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दहेज हत्या में पति को दस वर्ष का कारावास
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मथुरा। पांच वर्ष पूर्व हुई दहेज हत्या में न्यायालय ने पति को दोषी मानते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोसीकलां के थाना कामर में दहेज की खातिर पत्नी की न केवल हत्या की बल्कि मायकेवालों के आने से पूर्व अंतिम संस्कार भी कर दिया था। इस केस की सुनवाई के दौरान एक अभियुक्त की मौत हो गई। उक्त सजा न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (महिला संबंधी) एफटीसी प्रथम ने सुनाई है।
तहसील बुलाड़ा जिला मानसा पंजाब निवासी करन सिंह ने पुत्री संतोष की शादी वर्ष 2009 में वीरेंद्र पुत्र परसादी निवासी गांव कामर कोसीकलां के साथ की थी। शादी में दिए गए दान दहेज से संतोष का पति वीरेंद्र तथा अन्य ससुरालीजन खुश नहीं थे। उनके द्वारा अतिरिक्त दहेज में दो लाख रुपये तथा कार की मांग की जा रही थी।
अतिरिक्त दहेज न दिए जाने पर 29 मई 2015 को ससुरालीजनों ने संतोष की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसे जला भी दिया। संतोष के पिता ने अन्य ससुरालीजनों के अलावा पति वीरेंद्र, देवर घंसू तथा ननद विमला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई एफटीसी प्रथम छाया शर्मा ने करते हुए घंसू को केस से बरी कर दिया तथा पति को दस वर्ष का कारावास तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। एडीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि मुकदमा के दौरान प्रतिवादी विमला की मौत हो गई।
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तहसील बुलाड़ा जिला मानसा पंजाब निवासी करन सिंह ने पुत्री संतोष की शादी वर्ष 2009 में वीरेंद्र पुत्र परसादी निवासी गांव कामर कोसीकलां के साथ की थी। शादी में दिए गए दान दहेज से संतोष का पति वीरेंद्र तथा अन्य ससुरालीजन खुश नहीं थे। उनके द्वारा अतिरिक्त दहेज में दो लाख रुपये तथा कार की मांग की जा रही थी।
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अतिरिक्त दहेज न दिए जाने पर 29 मई 2015 को ससुरालीजनों ने संतोष की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसे जला भी दिया। संतोष के पिता ने अन्य ससुरालीजनों के अलावा पति वीरेंद्र, देवर घंसू तथा ननद विमला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई एफटीसी प्रथम छाया शर्मा ने करते हुए घंसू को केस से बरी कर दिया तथा पति को दस वर्ष का कारावास तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। एडीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि मुकदमा के दौरान प्रतिवादी विमला की मौत हो गई।
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