Mathura News: कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई सैंपलिंग, आज होगी मॉक ड्रिल
आगरा में कोरोना संक्रमण का केस मिलने के बाद मथुरा जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जनपद की आरआर टीम के साथ सर्विलांस विभाग को सक्रिय कर दिया गया है।
विस्तार
मथुरा में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ा दी है। जनपद के सभी ब्लाकों के साथ साथ शहरी क्षेत्र में विभाग की आठ टीमें सैंपलिंग में जुटी हैं। हर दिन चार सौ से अधिक लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। वहीं इंतजामों को परखने के लिए आज मॉक ड्रिल होगी।
पड़ोसी जनपद आगरा में कोरोना संक्रमण का केस मिलने के बाद जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जनपद की आरआर टीम के साथ सर्विलांस विभाग को सक्रिय कर दिया गया है। जिले में अभी तक एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है। एहतियातन स्वास्थ्य विभाग सजगता बरत रहा है।
सीएमओ डॉ. अजय कुमार वर्मा ने बताया कि वायरस की रोकथाम और उससे लोगों को सतर्क रखने के हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। हर दिन चार सौ से अधिक लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। कंट्रोल रूम प्रभारी डॉ. भूदेव ने बताया कि सभी केंद्रों पर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
गाइडलाइन का पालन चुनौती
तीर्थ यात्रियों के लिए मास्क और दूरी जैसी गाइड लाइन के पालन के लिए जिलाधिकारी और सीएमओ अपील तो कर रहे हैं लेकिन वर्ष के अंतिम दिनों के साथ-साथ एक जनवरी को बड़ी संख्या में आने वाले तीर्थ यात्रियों की कैसे निगरानी होगी। खासकर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर, कृष्ण जन्मभूमि, द्वारिकाधीश मंदिर में भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में कोरोना गाइडलाइन का पालन कराना प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती है।
मॉक ड्रिल की तैयारियां पूरी
कोरोना अलर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग मॉक ड्रिल की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है। 27 दिसंबर मंगलवार को जनपद में मॉक ड्रिल की जानी है। सीएमओ के आदेश के बाद जनपद के सभी केंद्र अधीक्षक व्यवस्थाएं कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. एके वर्मा द्वारा अधीनस्थों को निर्देशित किया गया है।
मॉक ड्रिल की प्लानिंग
- ऑक्सीजन प्लांट की क्रियाशीलता।
- वेंटिलेटर्स की उपलब्धता एवं क्रियाशीलता।
- कोविड प्रबंधन हेतु आवश्यक लॉजिस्टिक्स की उपलब्धता (दवा, आईवी फ्लूइड, उपकरणों के साथ प्रयोग होने वाले पेरिफेरल्स इत्यादि).
- मानव संसाधन की उपलब्धता, अबाध विद्युत आपूर्ति