{"_id":"56f929cf4f1c1b2d02f00124","slug":"basauda-pujan-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं ने किया शीतला माता का पूजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं ने किया शीतला माता का पूजन
अमर उजाला ब्यूरो वृंदावन
Updated Mon, 28 Mar 2016 11:38 PM IST
विज्ञापन
महिलाओं ने किया शीतला माता का पूजन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शीतला माता की पूजा के लिए सोमवार को नगर के देवी मंदिरों में महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सूरज घाट और गोपीनाथ बाजार स्थित शीतला माता के मंदिरों में सुबह से ही महिलाएं भजन-पूजन के लिए पहुंचने लगी थीं। पूजन-अर्चन कर उन्होंने परिवार के सुख, शांति और कष्टों से मुक्ति की कामना की।
स्थानीय निवासी रचना, विद्या शर्मा ने बताया कि चैत्र मास के होली के बाद पड़ने वाली पंचमी से अष्टमी तक शीतला माता की पूजा की जाती है। मान्यता है कि शीतला माता का पूजन और उपवास रखने से परिवार में बुखार, चेचक, छोटी माता आदि परेशानियां नहीं होती हैं।
शीतला माता की पूजा में एक दिन पहले बने पकवानों का भोग लगाया जाता है। बीना अग्रवाल, संगीता, दुर्गादेवी, शैलजा, मीना आदि ने बताया कि शीतला माता के पूजन को बासौड़ा भी कहते हैं। विधि विधान से किए जाने वाले पूजन में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए इसका विशेष ध्यान रखना होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्थानीय निवासी रचना, विद्या शर्मा ने बताया कि चैत्र मास के होली के बाद पड़ने वाली पंचमी से अष्टमी तक शीतला माता की पूजा की जाती है। मान्यता है कि शीतला माता का पूजन और उपवास रखने से परिवार में बुखार, चेचक, छोटी माता आदि परेशानियां नहीं होती हैं।
विज्ञापन
शीतला माता की पूजा में एक दिन पहले बने पकवानों का भोग लगाया जाता है। बीना अग्रवाल, संगीता, दुर्गादेवी, शैलजा, मीना आदि ने बताया कि शीतला माता के पूजन को बासौड़ा भी कहते हैं। विधि विधान से किए जाने वाले पूजन में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए इसका विशेष ध्यान रखना होता है।
विज्ञापन