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फोन पर बात करके ही दूर ही हुई बेचैनी
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 26 Feb 2017 12:02 AM IST
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वश्ववनाथ्ा और मनाोरमा
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अमेरिका में भारतीय की हत्या से मथुरा में भी बेचैनी है। यहां पर परेशान कई परिवारीजनों ने अमेरिका में निवास कर रहे अपने बेटा-बेटी और अन्य रिश्तेदारों को फोन करके उनकी सलामती पूछी। वहां के माहौल की भी जानकारी ली। फोन मिलने में देरी पर कई लोग बेचैन हो गए।
अमेरिका में पैदा हो रहे नए हालत के बाद भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला की नस्लीय टिप्पणी कर हत्या कर दी गई है। जैसे ही इसकी जानकारी उन लोगों को लगी तो जिनका कोई अपना अमेरिका में रह रहा है, परेशान हो उठे।
कुछ घंटे पहले ही अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर से मथुरा सिविल लाइन स्थित घर आए पीयूष अग्रवाल ने परिवारीजनों को फोन किया। सब कुछ ठीक था। कहीं किसी को कोई समस्या नहीं थी। उन्होंने बताया कि इस तरह हर देश में घटनाएं होती रहती हैं लेकिन किसी प्रकार के भय का कोई माहौल नहीं है।
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पीयूष अमेरिका में बीते 22 साल से कंप्यूटर इंजीनियर हैं। अब तो उन्होंने वहां की नागरिकता भी हासिल कर ली है। गणेशरा कालोनी निवासी कुंवर सिंह यादव ने अमेरिका के कैलिफोर्निया में रह रहे अपने पुत्र मनोज कृष्ण को फोन मिला दिया।
हालचाल पूछे और आसपास के माहौल की जानकारी ली। राधिकापुरी निवासी गिर्राज वशिष्ठ ने भी अमेरिका में रह रही अपनी बेटी संगीता से बात की। संगीता अपने पति के साथ ओहायो राज्य में रहती हैं। संगीता ने बताया कि यहां किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।
सिविल लाइन्स निवासी चारुल अग्रवाल ने शिकागो में रह रही अपनी मित्र अंशिका से बातचीत की। बरसाना निवासी सत्यनारायण गोस्वामी ने इस घटना के बारे में अमेरिका में ग्रीनकार्ड धारक पुत्र राजेश गोस्वामी से लंबी बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है।
वृंदावन के गोपेश्वर मंदिर के समीप रहने वाले विश्वनाथ गुप्ता और उनकी पत्नी मनोरमा गुप्ता अमेरिका के कन्सास में हुई घटना से परेशान हो उठे है। उनकी बेटी विभा अग्रवाल अपने पति विपुल अग्रवाल के साथ 2011 से अमेरिका के बोस्टन में रह रही हैं।
दामाद विपुल अमेरिका की एसेंचर कंपनी में नौकरी करते हैं। विश्वनाथ गुप्ता ने कहा कि रात को ही फोन कर बेटी, दामाद और धेवती से बात की। बच्चों से कह दिया है कि वे स्वदेश लौट आएं। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत केडी गोस्वामी के छोटे भाई ब्रजेश गोस्वामी बीते 12 साल से अमेरिका के न्यूयार्क में रह रहे हैं।
संतू गोस्वामी ने बताया कि उनके चाचा ब्रजेश 108 फ्लावर्स कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और परिवार के साथ ही अमेरिका में हैं। घटना से यहां पर परिवार चिंतित है। फोन पर चाचा से आज ही बात की है।
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अमेरिका में पैदा हो रहे नए हालत के बाद भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला की नस्लीय टिप्पणी कर हत्या कर दी गई है। जैसे ही इसकी जानकारी उन लोगों को लगी तो जिनका कोई अपना अमेरिका में रह रहा है, परेशान हो उठे।
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कुछ घंटे पहले ही अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर से मथुरा सिविल लाइन स्थित घर आए पीयूष अग्रवाल ने परिवारीजनों को फोन किया। सब कुछ ठीक था। कहीं किसी को कोई समस्या नहीं थी। उन्होंने बताया कि इस तरह हर देश में घटनाएं होती रहती हैं लेकिन किसी प्रकार के भय का कोई माहौल नहीं है।
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पीयूष अमेरिका में बीते 22 साल से कंप्यूटर इंजीनियर हैं। अब तो उन्होंने वहां की नागरिकता भी हासिल कर ली है। गणेशरा कालोनी निवासी कुंवर सिंह यादव ने अमेरिका के कैलिफोर्निया में रह रहे अपने पुत्र मनोज कृष्ण को फोन मिला दिया।
हालचाल पूछे और आसपास के माहौल की जानकारी ली। राधिकापुरी निवासी गिर्राज वशिष्ठ ने भी अमेरिका में रह रही अपनी बेटी संगीता से बात की। संगीता अपने पति के साथ ओहायो राज्य में रहती हैं। संगीता ने बताया कि यहां किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है।
सिविल लाइन्स निवासी चारुल अग्रवाल ने शिकागो में रह रही अपनी मित्र अंशिका से बातचीत की। बरसाना निवासी सत्यनारायण गोस्वामी ने इस घटना के बारे में अमेरिका में ग्रीनकार्ड धारक पुत्र राजेश गोस्वामी से लंबी बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है।
वृंदावन के गोपेश्वर मंदिर के समीप रहने वाले विश्वनाथ गुप्ता और उनकी पत्नी मनोरमा गुप्ता अमेरिका के कन्सास में हुई घटना से परेशान हो उठे है। उनकी बेटी विभा अग्रवाल अपने पति विपुल अग्रवाल के साथ 2011 से अमेरिका के बोस्टन में रह रही हैं।
दामाद विपुल अमेरिका की एसेंचर कंपनी में नौकरी करते हैं। विश्वनाथ गुप्ता ने कहा कि रात को ही फोन कर बेटी, दामाद और धेवती से बात की। बच्चों से कह दिया है कि वे स्वदेश लौट आएं। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत केडी गोस्वामी के छोटे भाई ब्रजेश गोस्वामी बीते 12 साल से अमेरिका के न्यूयार्क में रह रहे हैं।
संतू गोस्वामी ने बताया कि उनके चाचा ब्रजेश 108 फ्लावर्स कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और परिवार के साथ ही अमेरिका में हैं। घटना से यहां पर परिवार चिंतित है। फोन पर चाचा से आज ही बात की है।