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Mathura News: रत्न जड़ित स्वर्ण रजत झूले में हरी पोशाक पहन दर्शन देंगे बिहारीजी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Aug 2026 12:38 AM IST
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Bihariji will grant darshan wearing a green outfit while seated on a gem-studded gold and silver swing.
वृंदावन। हरियाली तीज पर वृंदावन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारीजी महाराज रत्नजड़ित स्वर्ण-रजत झूले में 80वीं विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। ठाकुरजी के लिए दिल्ली से कारीगरों द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई हरे रंग की बेशकीमती जड़ाऊ सनील की पोशाक मंगाई। उनका रत्नजड़ित भूषणों से शृंगार किया जाएगा। झूला विहार के बाद ठाकुरजी के विश्राम के लिए सुखसेज भी सजाई जाएगी। विश्राम के बाद बिहारीजी प्रियाजी संग चांदी की शतरंज खेलकर मनोरंजन करेंगे।
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ठाकुर बांकेबिहारीजी वर्ष में केवल हरियाली तीज के दिन ही इस भव्य स्वर्ण-रजत हिंडोले पर विराजमान होते हैं। 79 वर्ष पहले तैयार किए गए इस हिंडोले को मंदिर के चौक में विशेष रूप से सजाया जाता है। इससे पहले करीब 403 वर्षों तक ठाकुरजी पेड़ों की टहनियोंपर सुगंधित फूलों और कलियों से सजाए गए हिंडोलों पर झूला विहार करते थे। स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1947 में तैयार हुए इस हिंडोले पर पहली बार ठाकुरजी ने झूला विहार किया था। वर्ष 1942 से 1947 के बीच करीब पांच वर्षों में इस हिंडोले का निर्माण कराया गया। लगभग 180 अलग-अलग हिस्सों से बने हिंडोले पर नक्काशी की बारीक कला देखने को मिलती है।
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इसमें नाचते हुए मयूर, घुमावदार सीढ़ियां, आकर्षक खंभे और ललिता, विशाखा, चित्रलेखा व रंगदेवी सखियों की आदमकद आकृतियां बनाई गईं हैं। बेल-बूटों की नक्काशी भी इसकी खासियत है। हिंडोले के निर्माण में करीब एक लाख तोले चांदी और 10 हजार तोले सोने के साथ शीशम, साल और सागवान की लकड़ी का इस्तेमाल किया गया था। हरियाली तीज पर ठाकुरजी को दोनों समय हरे रंग की विशेष जड़ाऊ पोशाक और रत्नजड़ित स्वर्णाभूषण धारण कराए जाएंगे। इस दिन मावा, मलाई, मक्खन, सादा, मीठा घेवर और फीकी, मीठी व केसरिया फैनी का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। हरियाली तीज की सबसे खास परंपराओं में ठाकुरजी की सुखसेज भी शामिल है। झूला विहार के बाद ठाकुरजी के विश्राम के लिए स्वर्ण-रजत निर्मित शयनशैया सजाई जाएगी। इसके पास रजत आइना और शृंगार की सामग्री से सुसज्जित सुहाग पिटारी रखी जाएगी। सुखसेज के पास प्रियाजी और प्रियतम के मनोरंजन के लिए चांदी की शतरंज भी सजाई जाएगी।
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