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Mathura News: रेलवे बोर्ड की चेयरमैन ने वंदे भारत के इंजन में बैठकर परखा कवच सिस्टम का ट्रायल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 May 2024 02:54 AM IST
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Chairman of Railway Board tested the armor system by sitting in the engine of Vande Bharat
मथुरा। रेल हादसों पर अंकुश लगाने के लिए ट्रेनों को कवच डिवाइस से लैस किया जा रहा है। मंगलवार को रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा सिन्हा ने पलवल से वृंदावन स्टेशन रोड तक खुद कवच सिस्टम के ट्रायल को देखा। कोसी के पास ट्रेन सिग्नल रेड होने पर स्वचालित मोड पर आकर खुद रुक गई।
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पलवल से वृंदावन रोड स्टेशन के बीच कवच डिवाइस लगाने का काम पूरा किया जा चुका है। मंगलवार को रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा सिन्हा खुद वंदे भारत ट्रेन में सवार होकर कवच सिस्टम के ट्रायल को परखने आईं। उन्होंने पलवल से वृंदावन रोड रेलवे स्टेशन के बीच कवच की कार्यक्षमता को परखा। ट्रेन 160 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ रही थी, तभी कोसी के नजदीक सिग्नल रेड हो गया।
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वंदे भारत ट्रेन लाल सिग्नल होने पर स्वचालित मोड पर आकर खुद रुक गई। समपार फाटक के पास पहुंचते ही डिवाइस ने स्वचालित मोड पर आकर सीटी बजाना शुरू कर दिया। ट्रायल के दौरान उपकरणों की क्षमता को भी परखा गया। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सभी यात्री ट्रेनों को कवच सुरक्षा प्रणाली से लैस करने की योजना है। ट्रायल के दौरान जीएम रेलवे रविंद्र गोयल, मंडल रेल प्रबंधक तेज प्रकाश अग्रवाल, स्टेशन निदेशक एसके श्रीवास्तव, मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव स्टेशन प्रबंधक वीवी मंगल, आरपीएफ थाना प्रभारी अवधेश गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
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ये है कवच सिस्टम की विशेषताएं
- खतरे में सिग्नल पार करने से रोकना (एसपीएडी)।
- ड्राइवर मशीन इंटरफेस (डीएमआई)/लोको पायलट ऑपरेशन कम इंडिकेशन पैनल (एलपीओसीआईपी) में सिग्नल की स्थिति दिखाने के साथ ट्रेन की आवाजाही का निरंतर अपडेट।
- ओवर स्पीडिंग की रोकथाम के लिए स्वचालित ब्रेक लगाना।
- समपार फाटकों के पास पहुंचते समय ऑटो सीटी बजना।
- काम कर रही कवच प्रणाली से लैस दो इंजनों के बीच टकराव की रोकथाम।
-आपातकालीन स्थितियों के दौरान एसओएस संदेश।
- नेटवर्क मॉनिटर सिस्टम के माध्यम से ट्रेन की आवाजाही की केंद्रीकृत लाइव निगरानी।
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