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राइफल वाले हाथों ने थामी झाड़ू, चमकाया थाना परिसर
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:44 AM IST
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चमकाया थाना परिसर
- फोटो : अमर उजाला
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राइफल और रिवाल्वर थामने वाले हाथों ने जब झाड़ू पकड़ी तो पूरा थाना परिसर ही चमका दिया। कभी मजदूरों को बुलाकर थाने में झाड़ू लगवाने वाली पुलिस शुक्रवार को खुद ही साफ सफाई में जुटी रही। थाने में तो सफाई की ही आसपास के नाले-नालियां भी चकाचक कर दीं। जिसने भी पुलिस वालों को देखा वही कहता रहा...काश समाज की गंदगी को भी पुलिस इसी तरह समाप्त कर दे।
शुक्रवार को शहर के थाने-चौकियां हों या फिर देहात की। हर तरफ वर्दीधारी हाथ में झाड़ू लिए स्वच्छता के कार्य में मशगूल दिखे। एसपी सिटी अशोक कुमार सिंह के कार्यालय में पहले सफाई अभियान चलाया गया। उसके बाद एसपी सिटी ने सभी को शपथ दिलाई कि सप्ताह में दो घंटे और साल में 100 घंटे तक सफाई करेंगे। गंदगी भी नहीं होने देंगे। ऐसा करने वालों को देखने पर टोकेंगे। शहर के गोविंदनगर, कोतवाली और सदर बाजार थाने में सफाई अभियान चला।
कोतवाली में सीओ सिटी जगदीश सिंह और कोतवाली प्रभारी सुरेंद्रपाल सिंह ने हवालात व कार्यालय में सफाई अभियान चलाकर ढेरों गंदगी निकाली। सभी को शपथ दिलाई कि अपने आसपास गंदगी नहीं होने देंगे। उधर, गोविंदनगर में प्रभारी निरीक्षक इंद्रेश भदौरिया और सदर बाजार में तसनीम अहमद रिजवी ने सफाई अभियान के साथ शपथ दिलाई।
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थाना फरह में गंदगी देख भड़के एसएसपी
आगरा से लौट रहे एसएसपी मोहित गुप्ता शुक्रवार को थाना फरह में रुके। निरीक्षण में एसएसपी को थाने की बैरक में गंदगी मिली तो प्रभारी निरीक्षक पर भड़के। मेस में लकड़ी से चूल्हे पर बन रहे खाने को देख एसएसपी दंग रह गए। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से लकड़ी हटवाने के निर्देश दिए। चलते-चलते एसएसपी पांच दिन बाद फिर आने की कह गए। पांच दिन बाद गंदगी मिलने पर कार्रवाई की बात कही।
थानों से गायब हिस्ट्रीशीटर-मानवाधिकार बोर्ड
हिस्ट्रीशीटरों की पहचान और मानवाधिकार बताने वाले बोर्ड थाने के मालखानों की शोभा बढ़ा रहे हैं। ड्यूटी चार्ट भी अपने स्थान से नदारद हैं। एक-दो थानों पर जरूर यह बोर्ड देखने को मिल जाएंगे लेकिन अधिकतर थानों में यह बोर्ड नजर नहीं आ रहे। सूबे का निजाम बदल गया लेकिन मथुरा जिले के थानों का ढर्रा नहीं बदला। सूबे की सरकार बने हुए एक सप्ताह होने जा रहा है लेकिन जिले के आला अफसरों को इन बोर्ड की सुध नहीं आ रही है। ऐसा होता तो अब तक यह बोर्ड थानों के मालखानों की शोभा बढ़ाने की बजाए मुख्यद्वार पर लगे होते।
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शुक्रवार को शहर के थाने-चौकियां हों या फिर देहात की। हर तरफ वर्दीधारी हाथ में झाड़ू लिए स्वच्छता के कार्य में मशगूल दिखे। एसपी सिटी अशोक कुमार सिंह के कार्यालय में पहले सफाई अभियान चलाया गया। उसके बाद एसपी सिटी ने सभी को शपथ दिलाई कि सप्ताह में दो घंटे और साल में 100 घंटे तक सफाई करेंगे। गंदगी भी नहीं होने देंगे। ऐसा करने वालों को देखने पर टोकेंगे। शहर के गोविंदनगर, कोतवाली और सदर बाजार थाने में सफाई अभियान चला।
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कोतवाली में सीओ सिटी जगदीश सिंह और कोतवाली प्रभारी सुरेंद्रपाल सिंह ने हवालात व कार्यालय में सफाई अभियान चलाकर ढेरों गंदगी निकाली। सभी को शपथ दिलाई कि अपने आसपास गंदगी नहीं होने देंगे। उधर, गोविंदनगर में प्रभारी निरीक्षक इंद्रेश भदौरिया और सदर बाजार में तसनीम अहमद रिजवी ने सफाई अभियान के साथ शपथ दिलाई।
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थाना फरह में गंदगी देख भड़के एसएसपी
आगरा से लौट रहे एसएसपी मोहित गुप्ता शुक्रवार को थाना फरह में रुके। निरीक्षण में एसएसपी को थाने की बैरक में गंदगी मिली तो प्रभारी निरीक्षक पर भड़के। मेस में लकड़ी से चूल्हे पर बन रहे खाने को देख एसएसपी दंग रह गए। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से लकड़ी हटवाने के निर्देश दिए। चलते-चलते एसएसपी पांच दिन बाद फिर आने की कह गए। पांच दिन बाद गंदगी मिलने पर कार्रवाई की बात कही।
थानों से गायब हिस्ट्रीशीटर-मानवाधिकार बोर्ड
हिस्ट्रीशीटरों की पहचान और मानवाधिकार बताने वाले बोर्ड थाने के मालखानों की शोभा बढ़ा रहे हैं। ड्यूटी चार्ट भी अपने स्थान से नदारद हैं। एक-दो थानों पर जरूर यह बोर्ड देखने को मिल जाएंगे लेकिन अधिकतर थानों में यह बोर्ड नजर नहीं आ रहे। सूबे का निजाम बदल गया लेकिन मथुरा जिले के थानों का ढर्रा नहीं बदला। सूबे की सरकार बने हुए एक सप्ताह होने जा रहा है लेकिन जिले के आला अफसरों को इन बोर्ड की सुध नहीं आ रही है। ऐसा होता तो अब तक यह बोर्ड थानों के मालखानों की शोभा बढ़ाने की बजाए मुख्यद्वार पर लगे होते।