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रामवृक्ष जिंदा है या मर चुका, पुलिस नहीं दे पा रही सबूत

Fri, 19 May 2017 12:06 AM IST
मथुरा
मथुरा Updated Fri, 19 May 2017 12:06 AM IST
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Ramvraksh is alive or dead, police can not provide proof
Demo Pic - फोटो : google
जवाहर बाग कांड के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव की मौत के प्रमाण पेश करने में पुलिस लापरवाही बरत रही है। पुलिस इस मामले में अब तक कोर्ट के सामने रामवृक्ष की मौत की डीएनए रिपोर्ट नहीं पेश कर पाई है। 20 मई 2011 को रामसुमिरन आदि ने थाना हाईवे में एक मामला दर्ज कराया था। इसमें रामवृक्ष यादव और हरनाथ सहित 14 लोगों पर जानलेवा
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हमले व मारपीट का आरोप लगाया गया। जिस घटना ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया उसके प्रति पुलिस का रवैया बेहद चौंकाने वाला है। इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में कहा है कि रामवृक्ष यादव दो जून 2016 को हुए एक कांड में मारा गया। लेकिन अदालत ने जब वैज्ञानिक प्रमाण (डीएनए) की रिपोर्ट दाखिल करने को कहा तो पुलिस बंगले झांक रही है। वहीं, मुख्य
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घटना के मामले में भी पुलिस कह रही है कि रामवृक्ष यादव मारा गया लेकिन उसके पास इस बात का कोई प्रमाण नहीं है। हालांकि पुलिस ने रामवृक्ष का डीएनए मैच करने के लिए उसके बेटे का डीएनए जांच के लिए भेजा है। दूसरी तरफ 22 जनवरी 2015 को एसओ सदर प्रदीप पांडेय पर हुए जानलेवा हमले में कोर्ट ने एनबीडब्लू जारी कर रखे हैं लेकिन पुलिस उस पर भी
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खामोश है। वहीं, 4 अप्रैल 2016 को तहसील में घुसकर मारपीट और बलवा वाले मामले पुलिस रामवृक्ष को फरार बता रही है। जबकि 15 मार्च 2016 को उद्यान अधिकारी व कर्मचारियों से मारपीट मामले में पुलिस रामवृक्ष को मृत मान रही है अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि रामवृक्ष पर करीब 21 मुकदमे हैं। इनमें कई मामलों में पुलिस उसे मृत बता रही है कई में उसके खिलाफ वारंट है।

रामवृक्ष यादव के बेटे की डीएनए रिपोर्ट लखनऊ प्रयोगशाला से आनी है। जैसे ही ये रिपोर्ट मिलेगी उसे कोर्ट में दाखिल कर दिया जायेगा।
अशोक कुमार सिंह, एसपी सिटी मथुरा
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