फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   police is not doing well for crime control

भीड़ देखकर फूल जाते हैं पुलस के हाथ-पांव

Sun, 05 Jun 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला
अमर उजाला Updated Sun, 05 Jun 2016 12:23 AM IST
विज्ञापन
police is not doing well for crime control
डमी
‘क्राउड कंट्रोल’ करने में यूपी पुलिस खरी नहीं उतर रही है। यदि कहीं भारी भीड़ से इनका सामना हो जाए तो हाथ-पांव फूल जाते हैं। भीड़ के आगे पूरी तरह से सरेंडर कर देती है या सीधे गोली से बात करती है। जवाहर बाग में भी ऐसा ही हुआ।
विज्ञापन


भीड़ को कंट्रोल करने के तमाम संसाधन इस समय फोर्स के पास मौजूद हैं। गैस के गोले हैं। मिर्ची बम हैं। पानी की बौछार करने का उपाय है। लाठीचार्ज भी किया जा सकता है। लेकिन पुलिस इसके लिए तैयार ही नहीं हो पाती है। जबकि ट्रेनिंग के दौरान भीड़ नियंत्रण का अपना एक पूरा चैप्टर होता है। लगता हैै कि पुलिस वाले इसी चैप्टर पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। 
विज्ञापन


पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह का कहना है कि भीड़ कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लगातार प्रशिक्षण दिलाया जाता है मगर वह उस तरह से कार्रवाई कर नहीं पाती है। ऐसा नहीं है कि गोली से ही भीड़ को कंट्रोल किया जाता है। तमाम व्यवस्थाएं हैं। लाठीचार्ज भी तब किया जाता है जब लगे कि भीड़ पूरी तरह से अनियंत्रित हो रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व डीजीपी ब्रजलाल का कहना है कि साधन कई हैं। वज्र वाहन, बाडी प्रोटेक्टर, रबर बुलेट हैं। बुलेट प्रूफ गाड़ियां हैं। जब भी अनियंत्रित भीड़ में पुलिस प्रवेश करे तब इन संसाधनों का होना जरूरी है। यह उन्हें तय करना होता है कि कौन सा संसाधन कब प्रयोग किया जाएगा।


फायरिंग भी भीड़ को डराने के लिए की जाती है। गोली पैर में मारी जाती है। हाथ में मारी जाती है। ऐसी जगह गोली मारी जाती है जहां गोली लगने से किसी को कोई अधिक नुकसान न हो। फायरिंग का मतलब भी यह नहीं होता कि सीधे गोली चला दो। पूर्व डीजीपी ने स्वीकार किया कि इस समय पुलिस भीड़ कंट्रोल करने में फेल हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed