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सीएम को देख फूट-फूटकर रोए परिवार वाले
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 13 Jun 2016 11:55 PM IST
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की सोमवार को तेरहवीं थीं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी उनके आवास पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। जैसे ही मुकुल का जिक्र शुरू हुआ परिवार वाले फूट-फूटकर रोने लगे। मां मनोरमा द्विवेदी कहने लगीं, कोई मुझे मेरा मुकुल लौटा दो। वहीं पिता श्रीचंद दुबे की भी आंख भर आईं। कहने लगे, जवाहर बाग को लेकर बहुत टेंशन में रहता था मेरा बेटा। कहता था कि अधिकारी उसका साथ नहीं दे रहे हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करीब ग्यारह बजे आफिसर कालोनी में शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के आवास पर पहुंचे। यहां मुकुल के पिता श्रीचंद दुबे, मां मनोरमा द्विवेदी, पत्नी अर्चना और दोनों बेटों से मिले। परिवार के दूसरे लोग भी इस दौरान मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताया। कहा कि मुकुल बहुत ही ईमानदार अधिकारी थे। वह अपनी ड्यूटी को पूरी मेहनत के साथ करते थे। मुख्यमंत्री का इतना कहना हुआ ही था कि परिवार वालों की आंखें भर भाईं। मां तो फूट-फूटकर रोने लगीं। परिवार वालों ने किसी तरह से उनको शांत कराया। घर वालों ने कहा कि जब वह जवाहर बाग में गए थे तो पुलिस वाले उन्हें छोड़कर भाग गए थे। अगर सभी बड़े अधिकारी यहां रहे होते तो आज यह स्थिति न होती।
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पोस्टिंग वहीं होगी जहां परिवार वाले चाहेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार वाले चाहते हैं कि अर्चना की पोस्टिंग ऐसी जगह हो जहां वह परिवार वालों के साथ रह सके। उन्हें विश्वास दिलाया गया है कि पोस्टिंग में इस बात का ख्याल रखा जाएगा। आर्थिक मदद भी और बढ़ाई जाएगी। परिवार वालों को मकान की व्यवस्था कराने पर भी सरकार विचार कर रही है। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा।
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प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करीब ग्यारह बजे आफिसर कालोनी में शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के आवास पर पहुंचे। यहां मुकुल के पिता श्रीचंद दुबे, मां मनोरमा द्विवेदी, पत्नी अर्चना और दोनों बेटों से मिले। परिवार के दूसरे लोग भी इस दौरान मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताया। कहा कि मुकुल बहुत ही ईमानदार अधिकारी थे। वह अपनी ड्यूटी को पूरी मेहनत के साथ करते थे। मुख्यमंत्री का इतना कहना हुआ ही था कि परिवार वालों की आंखें भर भाईं। मां तो फूट-फूटकर रोने लगीं। परिवार वालों ने किसी तरह से उनको शांत कराया। घर वालों ने कहा कि जब वह जवाहर बाग में गए थे तो पुलिस वाले उन्हें छोड़कर भाग गए थे। अगर सभी बड़े अधिकारी यहां रहे होते तो आज यह स्थिति न होती।
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पोस्टिंग वहीं होगी जहां परिवार वाले चाहेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार वाले चाहते हैं कि अर्चना की पोस्टिंग ऐसी जगह हो जहां वह परिवार वालों के साथ रह सके। उन्हें विश्वास दिलाया गया है कि पोस्टिंग में इस बात का ख्याल रखा जाएगा। आर्थिक मदद भी और बढ़ाई जाएगी। परिवार वालों को मकान की व्यवस्था कराने पर भी सरकार विचार कर रही है। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा।