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भरत मिलाप: नयनों से मन में उतरी रघुनायक की छवि

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Oct 2025 01:27 AM IST
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bharat milaap: nayanon se man mein utaree raghunaayak kee chhavi
मथुरा। कोसीकलां में भरत शत्रुघ्न की खंड़ाऊ सहित झांकी।  - फोटो : mathura
कोसीकलां (मथुरा)। परे भूमि नहिं उठत उठाए। बर करि कृपासिंधु उर लाए, स्यामल गात रोम भए ठाढ़े। नव राजीव नयन जल बाढ़े... अर्थात भरतजी पृथ्वी पर पड़े हैं, उठाए नहीं उठते। तब कृपासिंधु श्रीरामजी ने उन्हें जबरदस्ती उठाकर हृदय से लगा लिया। उनके सांवले शरीर पर रोएं खड़े हो गए। नवीन कमल के समान नेत्रों में जल की सी बाढ़ आ गई।
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भरत मिलाप चौक...। शुक्रवार की रात्रि घड़ी की सूइयों ने जैसे ही 11:40 बजाया, पूरा चौक जय श्रीराम के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। हजारों की भीड़, पुष्पक विमान में विराजमान रघुनायक, माता जानकी और लक्ष्मण। दूसरी ओर कोसी बनी अयोध्या में भरत और शत्रुघ्न। इस क्षण को देखने के लिए पलकें बिछाए लोग मौजूद थे। भरत मिलाप चौक पर जैसे त्रेतायुग उतर आया। चारों भाइयों के मिलन को देखकर हर किसी की आंखें सजल हो उठीं। प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता 14 वर्ष के वनवास के बाद जब पुष्पक विमान से वापस अयोध्या लौटे तो प्रभु को देखकर भरत भूमि पर लेट जाते हैं। उनकी आखों से सागर रूपी करुण कुंदन बहने लगता है।
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प्रभु श्रीराम उनके पास जाते हैं और भरत को उठाकर अपने हृदय से लगा लेते हैं। लक्ष्मण और शत्रुघ्न भी 14 वर्षों के बाद एक दूसरे को देखते ही गले लग कर रोने लगते हैं।
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पुष्पक विमान की सवारी निकाली, स्वागत किया

चित्रकूट के प्रतीक ग्यालाल ट्रस्ट से पुष्पक विमान के प्रतीक रथ पर शुक्रवार रात्रि 8 बजे श्रीराम, जानकी एवं लक्ष्मण की सवारी हनुमान सहित निकाली गई। श्रीराम की सवारी को भरत मिलाप चौक पहुंचने में लगभग दो घंटे से अधिक का समय लगा। श्रीराम के पास भरत-शत्रुग्न के जाने के लिए श्रद्धालुओं ने अपने कंधों से मानव सड़क का निर्माण कर दिया। इस मानव सड़क से भरत एवं शत्रुघ्न अयोध्या के द्वार तक पहुंचे तथा वहां पहुंचकर रामजी से गले मिले।
पुराने बिजलीघर पर कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, नरदेव चौधरी, दिनेश बठैनिया, सुभाष गोयल, हरिओम गुप्ता, गांधी चिकित्सालय के समीप ब्राह्मण महासभा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश सुपानियां, रामकुमार शर्मा, रामकिशन शर्मा व अग्रवाल सभा अध्यक्ष संजीव जाविया, देशबंधु अग्रवाल ने आरती उतारी। संस्थान के मेला आचार्य मोरमुकुट शास्त्री, चेयरमैन धर्मवीर अग्रवाल, जिलाध्यक्ष निर्भय पांडेय, समन्वयक हरेंद्र ठाकुर, अध्यक्ष अजय मंगला, अजय गोयंका, अन्नू वैद्य, पूर्व चेयरमैन भगवत रूहेला आदि मौजूद रहे।

बजरंगी लाये खबरिया, राम आये नगरिया
भरत मिलाप चौक से पूर्व चित्रकूट स्थल पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के पुष्पक विमान के पहुंचने पर पूरा माहौल राममय हो गया। इसके बाद हनुमान जी ने चित्रकूट से अयोध्या के लिए प्रस्थान किया। यहां जाकर वह भरत जी को संदेश देते हैं कि भगवान राम अयोध्या की सीमा पर आ गए हैं। यह सुनते ही भरत जी हनुमान जी के साथ अयोध्या की सीमा पर आने की तैयारी शुरू कर देते हैं।
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