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गेस्ट हाउस में मिला ट्रांसपोर्ट कारोबारी का शव
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:47 PM IST
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कस्बा स्थित एक धर्मशाला के कमरे में मथुरा के ट्रांसपोर्ट कारोबारी का शव मिला। पुलिस को कमरे से एक सुइसाइड नोट भी मिला है। इसमें आर्थिक तंगी और कुछ लोगों के साथ लेन-देन का जिक्र किया गया है।
सौंख अड्डा स्थित बघेल धर्मशाला के कमरा नंबर-111 में मथुरा के रमन वाटिका मसानी निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजकुमार भार्गव (50) पुत्र महेश चंद भार्गव का शव मिला। बुधवार सुबह कमरे की सफाई करने वाली महिला ने सबसे पहले शव देखा और मैनेजर अमर सिंह को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रजिस्टर में दर्ज पते पर परिवारीजनों को सूचना दे दी। मृतक का पुत्र अंशुल और अन्य परिवारीजन भी धर्मशाला पहुंच गए। एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
परिवारीजनों ने बताया कि 22 फरवरी की सुबह राजकुमार भार्गव मुरैना की कहकर निकले थे। रात नौ बजे बात करने पर उन्होंने अपने को मुरैना के सेल टैक्स आफिस में होने की बात कही और सुबह लौट आने का आश्वासन दिया। परिवारीजनों के अनुसार, इसके बाद से उनका मोबाइल ऑफ हो गया। मंगलवार सुबह फोन न मिलने पर उन्होंने थाना गोविंद नगर में गुमशुदगी दर्ज कराई।
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धर्मशाला के मैनेजर ने बताया कि 22 फरवरी की रात में करीब 12:30 बजे आकर राजकुमार ने धर्मशाला में कमरा लिया था। 23 फरवरी की शाम को चेक आउट टाइम पर मैनेजर के कमरा खाली करने की कहने पर राजकुमार भार्गव ने तबीयत ठीक न होने और बुधवार सुबह कमरा खाली करने की बात कही।
पुलिस के अनुसार कमरे में मिला तीन पेजों पर लिखा सुइसाइड नोट में मृतक के चाचा को संबोधित है। इसमें घर एवं बच्चों की देखभाल करने की बात लिखी है। नोट में कुछ लोगों की ओर से व्यापार में परेशान करने और करीब तीस लाख से अधिक की लेनदारी का भी जिक्र है। इस संबंध में कुछ नामों का भी जिक्र किया गया है। पुलिस ने सुइसाइड नोट कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सट्टे में हो गये थे बरबाद
मृत ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजकुमार भार्गव के साले दीपक ने बताया कि उनके जीजा का मसानी पर न्यू विकास कैरिंग कार्पोरेशन नाम से अच्छा-खासा ट्रांसपोर्ट का काम था। दो साल पूर्व वह क्रिकेट के सट्टे में सब कुछ हार गए थे। पता लगने पर उन्होंने मदद कर फिर से व्यापार जमवाया था। दीपक ने बताया कि सुइसाइड नोट में जिन नामों का जिक्र है, उनमें से एक युवक क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवाने का कार्य करता है।
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सौंख अड्डा स्थित बघेल धर्मशाला के कमरा नंबर-111 में मथुरा के रमन वाटिका मसानी निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजकुमार भार्गव (50) पुत्र महेश चंद भार्गव का शव मिला। बुधवार सुबह कमरे की सफाई करने वाली महिला ने सबसे पहले शव देखा और मैनेजर अमर सिंह को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रजिस्टर में दर्ज पते पर परिवारीजनों को सूचना दे दी। मृतक का पुत्र अंशुल और अन्य परिवारीजन भी धर्मशाला पहुंच गए। एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
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परिवारीजनों ने बताया कि 22 फरवरी की सुबह राजकुमार भार्गव मुरैना की कहकर निकले थे। रात नौ बजे बात करने पर उन्होंने अपने को मुरैना के सेल टैक्स आफिस में होने की बात कही और सुबह लौट आने का आश्वासन दिया। परिवारीजनों के अनुसार, इसके बाद से उनका मोबाइल ऑफ हो गया। मंगलवार सुबह फोन न मिलने पर उन्होंने थाना गोविंद नगर में गुमशुदगी दर्ज कराई।
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धर्मशाला के मैनेजर ने बताया कि 22 फरवरी की रात में करीब 12:30 बजे आकर राजकुमार ने धर्मशाला में कमरा लिया था। 23 फरवरी की शाम को चेक आउट टाइम पर मैनेजर के कमरा खाली करने की कहने पर राजकुमार भार्गव ने तबीयत ठीक न होने और बुधवार सुबह कमरा खाली करने की बात कही।
पुलिस के अनुसार कमरे में मिला तीन पेजों पर लिखा सुइसाइड नोट में मृतक के चाचा को संबोधित है। इसमें घर एवं बच्चों की देखभाल करने की बात लिखी है। नोट में कुछ लोगों की ओर से व्यापार में परेशान करने और करीब तीस लाख से अधिक की लेनदारी का भी जिक्र है। इस संबंध में कुछ नामों का भी जिक्र किया गया है। पुलिस ने सुइसाइड नोट कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सट्टे में हो गये थे बरबाद
मृत ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजकुमार भार्गव के साले दीपक ने बताया कि उनके जीजा का मसानी पर न्यू विकास कैरिंग कार्पोरेशन नाम से अच्छा-खासा ट्रांसपोर्ट का काम था। दो साल पूर्व वह क्रिकेट के सट्टे में सब कुछ हार गए थे। पता लगने पर उन्होंने मदद कर फिर से व्यापार जमवाया था। दीपक ने बताया कि सुइसाइड नोट में जिन नामों का जिक्र है, उनमें से एक युवक क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवाने का कार्य करता है।