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पालिका को टैक्स नहीं दे रहे शहर बडे़ व्यवसायी

Sat, 18 Feb 2017 11:59 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Sat, 18 Feb 2017 11:59 PM IST
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business man did not pay tax to Municipality
टैक्स - फोटो : Demo
शहर के अधिकांश बडे़ व्यवसायी पालिका को हाउस टैक्स और वाटर टैक्स देने को राजी नहीं है। ज्यादातर कॉमर्शियल संस्थानों पर टैक्स का निर्धारण नहीं कराया गया है। टैक्स निर्धारण कराने वाले भी टैक्स जमा करने की सिर्फ रस्म अदायगी ही कर रहे हैं।
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शहर में हाउस टैक्स और वाटर टैक्स से बच रहे 278 कॉमर्शियल संस्थानों को मथुरा नगर पालिका ने नोटिस थमा दिया है। इसमें ऐसे संस्थानों भी शामिल हैं जो हाल ही में बनकर तैयार हुए हैं। इसी में शामिल नयति हॉस्पिटल पर 10 लाख रुपये टैक्स लगाया गया है। जयसिंहपुरा में कई सालों से संचालित पीआर हास्पिटल पर एक लाख, राजा भोज गेस्टहाउस और रेस्टोरेंट पर 75,000 वार्षिक टैक्स निर्धारित किया गया है।
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डैंपियर नगर में जैन फर्नीचर पर 3.5 लाख, सलेक्शन पर 3.5 लाख, राजपाल शू 2.5 लाख, अतुल टावर भूतेश्वर पर 2.5 लाख, छाया ब्यूटीपार्लर पर एक लाख, क्वालिटी टावर पर 2.5 लाख, जयसिंहपुरा ट्यूलिप रिसोर्ट पर पांच लाख, अहिल्यागंज में जंगल अतिथि भवन पर दो लाख, गोवर्धन पेराडाइज पर 72000, नया बसस्टैंड के निकट अम्बे क्राउन पर 2.5 लाख रुपये हाउस और वाटर टैक्स निर्धारित किया गया है। 
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इनके अलावा शहर में स्थापित पेट्रोल पंपों पर भी टैक्स निर्धारित किया गया है। इसमें पंजाबी पेच स्थित पेट्रोल पंप पर तीन लाख, सिविल लाइन स्थित पेट्रोल पंप पर 1.5 लाख और भूतेश्वर स्थित पेट्रोल पंप पर दो लाख रुपये टैक्स निर्धारित किया है। इनके द्वारा भी टैक्स के नाम पर सिर्फ रस्म अदा की जा रही हैं।

पालिका में टैक्स की स्थिति खराब
मथुरा नगर पालिका के टैक्स की स्थिति बेहद खराब है। पिछले 10 सालों के दौरान टैक्स वसूली पर नजर डाले तो आंकड़ा दो से तीन करोड़ के आसपास ही ठहरा हुआ है। खासकर आय के प्रमुख साधन कॉमर्शियल संस्थानों पर टैक्स निर्धारण नहीं किया जा रहा है।


इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2015-16 में जनवरी तक पालिका को 2.40 करोड़ की वसूली की थी, तो 2016-17 में यह आंकड़ा 2.76 करोड़ तक पहुंचा है जबकि शहर में 80,000 मकान मौजूद हैं। इसमें 10,000 से ज्यादा तो कॉमर्शियल हैं।
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