फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   bureaucrats have failed make in india

नौकरशाही ने निकाल दी ‘मेक इन इंडिया’ की हवा

Wed, 28 Dec 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला मथुरा
अमर उजाला मथुरा Updated Wed, 28 Dec 2016 11:16 PM IST
विज्ञापन
bureaucrats have failed make in india
भारतीय आर्थिक परिषद की कार्यशाला - फोटो : अमर उजाला
भारतीय आर्थिक परिषद के सदस्यों और कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि सरकारी छूट व मेक इन इंडिया के कार्यक्रम में नौकरशाह अवरोध बने हुए हैं। श्रम कानून और निजी व सरकारी क्षेत्र के रोजगार कार्यक्रमों में सुधार नहीं हो पा रहा है। 
विज्ञापन


वेटरनेरी विश्वविद्यालय में चल रही भारतीय आर्थिक परिषद की कार्यशाला में आईआईटी रुड़की के मानवीय एवं सामाजिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एसपी सिंह ने कहा कि नोटबंदी के बाद खेती से आय दो गुना करना सीमित संसाधनों से संभव नहीं है। सर्वे के अनुसार दो लाख करोड़ की लागत की किसानों की फसल हर साल सड़ जाती है। उसके लिए सरकार के पास स्टोरेज और बाजार नहीं हैं। आठ साल में नौ लाख करोड़ रुपये की सरकारी सब्सिडी किसानों को दी गई लेकिन किसानों को इसका लाभ नहीं मिला। नौकरशाह ही इसमें अवरोध बने हुए हैं। 
विज्ञापन


इसके चलते आठ साल में दो करोड़ 28 लाख किसानों ने खेती करना छोड़ दिया और वे ज्यादातर मजदूरी के काम पर लग गए। इकॉनोमी इंडिया के संपादक मनोहर मनोज ने कहा कि व्यवसाय करने की सरलता में देश पिछड़ता है। 190 देशों में इसकी 130वीं रैंकिंग है। दो साल में यह केवल चार अंक ही नीचे आ सकी है। जाकिर हुसैन कालेज दिल्ली के प्रिंसिपल प्रोफेसर एमएम बेग ने कहा कि नोटबंदी ने ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की हवा निकाल दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया में बाबा रामदेव ने सबसे ज्यादा काम किया और सरकार के लिए वह नजीर है।  कम लागत, रोजगार सृजन और कम खर्च में अच्छा स्वास्थ्य व देश की उपज देश के लोगों के लिए प्रयोग करते हुए मेक इन इंडिया का अच्छा उदाहरण पेश किया है। इस दौरान डा. विश्वेंद्र कुुमार, जयश्री शर्मा, डीके अस्थाना, डा. मुकेश, डा. विनीता, मनोज राठौर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। 


अब किसान को मिलेगा मल्कियत का लाभ
नीति आयोग कमेटी के चेयरमैन प्रोफेसर तजमुल हक ने बताया कि लीज पर लेकर खेती करने वाले किसान को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। अब तक यह लाभ जमीन स्वामी को मिलता था। इसके लिए भूमिधर अधिकार में संशोधन किया जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed