{"_id":"0483cd37f30e3bc614d5b373bd94680d","slug":"mob-have-killed-the-accused-of-gangrape-in-mathura-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस्ती खालीकर भागे लोग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बस्ती खालीकर भागे लोग
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा/फरह
Updated Tue, 28 Jul 2015 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बालिका की हत्या के आरोपियों के वाल्मीकि बिरादरी से होने के चलते गुस्साई भीड़ ने बस्ती में जमकर तोड़फोड़ की। कई घरों के दरवाजे तोड़कर अंदर घुसने के बाद सामान तोड़ डाला। टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, बाइक आदि को नुकसान पहुंचाया। दरवाजे और जंगलों को कुल्हाड़ी से काट दिया। बस्ती में रह गई महिलाओं में से ओमी, सोनी और एक अन्य महिला समेत वृद्ध उर्मिला को कमरे के दरवाजे तोड़कर बाहर निकालकर जमकर पीटा गया।
बस्ती में सिर्फ तीन महिलाएं अशर्फी देवी पत्नी सूरज, सोनदेई पत्नी बदन सिंह, उर्मिला पत्नी बलवीर सिंह और बलवीर रह गए हैं। बाकी लोग बस्ती छोड़ गए। उन्होंने बताया कि ओमी, सोनी और एक अन्य महिला को बुरी तरह से पीटा गया। गंभीर हालत में तीनों को ही आगरा रेफर किया गया है। उर्मिला पास में ही बिछी चारपाई पर कराह रही थीं। उन्होंने बताया कि बस्ती में करीब दस-बारह ही घर हैं।
इनमें रहने वाले लोगों को भनक लग गई थी कि गुस्साई भीड़ बवाल कर सकती है। इस आशंका को देखते हुए सभी लोग भाग गए। जो नहीं भाग सके, वह अपने घरों के कमरों में छिप गए लेकिन भीड़ ने दरवाजों को कुल्हाड़ी से काटकर तोड़ दिया और जो भी मिला उसको पीटा। जानवरों को भी खोल दिया। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती में सिर्फ तीन महिलाएं अशर्फी देवी पत्नी सूरज, सोनदेई पत्नी बदन सिंह, उर्मिला पत्नी बलवीर सिंह और बलवीर रह गए हैं। बाकी लोग बस्ती छोड़ गए। उन्होंने बताया कि ओमी, सोनी और एक अन्य महिला को बुरी तरह से पीटा गया। गंभीर हालत में तीनों को ही आगरा रेफर किया गया है। उर्मिला पास में ही बिछी चारपाई पर कराह रही थीं। उन्होंने बताया कि बस्ती में करीब दस-बारह ही घर हैं।
विज्ञापन
इनमें रहने वाले लोगों को भनक लग गई थी कि गुस्साई भीड़ बवाल कर सकती है। इस आशंका को देखते हुए सभी लोग भाग गए। जो नहीं भाग सके, वह अपने घरों के कमरों में छिप गए लेकिन भीड़ ने दरवाजों को कुल्हाड़ी से काटकर तोड़ दिया और जो भी मिला उसको पीटा। जानवरों को भी खोल दिया। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ।
विज्ञापन