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Mathura News: आरओ के भुगतान के लिए भटक रहा ठेकेदार
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मथुरा। डीपीआरओ किरन चौधरी की गिरफ्तारी के बाद ग्राम पंचायतों की शिकायतें बढ़ती ही जा रही हैं। मंगलवार को अब ग्राम पंचायत ततरौता में लगाए गए आरओ का दो साल बाद भी भुगतान न होने का मामला सामने आया है। ठेकेदार लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। मंगलवार को डीपीआरओ से मिलने पहुंचे ठेकेदार को बाहर बैठे कर्मचारियों ने अंदर ही नहीं जाने दिया। इसके बाद वह मायूस ही वापस लौट गया।
विकास खंड बल्देव की ग्राम पंचायत ततरौता में एक बड़े आरओ प्लांट के के लिए निविदा निकाली गई थी। निविदा प्रकिया में प्रतिभाग करने के बाद पुष्प इंटरप्राइजेज मथुरा को काम करने का ठेका मिला था। फर्म संचालक हरेंद्र सिंह ने दो साल पहले ही आरओ प्लांट स्थापित कर ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दिया था। इसके लिए कुल छह लाख रुपये के करीब भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा किया जाना था। लेकिन दो साल बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। फर्म संचालक हरेंद्र सिंह और उनके पिता बिजेंद्र सिंह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी उनकी सुनने वाला कोई नहीं।
मंगलवार को विकास भवन में भुगतान कराने की गुहार लगाने पहुंचे बिजेंद्र सिंह पंचायत राज विभाग का जिम्मा संभाल रहे परियोजना निदेशक अरुण कुमार उपाध्याय से मिलने पहुंचे। यहां गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बाहर ही रोक लिया। काफी प्रयास के बाद भी जब मुलाकात नहीं हो सकी तो वे मायूस ही वापस लौट गए। बिजेंद्र ने बताया कि वे पूर्व डीपीआरओ किरन चौधरी से भी कई बार मिले, लेकिन उन्होंने इसका निस्तारण नहीं किया।
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भुगतान नहीं हुआ तो विजिलेंस से करेंगे शिकायत
बिजेंद्र ने बताया कि वे दो साल से अपने भुगतान के लिए परेशान हैं। अब अगर अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं तो वे भी विजिलेंस का ही रुख करेंगे। वे अपनी लिखित शिकायत सभी अभिलेखों के साथ विजिलेंस को सौंपेंगे।
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विकास खंड बल्देव की ग्राम पंचायत ततरौता में एक बड़े आरओ प्लांट के के लिए निविदा निकाली गई थी। निविदा प्रकिया में प्रतिभाग करने के बाद पुष्प इंटरप्राइजेज मथुरा को काम करने का ठेका मिला था। फर्म संचालक हरेंद्र सिंह ने दो साल पहले ही आरओ प्लांट स्थापित कर ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दिया था। इसके लिए कुल छह लाख रुपये के करीब भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा किया जाना था। लेकिन दो साल बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। फर्म संचालक हरेंद्र सिंह और उनके पिता बिजेंद्र सिंह लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी उनकी सुनने वाला कोई नहीं।
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मंगलवार को विकास भवन में भुगतान कराने की गुहार लगाने पहुंचे बिजेंद्र सिंह पंचायत राज विभाग का जिम्मा संभाल रहे परियोजना निदेशक अरुण कुमार उपाध्याय से मिलने पहुंचे। यहां गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बाहर ही रोक लिया। काफी प्रयास के बाद भी जब मुलाकात नहीं हो सकी तो वे मायूस ही वापस लौट गए। बिजेंद्र ने बताया कि वे पूर्व डीपीआरओ किरन चौधरी से भी कई बार मिले, लेकिन उन्होंने इसका निस्तारण नहीं किया।
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भुगतान नहीं हुआ तो विजिलेंस से करेंगे शिकायत
बिजेंद्र ने बताया कि वे दो साल से अपने भुगतान के लिए परेशान हैं। अब अगर अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं तो वे भी विजिलेंस का ही रुख करेंगे। वे अपनी लिखित शिकायत सभी अभिलेखों के साथ विजिलेंस को सौंपेंगे।