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Mathura News: बंगाली वेब सीरीज ने वृंदावन नगरी में शूट किए अश्लील दृश्य
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वृंदावन। भक्ति और आस्था के वैश्विक केंद्र वृंदावन धाम की मर्यादा को तार-तार करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। बंगाली वेब सीरीज वृंदावनी वैराग्य को लेकर स्थानीय लोगों और ब्रजवासियों में गहरा रोष है। आरोप है कि इस फिल्म में अश्लीलता परोसकर करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है।
फिल्म का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा ऐतिहासिक मंदिरों के आसपास और पावन यमुना किनारे शूट किया गया है। 1 घंटे 30 मिनट की इस बंगाली फिल्म को एडल्ट साइट्स पर न्यूडिटी और बोल्ड कंटेंट के साथ परोसा जा रहा है, जिससे इसकी क्लिपिंग्स सोशल मीडिया पर वायरल हैं। फिल्म मूल रूप से दो लड़कियों और एक लड़के के निजी जीवन, अवसाद और भटकाव पर आधारित है। इसमें धार्मिक स्थलों का दुरुपयोग किया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जहां देश-विदेश से लोग आध्यात्मिक शांति के लिए बांके बिहारी और राधा रमण मंदिर आते हैं, वहीं ऐसी फिल्में यहां की सांस्कृतिक छवि को धूमिल कर रही हैं। संतों और ब्रजवासियों ने इस कृत्य की निंदा करते हुए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है। महंत मोहिनी शरण महाराज का कहना है कि सेंसर बोर्ड को ऐसी सीरीज बनाने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही जिन लोगों ने ऐसे लोगों की मदद की है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। बिहारीलाल वशिष्ठ का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए।
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फिल्म का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा ऐतिहासिक मंदिरों के आसपास और पावन यमुना किनारे शूट किया गया है। 1 घंटे 30 मिनट की इस बंगाली फिल्म को एडल्ट साइट्स पर न्यूडिटी और बोल्ड कंटेंट के साथ परोसा जा रहा है, जिससे इसकी क्लिपिंग्स सोशल मीडिया पर वायरल हैं। फिल्म मूल रूप से दो लड़कियों और एक लड़के के निजी जीवन, अवसाद और भटकाव पर आधारित है। इसमें धार्मिक स्थलों का दुरुपयोग किया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जहां देश-विदेश से लोग आध्यात्मिक शांति के लिए बांके बिहारी और राधा रमण मंदिर आते हैं, वहीं ऐसी फिल्में यहां की सांस्कृतिक छवि को धूमिल कर रही हैं। संतों और ब्रजवासियों ने इस कृत्य की निंदा करते हुए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है। महंत मोहिनी शरण महाराज का कहना है कि सेंसर बोर्ड को ऐसी सीरीज बनाने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही जिन लोगों ने ऐसे लोगों की मदद की है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। बिहारीलाल वशिष्ठ का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी चाहिए।
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