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दो डिग्री गिरा दिन का तापमान
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 30 Dec 2016 11:44 PM IST
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सर्दी का मौसम
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मौसम लगातार दूसरे दिन भी सर्द बना रहा। शीतलहर केे चलते लोगों की कंपकंपी बंध गई। ठंडी हवाओं ने सूरज की किरणों को निस्तेज कर दिया। बर्फीली हवाएं शरीर में शूल की तरह चुभ रही थीं।
शुक्रवार की सुबह हल्के कोहरे के साथ शुरू हुई। लोग सुबह टहलने के लिए निकले तो ठंडी हवाओं से लोगों के कदम ठिठक गए। दोपहर तक आसमान पर बादल रहे। इस बीच ठंडी हवाओं से लोगों की कंपकंपी बंध गई। दोपहर को हल्की धूप निकली तो लोगों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार को दिन के तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को दिन का तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कोसीकलां में सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। यातायात भी बुरी तरह से प्रभावित रहा। लोगों को सड़क पर चलने के लिए वाहनों की हेडलाइटों का सहारा लेना पड़ा। शीतलहर ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया।
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तहसील प्रशासन और नगर पालिका ने अलाव के प्रबंध कराए हैं लेकिन बढ़ती सर्दी में वे भी ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डा. प्रकाश अग्रवाल का कहना है कि यह मौसम बच्चों के लिए खतरनाक है। सर्दी लगने से बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में आ सकते हैं। उनकी समुचित देखभाल कर चिकित्सकों से सलाह लें।
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शुक्रवार की सुबह हल्के कोहरे के साथ शुरू हुई। लोग सुबह टहलने के लिए निकले तो ठंडी हवाओं से लोगों के कदम ठिठक गए। दोपहर तक आसमान पर बादल रहे। इस बीच ठंडी हवाओं से लोगों की कंपकंपी बंध गई। दोपहर को हल्की धूप निकली तो लोगों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार को दिन के तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को दिन का तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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कोसीकलां में सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। यातायात भी बुरी तरह से प्रभावित रहा। लोगों को सड़क पर चलने के लिए वाहनों की हेडलाइटों का सहारा लेना पड़ा। शीतलहर ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया।
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तहसील प्रशासन और नगर पालिका ने अलाव के प्रबंध कराए हैं लेकिन बढ़ती सर्दी में वे भी ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डा. प्रकाश अग्रवाल का कहना है कि यह मौसम बच्चों के लिए खतरनाक है। सर्दी लगने से बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में आ सकते हैं। उनकी समुचित देखभाल कर चिकित्सकों से सलाह लें।