के गांव बोरौली निवासी उमेश कुमार सिंह साल 2011 में पुलिस में भर्ती हुआ था। वह पुलिस लाइन में रहने वाली अपनी बुआ अनीता के पास ही रहता था। उसके फूफा होशियार सिंह पुलिस में तैनात थे। साल 2013 में सिपाही का विवाह पास के ही गांव सहरौली की पूनम से हुआ। दंपति के करीब एक साल पुत्र मयंक भी है। सिपाही का छोटा भाई भी बुआ के यहां रहकर ही इंटरमीडिएट की परीक्षा दे रहा है। करीब चार महीने पहले ही एसओजी में तैनात होने वाला उमेश पहले मथुरा कोतवाली में तैनात था।
चार माह पहले की थी अंजली से शादी
पुलिस हिरासत में आरोपी राजेश ने बताया कि उसकी बहन अंजली से उमेश ने 18 नवंबर 2016 को शादी की थी। उन लोगों के पास शादी के फोटोग्राफ भी हैं। पुलिस मामले की जांच कर सकती है। शादी के बाद से ही दोनों मोतीकुंज एक्सटेंशन में मास्टर प्रेमचंद शर्मा के मकान में किराए पर रह रहे थे। मंगलवार को उनकी बहन का फोन आया था तो हम पहुंचे। देखा तो सिपाही की मौत हो चुकी थी। अंजलि चीख-चीखकर स्वाट टीम के एक सिपाही पर आरोप लगा रही थी कि उसकाफोन कटने के बाद ही उमेश ने गोली मारकर आत्महत्या की। हाईवे पुलिस ने कमरे का ताला लगवा दिया है।
सिपाही के परिजन मिले डीआईजी से
पुलिस लाइन में औचक निरीक्षण को पहुंचे डीआईजी महेश मिश्रा से मृतक सिपाही के परिवारीजन मिले और न्याय दिलाने की गुहार लगाई। डीआईजी ने आश्वस्त किया कि पूरा न्याय मिलेगा।
पिस्टल से नहीं मिल सके फिंगर प्रिंट
जिस पिस्टल से चली गोली सिपाही की मौत का कारण बनी, उस पिस्टल के फिंगर प्रिंट नहीं आ सके। पुलिस सूत्रों की माने तो पिस्टल खुरदरी होने के चलते फिंगर प्रिंट नहीं आ सकते। चिकनी होती तो फिंगर प्रिंट मिल जाते।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जरूर एंटी मार्टम इंजरी आई है। फिर भी जांच की जा रही है कि उमेश को मारा गया है या उसने आत्महत्या की है। जांच के बाद ही हकीकत सामने आएगी।
- मोहित गुप्ता
एसएसपी