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Mathura News: प्राचीन स्वरूप में लौटेंगी बरसाना की पहाड़ियां
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मथुरा। श्रीजी के गांव से जुड़ी पहाड़ियों का पुराने स्वरूप में नजर आएंगी। बरसाना के आसपास राजस्थान की सीमा स्थित पहाड़ियों को हराभरा करने की योजना बनाई गई है। 98 हेक्टेयर में फैले इन पहाड़ों पर कीकड़, बबूल को हटाकर कृष्ण कालीन पौधे लगाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने इसकी योजना बनाई है।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने बरसाना के आसपास राजस्थान की सीमा स्थित पहाड़ियों को हराभरा करने की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत रांकोली की पहाड़ी से होगी। 98 हेक्टेयर में फैली इस पहाड़ी की तार फेंसिंग कराई जाएगी। इसमें प्लांटेशन, कल्चरल ऑपरेशन, वाटर हार्वेस्टिंग समेत अन्य कार्य कराए जाएंगे। रांकोली के बाद पर्वतीय श्रंखला में शामिल सखी गिरी पर्वत और ढवाला पहाड़ी को भी खूबसूरती प्रदान की जाएगी।
वर्तमान में यह पहाड़ी क्षेत्र हरियाली विहीन हो गया है। सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इन पहाड़ियों को हराभरा करने की योजना है। इसमें कीकड़, बबूल के वृक्षों को हटाकर कृष्ण कालीन पौधे़ लगाए जाएंगे। करीब 2.11 करोड़ रुपये से ये कार्य किया जाएगा। पहाड़ियों को प्राचीन स्वरूप देने के लिए एक संस्था का सहयोग लिया जाएगा। संवाद
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उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने बरसाना के आसपास राजस्थान की सीमा स्थित पहाड़ियों को हराभरा करने की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत रांकोली की पहाड़ी से होगी। 98 हेक्टेयर में फैली इस पहाड़ी की तार फेंसिंग कराई जाएगी। इसमें प्लांटेशन, कल्चरल ऑपरेशन, वाटर हार्वेस्टिंग समेत अन्य कार्य कराए जाएंगे। रांकोली के बाद पर्वतीय श्रंखला में शामिल सखी गिरी पर्वत और ढवाला पहाड़ी को भी खूबसूरती प्रदान की जाएगी।
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वर्तमान में यह पहाड़ी क्षेत्र हरियाली विहीन हो गया है। सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इन पहाड़ियों को हराभरा करने की योजना है। इसमें कीकड़, बबूल के वृक्षों को हटाकर कृष्ण कालीन पौधे़ लगाए जाएंगे। करीब 2.11 करोड़ रुपये से ये कार्य किया जाएगा। पहाड़ियों को प्राचीन स्वरूप देने के लिए एक संस्था का सहयोग लिया जाएगा। संवाद
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