{"_id":"c08efcc5e08aec019fb118c1632295c1","slug":"checking-by-dm-in-rto-office-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम के छापे में दीवार फांदकर भागे दलाल, सात धरे गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम के छापे में दीवार फांदकर भागे दलाल, सात धरे गए
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा
Updated Tue, 11 Aug 2015 11:54 PM IST
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जिलाधिकारी राजेश कुमार के आकस्मिक छापे ने एआरटीओ कार्यालय में अव्यवस्थाओं की कलई खोलकर रख दी। दफ्तर के भीतर दलाल, प्राइवेट कर्मचारी मिले। डीएम ने मौके से सात लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय पर दलालों का कब्जा है। यहां आने वाले लोग इनसे आजिज हैं। इस आशय की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मंगलवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार सुबह साढ़े ग्यारह बजे एआरटीओ कार्यालय पहुंच गए। यहां उन्होंने मेन गेट के साथ ही कार्यालय का चैनल गेट बंद करा दिया।
डीएम को देख कार्यालय में मौजूद दलाल और प्राइवेट कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जिसे जहां रास्ता मिला वो भाग खड़ा हुआ। डीएम ने इन लोगों को पकड़ने के आदेश दिए। इस पर मौके से आठ लोग पकड़े गए। कार्यालय से पकड़े गए लोगों में कृष्ण पाल सिंह सेही, मुकेश कुमार कृष्णानगर, विजेंद्र सिंह टेकमेन सिटी, मुकेश चंदनवन, राजकुमार गांव मदैम, जगवीर मसानी, प्रदीप अहीरपाड़ा और तनवीर निवासी चौक बाजार थे।
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तनवीर ने खुद को अधिवक्ता बताते हुए कार्ड दिखाया। वह अपने किसी काम से यहां आए थे, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया।
बारीकी से किया निरीक्षण
छापे के दौरान जिला अधिकारी ने बारीकी से कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां रिकॉर्डों के बिखराव, टूटे फर्नीचर और गंदगी पर कड़ी नाराजगी जताई। एआरटीओ रंजीत सिंह से जवाब-तलब किया और खूब खरी-खोटी सुनाई।
तो फिर दर्ज कराओ एफआईआर
एआरटीओ ने बताया कि कार्यालय पर दलाल बुरी तरह हावी है। बीते दिन लाइसेंस नवीनीकरण खिड़की पर कर्मचारी राजकुमार के साथ दलालों ने जमकर अभद्रता की। दलालों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि आए दिन वो एआरटीओ पर भी हावी हो जाते हैं। इस पर डीएम ने ऐसे सभी अराजक तत्वों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए।
पिछले दरवाजे से खिसक गए दलाल
जिलाधिकारी ने कार्यालय में जिस गेट से प्रवेश किया था उसके दूसरी तरफ कार्यालय का दूसरा दरवाजा था। डीएम को देख बड़ी संख्या में दलाल, प्राइवेट कर्मचारी पिछले दरवाजे से खिसक गए। इसका आभास अफसरों को बाद में हुआ। कुछ दलाल दीवार फांदकर भागते नजर आए।
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सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय पर दलालों का कब्जा है। यहां आने वाले लोग इनसे आजिज हैं। इस आशय की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मंगलवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार सुबह साढ़े ग्यारह बजे एआरटीओ कार्यालय पहुंच गए। यहां उन्होंने मेन गेट के साथ ही कार्यालय का चैनल गेट बंद करा दिया।
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डीएम को देख कार्यालय में मौजूद दलाल और प्राइवेट कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जिसे जहां रास्ता मिला वो भाग खड़ा हुआ। डीएम ने इन लोगों को पकड़ने के आदेश दिए। इस पर मौके से आठ लोग पकड़े गए। कार्यालय से पकड़े गए लोगों में कृष्ण पाल सिंह सेही, मुकेश कुमार कृष्णानगर, विजेंद्र सिंह टेकमेन सिटी, मुकेश चंदनवन, राजकुमार गांव मदैम, जगवीर मसानी, प्रदीप अहीरपाड़ा और तनवीर निवासी चौक बाजार थे।
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तनवीर ने खुद को अधिवक्ता बताते हुए कार्ड दिखाया। वह अपने किसी काम से यहां आए थे, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया।
बारीकी से किया निरीक्षण
छापे के दौरान जिला अधिकारी ने बारीकी से कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां रिकॉर्डों के बिखराव, टूटे फर्नीचर और गंदगी पर कड़ी नाराजगी जताई। एआरटीओ रंजीत सिंह से जवाब-तलब किया और खूब खरी-खोटी सुनाई।
तो फिर दर्ज कराओ एफआईआर
एआरटीओ ने बताया कि कार्यालय पर दलाल बुरी तरह हावी है। बीते दिन लाइसेंस नवीनीकरण खिड़की पर कर्मचारी राजकुमार के साथ दलालों ने जमकर अभद्रता की। दलालों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि आए दिन वो एआरटीओ पर भी हावी हो जाते हैं। इस पर डीएम ने ऐसे सभी अराजक तत्वों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए।
पिछले दरवाजे से खिसक गए दलाल
जिलाधिकारी ने कार्यालय में जिस गेट से प्रवेश किया था उसके दूसरी तरफ कार्यालय का दूसरा दरवाजा था। डीएम को देख बड़ी संख्या में दलाल, प्राइवेट कर्मचारी पिछले दरवाजे से खिसक गए। इसका आभास अफसरों को बाद में हुआ। कुछ दलाल दीवार फांदकर भागते नजर आए।