फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Country's history and Vedic knowledge were hidden

Mathura News: देश के इतिहास और वैदिक ज्ञान को छिपाया गया

Sun, 17 Sep 2023 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Updated Sun, 17 Sep 2023 12:06 AM IST
विज्ञापन
Country's history and Vedic knowledge were hidden
वृंदावन (मथुरा)। श्रीराम मंदिर का फैसला सुनाने वाले इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने कहा कि देश के इतिहास और वैदिक ज्ञान को छिपाया गया है। हिंदू धर्म कभी पैदा नहीं हुआ है, यह शाश्वत है। कुछ लोग अपने परिवार का इतिहास नहीं जानते, लेकिन भगवान का सबूत अवश्य मांगते हैं।
विज्ञापन


श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आश्रम में शनिवार से शुरू हुई युवा धर्म संसद में ''भारत की संप्रभुता का विचार और पंच प्रण'' विषय पर आयोजित प्रथम सत्र में उन्होंने यह बात कही। कार्यक्रम सेवाज्ञ संस्थानम् और जीएलए यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर से एक हजार छात्र-छात्राएं सहभागिता कर रहे हैं।
विज्ञापन



न्याययूर्ति ने संप्रभुता पर कहा कि देश में ग्राम स्तर पर संप्रभुता के निशान मिलते हैं। देश में बनीं सरकारों के इतिहास पर प्रकाश डालने के साथ ही निरंकुश सरकार को परिभाषित करते हुए उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान तत्कालीन सरकार ने प्रतिदिन 12-12 कानून बनाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने ''पंच प्रण'' पर कहा कि ब्यूरोक्रेसी में अंग्रेजियत आज भी है। देश की जनता को जब तक स्तरीय शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न साकार नहीं हो सकता। शिक्षा के बिना पंच प्रण तो क्या, एक प्रण भी पूरा नहीं हो सकता। पूर्व मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि संप्रभुता मात्र संविधान से प्राप्त नहीं होती है, अगर संविधान से ही संप्रभुता की प्राप्ति हो जाती तो 1950 में संविधान आत्मार्पित करने के बाद भी संप्रभुता को लेकर चर्चाएं नहीं होतीं।
उन्होंने कहा कि भारत और अधिक संप्रभु होता दिख रहा है। वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने कहा कि सम्यक प्रभुता का स्मरण सदैव रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत में आक्रामकता या बल की संप्रभुता नहीं है। सेवाज्ञ संस्थानम् के संरक्षक आचार्य मिथिलेशनंदनीशरण महाराज ने कहा कि जाति और गोत्र के नाम पर किसी को पुरस्कृत या तिरस्कृत किया गया हो तो वह उचित नहीं है, लेकिन जाति और गोत्र में निहित विज्ञान को पहचाना होगा।

इससे पहले युवा धर्म संसद के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ करते हुए मलूकपीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि उस विचारधारा को धर्म कहते हैं, जो संपूर्ण मानव जाति, राष्ट्र और समाज को एक में समाहित करने की शक्ति रखता है। सबको अपने में समाहित करने का सामर्थ्य सनातन संस्कृति में है। जो लोग सनातन शब्द पर आपत्ति दर्ज करते हैं, उनके ज्ञान पर तरस आता है, वे भारत के मूल शब्द से ही अपरिचित हैं। इस अवसर पर स्वामी राजकुमार दास, देवदत्त शर्मा, वृषभान गोस्वामी, नीतू गोस्वामी, रविकांत गर्ग, महेश खण्डेलवाल, सौरभ गौड़, आशीष, तरुण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed