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Mathura News: ढाई घंटे चला मंथन, नहीं निकला समाधान
Fri, 01 Sep 2023 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Fri, 01 Sep 2023 11:43 PM IST
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मथुरा। मथुरा-वृंदावन ब्रॉडगेज परियोजना का क्या स्वरूप हो, इसे तय करने के लिए रेल अधिकारियों ने शुक्रवार को करीब ढाई घंटे तक प्रशासन की मौजूदगी में स्थानीय लोगों का पक्ष सुना। किसी ने दिल्ली मेट्रो पैटर्न मथुरा-वृंदावन में अपनाए जाने का सुझाव दिया तो किसी ने इस रेल परियोजना के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए। कोई सड़क को प्राथमिकता में रख रहा था तो किसी ने वर्तमान स्वरूप को ही स्वीकारते हुए रेल ट्रैक बनाने का पक्ष लिया। इस दौरान कई बार हंगामे की स्थिति बनी। अधिकांश लोग नीचे सड़क और एलिवेटेड ट्रैक के पक्ष में नजर आए। हालांकि डीआरएम आगरा टीपी अग्रवाल ने वर्तमान प्रोजेक्ट का ही पक्ष लिया और फिर सुझावों के अनुरूप परियोजना पर पुर्नविचार का आश्वासन भी दिया।
मथुरा-वृंदावन रेल परियोजना को लेकर उत्पन्न गतिरोध को दूर करने के लिए रेल मंत्री के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक हुई। इसमें डीआरएम टीपी अग्रवाल ने विधायक राजेश चौधरी, जिलाधिकारी पुलकित खरे, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय की मौजूदगी में लोगों के सुझाव सुने। नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने मेट्रो पैटर्न पर काम करने की बात कही तो विपिन सिंघल ने वर्तमान प्रोजेक्ट की खामियां गिनाईं। उद्यमी देवेंद्र चौधरी और पवन चतुर्वेदी ने 25 साल आगे की स्थिति को देखते हुए प्रोजेक्ट के वर्तमान स्वरूप पर सवाल खड़े किए। अखिल अग्रवाल ने पहले प्रस्तावित प्रोजेक्ट की वकालत की।
विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने वर्तमान परियोजना का विरोध करते हुए नीचे सड़क और ऊपर रेल ट्रैक के पक्ष में आवाज उठाई। कई लोगों ने वर्तमान प्रोजेक्ट के स्थान पर सड़क और वृंदावन रोड को विकसित करने का पक्ष लिया। सभी सुझाव लेने के बाद डीआरएम ने अंडरपास के जल भराव संबंधी शिकायत पर अपना पक्ष भी रखा। उन्होंने कहा कि सभी के सुझाव लिख लिए हैं, जल्द रेलवे इन पर पुर्नविचार करते हुए फैसला लेगा। इस दौरान पूर्व विधायक कुशपाल सिंह, पूर्व विधायक चौधरी सरदार सिंह, अजय चतुर्वेदी, राम अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, केडी अग्रवाल, अमित जैन, जितेंद्र प्रजापति, सुनील अग्रवाल, रमेश चंद्र चतुर्वेदी, जगदीश प्रसाद शर्मा आदि ने भी मौजूद रहे।
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मथुरा-वृंदावन में बंटे लोग, हंगामा
खचाखच भरे सभागार में रायशुमारी के बीच वृंदावन के श्याम सुंदर ने रेल प्रोजेक्ट को जल्द पूरा किए जाने की मांग करते हुए मथुरा के लोगों पर बाधा डालने का आरोप लगाया। इस पर सभागार में हंगामा हो गया। मथुरा-वृंदावन के प्रतिनिधि आपस में बंटे नजर आए। इस स्थिति को देखते हुए विधायक राजेश चौधरी, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय और नगर आयुक्त अनुनय झा को हस्तक्षेप करना पड़ा। एसएसपी ने भी श्याम सुंदर सहित हंगामा करने वालों को सख्त हिदायत दी, फिर एक-एक कर लोगों ने अपने सुझाव दिए।
ये मिले सुझाव
- ऊंची दीवारनुमा ब्रॉडगेज नहीं चाहिए
- जल भराव के कारण अंडरपास नहीं चाहिए
- मेट्रो की तर्ज पर बने एलिवेटेड रेलवे ट्रैक
- एलिवेेटेड ट्रैक के नीच बने सड़क मार्ग
- स्टेशनों की संख्या और बढ़ाई जाए
- करीब 12 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक का हो सौंदर्यीकरण
- एलिवेटेड रेल ट्रैक के नीच सड़क मार्ग को अन्य मार्गों से जोड़े
रेलवे ने ब्रॉडगेज का रुका काम फिर कराया शुरू
मथुरा। एक सप्ताह ठहराव के बाद मथुरा-वृंदावन रेल परियोजना पर रेलवे ने फिर काम शुरू कर दिया है। रेलवे की गति शक्ति यूनिट प्रस्तावित डिजायन के अनुरूप ही काम में जुट गई है। गोविंद नगर फाटक के पास दिनरात मिट्टी को समतल करने का कार्य किया जा रहा है। व्यापारी और उद्यमियों ने जब यह सवाल उठाया तो डीआरएम टीपी अग्रवाल चुप्पी साध गए।
पिछले सप्ताह मथुरा-वृंदावन रेल परियोजना के डिजायन को लेकर स्थानीय उद्यमियों, व्यापारियों ने विरोध किया तो रेल मंत्री ने काम रोकने के निर्देश दिए। परियोजना पर काम कर रही गति शक्ति यूनिट ने काम भी बंद कर दिया। कहा कि लोगों की भावना के विपरीत परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, लेकिन चंद दिन बाद ही रेलवे ने एक बार फिर परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। गोविंद नगर फाटक के निकट संत रविदास बगीची के पीछे रेलवे की जेसीबी काम में जुटी हैं। इस पर शुक्रवार को लोगों ने कलेक्ट्रेट में बैठक के दौरान सवाल उठाए तो रेलवे अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। होटल व्यवसाय एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमित जैन सहित अन्य व्यापारियों ने इसकी शिकायत की। उन्होंने कहा कि जब रेल मंत्री ने समस्या का समाधान निकलने तक काम रोकने के निर्देश दिए हैं, फिर रेल अधिकारी इसमें जल्दबाजी क्यों कर रहे हैं।
पहले सड़क फिर एलिवेटेड ट्रैक बने
मथुरा। कलेक्ट्रेट में आम लोगों के सुझाव सुनने के बाद रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों की उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद कार्यालय में बैठक हुई। इस दौरान डीआरएम आगरा टीपी अग्रवाल ने आम लोगों से मिले सुझावों की जानकारी ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र को दी। साथ ही वर्तमान प्रोजेक्ट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की।
गौरतलब रहे कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के आग्रह पर ही सांसद हेमामालिनी ने मथुरा-वृंदावन रेल परियोजना का खाका तैयार कराया था। इसमें मेट्रो की तर्ज पर रेल संचालन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को फोरलेन सड़क का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन रेलवे ने मेट्रो पैटर्न को बदलकर ब्रॉडगेज को मंजूरी दे दी। इसी का विरोध अब हो रहा है। हालांकि ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष के समक्ष डीआरएम ने ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट की ही वकालत की, लेकिन, अध्यक्षता कर रहे शैलजाकांत मिश्र ने मथुरा-वृंदावन के लिए यातायात की गंभीर समस्या के समाधान के लिए सड़क को प्राथमिक बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे पहले सड़क मार्ग विकसित करे, आवश्यक लगे तो एलिवेटेड लाइन पर रेल संचालन किया जाए। इस दौरान सीईओ नगेंद्र प्रताप, डीएम पुलकित खरे, एसएसपी शैलेंद्र कुमार पांडेय, नगर आयुक्त अननुय झा, गति शक्ति के डीजीएम होतम सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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मथुरा-वृंदावन रेल परियोजना को लेकर उत्पन्न गतिरोध को दूर करने के लिए रेल मंत्री के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक हुई। इसमें डीआरएम टीपी अग्रवाल ने विधायक राजेश चौधरी, जिलाधिकारी पुलकित खरे, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय की मौजूदगी में लोगों के सुझाव सुने। नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने मेट्रो पैटर्न पर काम करने की बात कही तो विपिन सिंघल ने वर्तमान प्रोजेक्ट की खामियां गिनाईं। उद्यमी देवेंद्र चौधरी और पवन चतुर्वेदी ने 25 साल आगे की स्थिति को देखते हुए प्रोजेक्ट के वर्तमान स्वरूप पर सवाल खड़े किए। अखिल अग्रवाल ने पहले प्रस्तावित प्रोजेक्ट की वकालत की।
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विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने वर्तमान परियोजना का विरोध करते हुए नीचे सड़क और ऊपर रेल ट्रैक के पक्ष में आवाज उठाई। कई लोगों ने वर्तमान प्रोजेक्ट के स्थान पर सड़क और वृंदावन रोड को विकसित करने का पक्ष लिया। सभी सुझाव लेने के बाद डीआरएम ने अंडरपास के जल भराव संबंधी शिकायत पर अपना पक्ष भी रखा। उन्होंने कहा कि सभी के सुझाव लिख लिए हैं, जल्द रेलवे इन पर पुर्नविचार करते हुए फैसला लेगा। इस दौरान पूर्व विधायक कुशपाल सिंह, पूर्व विधायक चौधरी सरदार सिंह, अजय चतुर्वेदी, राम अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, केडी अग्रवाल, अमित जैन, जितेंद्र प्रजापति, सुनील अग्रवाल, रमेश चंद्र चतुर्वेदी, जगदीश प्रसाद शर्मा आदि ने भी मौजूद रहे।
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मथुरा-वृंदावन में बंटे लोग, हंगामा
खचाखच भरे सभागार में रायशुमारी के बीच वृंदावन के श्याम सुंदर ने रेल प्रोजेक्ट को जल्द पूरा किए जाने की मांग करते हुए मथुरा के लोगों पर बाधा डालने का आरोप लगाया। इस पर सभागार में हंगामा हो गया। मथुरा-वृंदावन के प्रतिनिधि आपस में बंटे नजर आए। इस स्थिति को देखते हुए विधायक राजेश चौधरी, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय और नगर आयुक्त अनुनय झा को हस्तक्षेप करना पड़ा। एसएसपी ने भी श्याम सुंदर सहित हंगामा करने वालों को सख्त हिदायत दी, फिर एक-एक कर लोगों ने अपने सुझाव दिए।
ये मिले सुझाव
- ऊंची दीवारनुमा ब्रॉडगेज नहीं चाहिए
- जल भराव के कारण अंडरपास नहीं चाहिए
- मेट्रो की तर्ज पर बने एलिवेटेड रेलवे ट्रैक
- एलिवेेटेड ट्रैक के नीच बने सड़क मार्ग
- स्टेशनों की संख्या और बढ़ाई जाए
- करीब 12 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक का हो सौंदर्यीकरण
- एलिवेटेड रेल ट्रैक के नीच सड़क मार्ग को अन्य मार्गों से जोड़े
रेलवे ने ब्रॉडगेज का रुका काम फिर कराया शुरू
मथुरा। एक सप्ताह ठहराव के बाद मथुरा-वृंदावन रेल परियोजना पर रेलवे ने फिर काम शुरू कर दिया है। रेलवे की गति शक्ति यूनिट प्रस्तावित डिजायन के अनुरूप ही काम में जुट गई है। गोविंद नगर फाटक के पास दिनरात मिट्टी को समतल करने का कार्य किया जा रहा है। व्यापारी और उद्यमियों ने जब यह सवाल उठाया तो डीआरएम टीपी अग्रवाल चुप्पी साध गए।
पिछले सप्ताह मथुरा-वृंदावन रेल परियोजना के डिजायन को लेकर स्थानीय उद्यमियों, व्यापारियों ने विरोध किया तो रेल मंत्री ने काम रोकने के निर्देश दिए। परियोजना पर काम कर रही गति शक्ति यूनिट ने काम भी बंद कर दिया। कहा कि लोगों की भावना के विपरीत परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, लेकिन चंद दिन बाद ही रेलवे ने एक बार फिर परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। गोविंद नगर फाटक के निकट संत रविदास बगीची के पीछे रेलवे की जेसीबी काम में जुटी हैं। इस पर शुक्रवार को लोगों ने कलेक्ट्रेट में बैठक के दौरान सवाल उठाए तो रेलवे अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। होटल व्यवसाय एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अमित जैन सहित अन्य व्यापारियों ने इसकी शिकायत की। उन्होंने कहा कि जब रेल मंत्री ने समस्या का समाधान निकलने तक काम रोकने के निर्देश दिए हैं, फिर रेल अधिकारी इसमें जल्दबाजी क्यों कर रहे हैं।
पहले सड़क फिर एलिवेटेड ट्रैक बने
मथुरा। कलेक्ट्रेट में आम लोगों के सुझाव सुनने के बाद रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों की उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद कार्यालय में बैठक हुई। इस दौरान डीआरएम आगरा टीपी अग्रवाल ने आम लोगों से मिले सुझावों की जानकारी ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र को दी। साथ ही वर्तमान प्रोजेक्ट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की।
गौरतलब रहे कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के आग्रह पर ही सांसद हेमामालिनी ने मथुरा-वृंदावन रेल परियोजना का खाका तैयार कराया था। इसमें मेट्रो की तर्ज पर रेल संचालन और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को फोरलेन सड़क का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन रेलवे ने मेट्रो पैटर्न को बदलकर ब्रॉडगेज को मंजूरी दे दी। इसी का विरोध अब हो रहा है। हालांकि ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष के समक्ष डीआरएम ने ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट की ही वकालत की, लेकिन, अध्यक्षता कर रहे शैलजाकांत मिश्र ने मथुरा-वृंदावन के लिए यातायात की गंभीर समस्या के समाधान के लिए सड़क को प्राथमिक बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे पहले सड़क मार्ग विकसित करे, आवश्यक लगे तो एलिवेटेड लाइन पर रेल संचालन किया जाए। इस दौरान सीईओ नगेंद्र प्रताप, डीएम पुलकित खरे, एसएसपी शैलेंद्र कुमार पांडेय, नगर आयुक्त अननुय झा, गति शक्ति के डीजीएम होतम सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।